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 चित्र में बांये से दांये - नरेंद्र सिंह कोहलन (वित्त अधिकारी), पार्थ जिंदल (जे एस डब्ल्यू सीमेंट के निदेशक), नीलेश नार्वेकर (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) और के. स्वामीनाथन (मार्केटिंग अधिकारी)

   पूँजीगत-व्यय में कुल ~2,875 करोड़ रुपये का निवेश

मुंबई: भारत में ग्रीन सीमेंट के सबसे बड़े निर्माता के रूप में प्रतिष्ठित जे एस डब्ल्यू सीमेंट लिमिटेड, 14 बिलियन डॉलर के जे एस डब्ल्यू ग्रुप का हिस्सा है, जिसे स्वीडन के EPD इंटरनेशनल AB द्वारा एनवायरमेंट प्रोडक्ट डिक्लेरेशन (EPD) प्राप्त हुआ है, जिसकी EPD पंजीकरण संख्या S-P-01414 है। यह डिक्लेरेशन बताता है कि कंपनी के PSC सीमेंट से ग्लोबल वार्मिंग की संभावना सीमेंट इंडस्ट्री में सबसे न्यूनतम है। कंपनी को प्राप्त एनवायरमेंट प्रोडक्ट डिक्लेरेशन के अनुसार जे एस डब्ल्यू सीमेंट के PSC की ग्लोबल वार्मिंग पोटेंशियल (GWP) 325.14 kg CO2/ MT है (इसकी तुलना में विशिष्ट OPC सीमेंट का पोटेंशियल 760-800 kg CO2/MT तथा विशिष्ट PPC सीमेंट का पोटेंशियल 560-650 kg CO2/MT है), जो भारत की सभी सीमेंट निर्माण कंपनियों में सबसे कम होने के साथ-साथ पूरी दुनिया में इसके न्यूनतम स्तर में से एक है। इस लाइफ-साइकिल एसेसमेंट को थिंकस्टेप सस्टेनेबिलिटी सॉल्यूशंस द्वारा स्वतंत्र रूप से तैयार किया गया था।
जे एस डब्ल्यू सीमेंट, स्टील प्लांट्स से एक बाय-प्रोडक्ट के रूप में निकलने वाले ब्लास्ट फर्नेस स्लैग को सीमेंट उत्पादों में बदलता है। JSW पोर्टलैंड स्लैग सीमेंट (PSC) कंपनी का एक फ्लैगशिप प्रोडक्ट है। यह एक मिश्रित सीमेंट है और बाज़ार में उपलब्ध पारंपरिक सीमेंट उत्पादों की तुलना में इसकी अन्तिम क्षमता सबसे ज्यादा है, साथ ही यह रासायनिक हमलों को भी बेअसर करता है। JSW के PSC में क्लिंकर अनुपात बहुत कम है, जो प्राकृतिक संसाधनों, अर्थात चूना पत्थर तथा कोयला एवं पेट-कोक जैसे ठोस ईंधन और पानी के संरक्षण में मददगार है। भारतीय बाज़ार में उपलब्ध अन्य सभी प्रकार के सीमेंट उत्पादों की तुलना में इसमें विद्युत ऊर्जा की बेहद कम खपत होती है।
वर्तमान में, JSW सीमेंट भारत की शीर्ष 10 सीमेंट कंपनियों में से एक है जिसके विनिर्माण संयंत्र भारत के पश्चिमी, दक्षिणी एवं पूर्वी क्षेत्रों में मौजूद हैं। यह कंपनी को इन क्षेत्रों में ग्राहकों की ग्रीन सीमेंट की मांग को पूरा करने में सक्षम बनाता है। इसलिए कंपनी ने वर्ष 2023 तक सीमेंट निर्माण क्षमता को 25 MTPA तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इस तरह कंपनी ने अपने पहले की क्षमता में 25% की बड़ी वृद्धि की योजना बनाई है, और इसका उद्देश्य देश में सीमेंट की बढ़ती मांग को पूँजी में परिणत करना है। उत्पादन क्षमता का लक्ष्य हासिल करने के बाद, JSW सीमेंट भारत की शीर्ष 5 सीमेंट कंपनियों में शामिल हो जाएगा।
  जे एस डब्ल्यू सीमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर पार्थ जिंदल ने बताया, “EPD इंटरनेशनल से प्राप्त यह प्रमाण-पत्र, वास्तव में पर्यावरण की दृष्टि से संवहनीय कार्यप्रणाली के साथ-साथ विकास की हमारी रणनीति की पुष्टि करता है। ग्रीन मटेरियल को केंद्रीय स्थान प्राप्त हो रहा है, जो भारत में बुनियादी ढाँचे के संवहनीय तरीके से विकास से प्रेरित है। भारत में बुनियादी ढाँचे के विकास की गाथा में सबसे अहम भूमिका निभाने की अपनी रणनीति के हिस्से के रूप में, हमने सीमेंट की समग्र उत्पादन क्षमता के लक्ष्य को संशोधित किया है और इसे वर्ष 2023 तक 25 MTPA पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। उत्पादन क्षमता के विस्तार के पूरा होने पर, हम भारत की शीर्ष 5 सीमेंट कंपनियों में शामिल हो जाएंगे।
जे एस डब्ल्यू सीमेंट की मौजूदा उत्पादन क्षमता 14 MTPA है। ओडिशा में इसकी सहायक कंपनी, शिवा सीमेंट लिमिटेड ने कई परियोजनाओं की शुरुआत की है, जो कंपनी को अपनी उत्पादन क्षमता को 25 MTPA तक बढ़ाने के लक्ष्य को हासिल करने में सक्षम बनाएगा।

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