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मुंबई : विश्व कैंसर दिवस एक ऐसा दिन है जो पूरे विश्व को कैंसर जैसी बीमारी के लिए एकजुट कर लेता है। पूरे विश्व में विश्व कैंसर दिवस 4 फरवरी को मनाया जाता है जिसका उद्देश्य लाखों लोगों को कैंसर के विषय में जानकारी और शिक्षा के माध्यम से जागरूक करना है। कैंसर के रोगियों और उनकी सेवा करने वालों को उत्साहित और प्रेरित करने के लिए एक मिशन और दृष्टि लेकर एक्सिओमैक्स और कैडेन्स मीडिया ने मिलकर जनहित के लिए 'हौसला ' नाम से एक संगीत एल्बम जारी किया है। इसमें पांच भाषाओं- हिंदी , मराठी, बंगाली , तमिल  और कन्नड़ में गाने हैं। एल्बम 'हौसला' में प्रसिद्ध गायक हिंदी , बंगाली और मराठी में और विजय प्रकाश ने तमिल और कन्नड़ में गाये हैं और अंजलि खंडेलवाल और मनन सामंथा ने सहयोग दिया है और हिंदी का गीत रवि बसनेत ने तैयार किया है।
 हाल ही में ' हौसला ' का वीडियो द व्यू अंधेरी में रिलीज हुआ ।
उसी अवसर पर प्रसिद्ध अभिनेता - निर्देशक अनंत महादेवन विशेष रूप से उपस्थित हुए और कार्यक्रम का संचालन फ़िल्म अभनेत्री जश्न अग्निहोत्री ने किया ।
हौसला के कहानी , संगीत संयोजन और निर्देशन हितेश मिश्रा ,सहायक निर्देशक विकास पंत , डी ओ पी सितांशु खमारी हैं । हौसला के कलाकार साहिल छाबरा , शेजरे एच मिर्जा , पृथ्वी राज नायक , नीतू सिंह , डॉ. हृदयनन्दा पटनायक , नम्रता दस , अमन कोटक , शंकर मैहर हैं। 'हौसला' के विषय में गायक शान कहते हैं कि हितेश ने इस एल्बम में बहुत ही प्रेरक गीत तैयार किये हैं जो मुझे लगता है कि लाखों लोगों को प्रेरित करेगा।
‘हौसला’ के निर्देशक हितेश मिश्रा ने 11 वर्ष की उम्र में गिटार बजाना सीखा और 4 वर्ष में तबला बजाने लगे और बी एस सी ऑनर्स करने के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर का काम करने लगे। वह 1997 में मुंबई आये और हरिहरन और अन्य प्रसिद्ध गायकों के लिए गिटार बजाना शुरू किया। फिर उन्होंने 2005 में संगीत निर्देशक बन गए। उन्होंने ढेर सारे बॉलीवुड गायकों के साथ काम किया , सैकड़ो व्यावसायिक जिंगल्स तैयार किये। इसके अलावा उन्होंने ओस फिल्म के लिए सहायक प्रोडूसर के तौर पर काम किया जिसको 2013 में नौ अन्तर्रष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए थे।
हितेश मिश्रा का कहना है कि ' मैं भले ही फिल्म निर्देशन और प्रोडक्शन में काम करने लगा हूँ मगर मेरी जड़ें संगीत में हैं। मेरे यात्रा की जड़ें संगीत में हैं और मैं जो भी सकारात्मक काम करता हूँ उसकी प्रेरणा संगीत से ही मिलती है। मैं जनता के सामने हमेशा कुछ नया प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूँ। मैं अच्छे काम में विश्वास करता हूँ और कितना काम किया इस पर विचार नहीं करता। मैं संगीत के माध्यम से कैंसर के मरीजों के लिए कुछ करना चाहता था जो इस जानलेवा बीमारी से ग्रसित हैं। मैं कैंसर के मरीजों को प्रेरित करने और उनमे यह उत्साह जगाने के लिए कि कैंसर का निदान है वह साहस न छोड़ें। संगीत के माध्यम से दृढ संकल्प और आत्मविश्वास जागृत होता है ।
 अनिल कुमार जो एक्सिओमैक्स के कार्यकारी निर्देशक हैं पिछले 32 वर्षो से हेल्थकेयर के क्षेत्र में काम कर रहे हैं कहते हैं, ' कैंसर जैसी गंभीर और लम्बी बीमारी के दौरान परिवारजनों और दोस्तों का सहयोग बहुत जरूरी होता है। जैसे ही कैंसर के मरीज को यह पता चलता है कि वह इस खतरनाक बीमारी से ग्रसित है तो वह कई भावनात्मक दौर से गुजरता है ।
हौसला के इस गीत में नायक जीत अपने कैरियर के उफान पर कैंसर का रोगी हो जाता है , वह पूरी तरह एकांतवासी हो जाता है, पागल जैसा हो जाता है और परिवारजनों और मित्रों के शुरूआती प्रेरणाओं का कोई जवाब नहीं देता। तब उसकी मंगेतर उसे सामान्य करने के लिए अमेरिका से लौटती है। वह धीरे-धीरे सामान्य होने लगता है , अवसाद से निकल कर वह एक विजयी के रूप में सामने आता है।  

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