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चीनी के बिना एक मिठी दीवाली, लेकिन डाबर हनी से बनी पारंपरिक मिठाईयों के साथ बेहतर स्वस्थ का जश्न

मुंबई :- महामारी के कारण हमारे आसपास काफी तनाव का माहौल है, लेकिन यह दिवाली एक बार फिर से अपने करीबी दोस्तों और परिवार के साथ जीवंत जिंदगी का उत्सव मनाने का वादा करती है। दिवाली की शुरुआत लोगों के बीच एक उत्सव की भावना को सामने लाती है। दीयों से घर को सजाने से लेकर, नए व्यंजनों को तैयार करने तक, दिवाली सभी तरह के मज़े, भोजन और परिवार के बारे में है। इस त्योहारी सीजन में, डाबर इंडिया लिमिटेड, मुंबई की प्रसिद्ध मिठाइयों में डाबर हनी आधारित मिठाइयों के साथ एक स्वादिष्ट और स्वस्थवर्धक बदलाव ला रहा है।

 कुणाल शर्मा, कैटेगरी हेड, हेल्थ सप्लीमेंट्स, डाबर इंडिया लिमिटेड ने कहा कि “डाबर हनी हर साल इस उत्सव के उत्साह में मिठास घोल रहा है। इस साल, दिवाली के दौरान स्वास्थ्य की अपनी यात्रा में उपभोक्ता को भागीदार बनाने के लिए, हम इस नए सीजन को डाबर हनी आधारित पारंपरिक मिठाइयों के साथ मनाने के लिए एक अभिनव विचार के साथ आए हैं। इस प्रयास के तहत हम मुंबई में कुछ प्रसिद्ध मिठाई की दुकानों के साथ सहभागिता में डाबर हनी के साथ मिठाईयां बना रहे हैं।

दिवाली के इस मौके पर डाबर हनी ने मुंबई भर में मिठाई की दुकानों के साथ गठजोड़ किया है और इस प्रयास में गाजर हलवा, गुलाब जामुन, मोतीचूर के लड्डू, पेड़ा आदि जैसी परंपरागत मिठाईयों को डाबर हनी के साथ इनोवेटिव अंदाज में तैयार किया है। प्रमोटर्स आम लोगों को चीनी की बजाए शहद के साथ बनी मिठाईयों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

 कुणाल शर्मा ने कहा कि “दिवाली एक ऐसा समय होता है जब मिठाइयों का अधिक सेवन होता है, लोगों को स्वस्थ रूप से समान रूप से मुंह में पानी लाने वाली मिठाईयों को लेने का प्रयास करना चाहिए। चीनी के स्थान पर शहद जोड़ने से हमें उन लाभों की मदद मिल सकती है जो हमारे शरीर को चाहिए। इस पहल के साथ, इस विचार को आगे बढ़ाना है कि चीनी को मिठाइयों के स्वास्थ्यवर्धक शहद की मात्रा के साथ बदला जा सकता है। हमारा मकसद है-“चीनी के बिना एक स्वस्थ दिवाली मनाएं, लेकिन डाबर हनी के साथ।

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