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मुंबई : यूनियन बैंक ऑफ इंडिया,ने समामेलन के पश्चात बैंकिंग जगत में सकारात्मक प्रगति की है। पहली तिमाही में 333 करोड़ का लाभ दर्ज कर बैंक ने सघनता से एनपीए प्रबंधन किया है। लॉकडाउन के बावजूद गैर-निष्पादित खातों की चल एवं अचल संपत्तियों की नीलामी का सफल प्रयास किया है। 

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, जो 01.04.2020 से समामेलन के बाद अब आकार में वृहद हो गया है, ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी सार्वजनिक ई-नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से प्रतिस्पर्धी दरों पर वाणिज्यिक परिसर,फ्लैट, स्वतंत्र आवास, खाली प्लॉट, औद्योगिक इकाइयों की अचल संपत्तियों के मासिक मेगा ई- नीलामी का सफल आयोजन किया है। 

वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान, बैंक ने जुलाई, 2020 से वित्तीय परिसंपत्तियों के प्रतिभूतिकरण और पुनर्निर्माण और प्रतिभूति ब्याज प्रवर्तन अधिनियम 2002 के तहत संरक्षित परिसंपत्तियों यथा मुख्य रूप से अचल संपत्तियों की बिक्री की प्रक्रिया सफलतापूर्वक शुरू की है और मासिक आधार पर मेगा ई-नीलामी को जारी रखा है। बैंक ने इस वित्तीय वर्ष के दौरान चार मेगा ई-नीलामी का आयोजन किया है और प्रत्येक मेगा ई-नीलामी के दौरान सफल बोलीकर्ताओं को अनेक संपत्तियों की नीलामी की है, जिससे अब तक संतुष्ट ख़रीदारों की संख्या 305 तक पहुँच गई है। 

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया मासिक आधार पर मेगा ई-नीलामी का प्रस्तावित करता है और संभावित ख़रीदारों को अपने मेगा ई-नीलामी के माध्यम से बेहतर सौदा चुनने हेतु एक अधिक व्यवस्थित और संगठित रूप से ऑनलाइन ई-नीलामी आयोजित करता है. ऑनलाइन ई-नीलामी प्लेटफॉर्म बोलीकर्ताओं को आवास/अन्य संपत्तियों की खोज, नीलामी प्रक्रिया में भागीदारी की सुविधा और सरलता, समय की बचत के साथ पारदर्शी बोली प्रक्रिया सुनिश्चित करने का एक मंच प्रदान करता है।

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