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क्या आप युवा और सिंगल हैं? तब आपको यह सोचना चाहिए कि लंबे समय में अपनी वित्तीय स्वतंत्रता को कैसे बनाए रखा जाए। लोगों को लगता है कि वित्तीय स्वतंत्रता का मतलब सिर्फ मोटी रकम कमाना है, लेकिन यह पूरा सच नहीं है। जीवनभर आर्थिक रूप से स्वतंत्र रहने के लिए आपको अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग, इन्वेस्टमेंट और मैनेजमेंट की आवश्यकता है। यदि आप एक युवती है तो आपको यह जानना होगा कि वित्तीय स्वतंत्रता अच्छी शिक्षा, ठोस फाइनेंशियल प्लानिंग और स्मार्ट निवेश से आती है। इस बारे में अधिक जानकारी दे रहें हैं एंजल ब्रोकिंग लिमिटेड के सीएमओ प्रभाकर तिवारी।

1. क्वालिटी हायर एजुकेशनः अर्थव्यवस्था के संगठित क्षेत्र में रोजगार के लिए और स्थिर और उच्च आय अर्जित करने के लिए उच्च शिक्षा की आवश्यकता है। इस वजह से युवतियों को कॉलेज की शिक्षा में निवेश करना चाहिए और अपना करियर शुरू करने के लिए एक क्वालिटी वाले इंस्टिट्यूशन में पढ़ाई की पूरी कोशिश करनी चाहिए। युवतियों को अपने फाइनेंस का मैनेजमेंट करने के लिए फाइनेंशियल लिटरेसी की आवश्यकता होती है। बुनियादी शिक्षा और प्रारंभिक ज्ञान के बिना फाइनेंस मैनेजमेंट करना मुश्किल होगा। इस वजह से यदि आप एक युवा महिला हैं, तो आपको बुनियादी वित्तीय प्रबंधन के बारे में खुद को शिक्षित करने की आवश्यकता है।

2. फाइनेंशियल प्लानिंगः सबसे पहले आपको अपने फाइनेंशियल टारगेट्स के बारे में स्पष्ट होना होगा, फिर चाहे बात बच्चों की शिक्षा की हो या रिटायरमेंट के बाद की लाइफस्टाइल की। अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग करते समय मुद्रास्फीति को ध्यान में रखना बेहद आवश्यक है। वैसे तो आप एक योग्य वित्तीय योजनाकार से परामर्श कर सकती हैं, अपने स्तर पर रिसर्च करना भी महत्वपूर्ण है। आप प्रामाणिक वेबसाइटों पर वित्तीय साधनों की जानकारी को हासिल करने के लिए ब्राउज़ कर सकती हैं। उसी फाइनेंशियल प्लानिंग को चुनने के चक्कर में न पड़ें, जिसे दूसरे लोग चुन रहे हैं। आपको अपनी जोखिम की भूख, वित्तीय लक्ष्यों और लाइफ-स्टेज की जरूरतों के अनुसार खुद की कस्टमाइज्ड फाइनेंशियल प्लान चुनने की आवश्यकता है। अपने फाइनेंशियल टारगेट्स के रियलिस्टिक असेसमेंट के अलावा आपको अप्रत्याशित संकट परिस्थितियों जैसे तलाक, मौत, आदि के लिए योजना बनाना होगी। यह महत्वपूर्ण है कि आप अप्रत्याशित त्रासदी या संकट के दुर्भाग्यपूर्ण मामले में भी वित्तीय स्वतंत्रता को बनाए रखें।

3. निवेश: यदि आपने अपना करियर अभी शुरू किया है, तो आपको शॉर्ट-टर्म गोल्स और लॉन्ग टर्म गोल्स दोनों के लिए निवेश शुरू करना होगा। आपको यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि आपके द्वारा निवेश किए जाने वाले उपकरण आपको आवश्यकता से अधिक उधार लेने की आवश्यकता नहीं है। स्मार्ट निवेश के लिए, आपको यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि रिस्क विभिन्न उपकरणों पर वितरित है। एक हाई-रिस्क साधन जैसे इक्विटी की भरपाई के लिए बॉन्ड जैसे स्थिर आय देने वाले साधन होना चाहिए। आपका निवेश फंड इक्विटी, डेट, जीवन बीमा, रियल एस्टेट आदि का विवेकपूर्ण संयोजन होना चाहिए।

इक्विटी एक अच्छा निवेश विकल्प है। लंबी अवधि की जरूरतों जैसे रिटायरमेंट फाइनेंस की प्लानिंग के लिए एक व्यवस्थित निवेश योजना (एसआईपी) के माध्यम से इक्विटी म्यूचुअल फंड (ईएमएफ) का चयन करना और भी स्मार्ट होगा। आपको एक अच्छे हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में भी निवेश करना चाहिए, भले ही आप युवा हों, स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे कम उम्र में भी आ सकते हैं। आपात स्थितियों के लिए तैयार रहने के लिए, आपको लिक्विड फंड्स को बनाने में भी निवेश करना चाहिए।

अपनी शॉर्ट-टर्म जरूरतों को पूरा करने के लिए एफडी, पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट, डेट फंड और फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान (एफएमपी) जैसे उपकरणों में निवेश करना उचित है। एक और अच्छा तरीका है समय-समय पर अपने बचत खाते में एफडी या रेकरिंग डिपॉजिट पर एक विशिष्ट सीमा से अधिक धन को ट्रांसफर करना। आप आपात स्थिति के लिए लिक्विडिटी की बचत करते हुए अधिक लाभ कमाते हैं। महिलाएं अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा हैं और उनकी आर्थिक स्वतंत्रता देश के विकास के लिए न केवल महत्वपूर्ण है बल्कि यह उनका अधिकार भी है। वर्कफोर्स में महिलाओं के बढ़ते प्रतिनिधित्व के साथ यह आवश्यक है कि हम युवतियों के बीच फाइनेंशियल लिटरेसी के बारे में जागरूकता फैलाएं।

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