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डीआयबी से भारत में पुरस्कृत शिक्षा अभियानों से शिक्षा के स्तर में 30 प्रतिशत की बढोतरी हुई

मुंबई :- भारत में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए डीआयबी फंड जुटाने के लिए परिणाम आधारित नवोन्मेषी कल्पना का उपयोग करता है। दुनिया के सबसे बड़े शिक्षा विकास  बॉन्ड DIB ने भारत में शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर शिक्षा क्षेत्र में जो अभियान चलाये गए उनके परिणाम से यह स्पष्ट हुआ है कि डीआयबी ने भारत में पुरस्कृत शिक्षा अभियानों से शिक्षा के स्तर में 30 प्रतिशत की बढोतरी हुई है।
ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, रिचर्ड हॉक्स ने कहा, “वास्तव में, इस पहल को लागू करने वाले डीआयबी और एनजीओ के लिए पहला साल स्टार्ट अप साल था, जिसमें इस संकल्पना को समझ कर इसके कार्यान्वयन में सुधार करने के प्रयोग पुरे सालभर शुरू थे। हमारी यह इच्छा है कि डीआयबी पहलसे लिए हुए शिक्षा का उपयोग शैक्षिक गुणवत्ता ‘रेट कार्ड’ बनाने के किया जाए। इससे शिक्षा पर किए गए निवेश के प्राप्त परिणामों के आधार पर मूल्यांकन किया जा सकेगा और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करेगा।
भारत में बुनियादी साक्षरता और संख्या विज्ञान का स्तर सुधारने के लिए, डीआयबी के गुणात्मक शिक्षा पहल की शुरुआत सितंबर 2018 में हुई। शैक्षिक परिणाम / मानदंडो के आधार पर निधि जुटाने के अभिनव प्रयोग पर डीआयबी जोर देता है। विशेष रूप से जितना निवेश किया है उससे अधिकतम परिणाम प्राप्त करने की कोशिश रहती है। दिल्ली और गुजरात में चार परियोजनाओं पर काम करते हुए डीआयबी ने 600 स्कूलों के 100000 छात्रों तक पहुंचने की कोशिश की है। डीआयबी का यह चार साल की अभियान है जो 2022 को खत्म होगा।
पहले साल से के परिणामों से ही यह साबित हुआ हैं कि डीआयबी अभियान में सहभाग लिए हुए स्कूलों में से 40 प्रतिशत स्कूल छात्रों के लिए निर्धारित शिक्षा विकास के लक्ष्य हासिल किये हैं, या कही उससे भी आगे निकलकर इस अभियान में शामिल न होने वाले स्कूलों की तुलना में अच्छे नतीजे हासिल किये हैं। इस अभियान की एक साल की शिक्षा प्रगति की वजह से इसमें निवेश करने वाले निवेशकों की रिस्क कम हो गई है, क्योंकि डीआयबी के अभियान के कूल कालावधी की औसत से यह परिणाम अच्छे आये हैं।
भारत में शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से कार्यरत डीआयबी ने परिणामों के आधार पर निधि जुटाने की अभिनव खोज की है, इस पध्दति से भारत में हजारों बच्चों की आजीविका को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
 भारत के मिशेल और सुजैन डेल फाउंडेशन की निदेशक गीता गोयल ने कहा, “परिणाम आधारित निधि के इस मॉडल के कारण प्रोत्साहन लाभ के साथ इसे बढ़ावा देने के अलावा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है।
डीआयबी के प्रशासक बोर्ड की मुख्य समिति में ब्रिटीश एशियन ट्रस्ट, द मिशेल अंड सुझान डेल फाउंडेशन, युबीएस ओप्तीमास फौंडेशन और टाटा ट्रस्ट शामिल है, कॉमिक रिलीफ यह ब्रिटिश सरकार के अंतरराष्ट्रीय विकास विभाग की एनजीओ, मित्तल फाउंडेशन, बीटी आणि लॉरेन्स एलिसन फाउंडेशन भी शामिल है। ग्रे मैटर्स इंडिया (GMI) इस स्वायत्त संगठन ने एक वर्ष के परिणामों का तटस्थ मूल्यांकन किया है।

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