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'होमवर्क खो दिया', 'होमवर्क भूल गया', 'कुत्ते ने मेरा होमवर्क खा लिया’ जैसे मजेदार बहानें शामिल
मुंबई, 14 जुलाई 2019: यदि आप सोच रहे हैं कि आपका बच्चा अपना होमवर्क पूरा करने के लिए उत्सुक नहीं है, तो आप अकेले नहीं हैं। छात्रों और होमवर्क के बीच के कड़वे रिश्तों को कैसे समझने के लिए दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन पीयर-टू-पीयर लर्निंग कम्युनिटी ब्रेनली द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में पाया गया है कि कई छात्रों ने समय पर अपने असाइनमेंट सबमिट करने का दावा किया लेकिन लगभग 49% ने स्वीकार किया कि वे ऐसा करने में सक्षम नहीं थे और इसके लिए उन्हें कोई न कोई बहाना इस्तेमाल करना पड़ा। जब भी छात्रों को कोई बहाना बनाने की आवश्यकता पड़ती है तो वह 'होमवर्क खो दिया' या 'तकनीकी कठिनाइयों' (18.7%), 'समय की कमी', 'व्यक्तिगत चोट' (14.6%), 'सिरदर्द', 'होमवर्क भूल गया', 'बीमार भाई / रिश्तेदार' (14.1%), 'अघोषित फैमिली इमरजेंसी' (9.8%), या मजेदार 'कुत्ते ने मेरा होमवर्क खा लिया (4%)’ जैसे बहनों का इस्तेमाल करते हैं। 
इस सर्वेक्षण में 2000 से अधिक छात्रों की सक्रिय भागीदारी रही। इस दौरान छात्रों द्वारा समय पर होमवर्क पूरा नहीं करने के लिए प्रेरित किए गए बहानों को जानने की कोशिश की गई। दिलचस्प तथ्य यह है कि 69.8% छात्रों के साहसी समूह ने कहा कि उन्होंने कभी भी बहाना नहीं बनाया, जबकि लगभग 30% ने अक्सर बहाना बनाया। कई बहाने पागलपन से भरे थे जिनमें 'इसके बारे में भूल गए' (43.3%), 'किसी ने इसे मेरे बैकपैक से चुरा लिया' (13.1%), 'बुखार, समय की कमी इसे खो दिया, मैंने सच्चाई बताई, कोई बहाना नहीं, इस पर स्याही बिखेर दी आदि (8.2%), 'कॉफी बिखरी और इसे बर्बाद कर दिया' (8.2%), 'लैपटॉप क्षतिग्रस्त' (6.1%), 'कुत्ते ने खा लिया' (5.3%), 'मेरा किसी और कक्षा से बदल गया' (4.4%), 'बच्चे ने इसे खाया' (4.1%), 'एक हवा का झोंका मेरे हाथों से उसे लेकर निकल गया' (4%), 'आग में खो गया' (3.4%) जैसे बहाने शामिल थे। 
इन सभी मजेदार प्रतिक्रियाओं के बीच, यह ध्यान देने योग्य था कि 70% से अधिक छात्रों ने महसूस किया कि यदि उन्हें ऑनलाइन पर्याप्त सहायता मिले तो कैसे वे अपना होमवर्क समय पर पूरा करने में सक्षम होंगे। यह निकट-भविष्य में छात्रों को ज्यादा से ज्यादा फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से इंटरनेट को संसाधनपूर्ण स्थान बनाने की गंभीर आवश्यकता को इंगित करता है।
ब्रेनली के सह-संस्थापक और सीईओ मिचेल बोरकोवस्की ने कहा, “होमवर्क हमेशा अनगिनत कारणों की वजह से पढ़ाई से जुड़ा एक बेहद खतरनाक पहलू रहा है। हमने इस सर्वेक्षण से यही सब समझने की कोशिश की और परिणाम बताते हैं कि होमवर्क को पूरा करने में असमर्थता और उससे जुड़ी समस्याओं की वजह से ही छात्र-छात्राएं बहानों का इस्तेमाल करते हैं। होमवर्क के प्रति सहयोगात्मक रवैये को माता-पिता, शिक्षकों और सबसे महत्वपूर्ण, छात्रों से स्वीकार्यता और प्रशंसा मिली है। आरामदायक माहौल में पीयर-टू-पीयर अप्रौच से न केवल होमवर्क की अवधारणा रोचक और आकर्षक बनती है, बल्कि अकादमिक शिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। अधिक से अधिक छात्र ऑनलाइन स्रोतों और सहयोग को अपनाते हैं, ब्रेनली जैसे प्लेटफॉर्म होमवर्क असाइनमेंट को कम चुनौतीपूर्ण बना सकते हैं। इससे छात्र-छात्राओं को काफी-कुछ सीखने को मिल सकता है और वे पूछताछ करने से लेकर समझने तक मार्गदर्शन पा सकते है।

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