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महिलाएं आज भले ही पुरषों की बराबरी कर ली हैं मगर फिर भी कहीं न कहीं वे यौन शोषण का शिकार हो रही हैं । नारी अपनी अदम्य सहनशीलता का परिचय देते हुए कठिन संघर्ष के दौर से गुजरकर मुकाम हासिल कर पाती है । नारी शोषण के मामले में भले ही फ़िल्म इंडस्ट्री बदनाम है लेकिन ऐसे कई क्षेत्र हैं जहाँ यौन उत्पीड़न वाली खबरें उभरकर समाज तक पहुंचती है ।
  बॉलीवुड में कदम रखी नई अदाकारा लरीसा चैक्ज़ भी इन्ही लड़कियों में से एक है जो शोषण का शिकार होने से बचते हुए एक हिंदी फिल्म ' लफंगे नवाब ' में अपनी जगह बना पाई ।
  आसाम की रहने वाली लरीसा चैक्ज़ को इस फिल्मी ब्रेक के लिए काफी लंबा वक्त का इंतजार करना पड़ा । वह बताती है कि छोटी उम्र में उनके पिता का स्वर्गवास हो गया था । फिर बाद में मुश्किलों का सामना कर पढ़ाई के साथ डांस भी करने लगी । उसके बाद राज्यस्तरीय मॉडलिंग कर थोड़ी बहुत पहचान बनाने के बाद अभिनय क्षेत्र में नाम कमाने की इच्छा जागृत हुई तो दिल्ली पहुंच गई । दिल्ली में लरीसा का सामना ऐसे गलत लोगों से हुई जो उसे कम्प्रोमाइज का ऑफर देने लगे । उन लोगों को ठेंगा दिखाकर उसने मुम्बई की उड़ान भरी मगर सफलता हाथ नही लगी । फिर वह अपनी सहेली की मदद से गुजरात पहुंची और जॉब के लिये इंटरव्यू देने गई तो वहाँ भी कम्प्रोमाइज वाला चक्कर से वह परेशान हो गई बावजूद इसके उसने हिम्मत नहीं हारी और बंगलुरू चली गई और स्टेज डांस कार्यक्रमों में सक्रिय हो गयी ।
 स्टेज शो करते हुए लरीसा आर्थिक रूप से मजबूत हुई है और अब वह बॉलीवुड में अपना सपना साकार करना चाहती है ।
 फ़िल्म लफंगे नवाब के बारे में लरीसा चैक्ज़ बताती है कि फ़िल्म के निर्माता से कुछ साल पहले आसाम में मुलाकात हुई थी । जब उनकी फिल्म शुरू हुई तो मैं ऑडिशन देने लखनऊ पहुंची और सेकेंड लीड के लिए चुनी गई । इस सस्पेंस फ़िल्म में मुझपर दो गीत फिल्माया गया है ।
चूंकि मैं असमी हूँ इसीलिए हिंदी भाषा पर पकड़ बनाने के लिए बहुत मेहनत कर रही हूँ ताकि डायलॉग डिलीवरी में असहजता महसूस न हो सके ।

- संतोष साहू

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