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मुंबई. जिंदगी में सफल होकर अपने लिए तो हर कोई जीता है लेकिन खुशहाल ज़िन्दगी के बीच दूसरों को सफल बनाने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाले बिरले ही मिलते हैं. ऐसी ही शख्सियत हैं सीए डॉ. महेश गौड़, जिन्होंने गरीब और जरूरतमंदों की मदद करने का बीड़ा उठाया है. राजस्थान के  नागौर जिले के छोटे से गांव में जन्मे सीए डॉ. महेश कई संस्थाओं से जुड़कर मुंबई और राजस्थान के लोगों की भलाई के लिए दिन- रात तत्पर रहते हैं. लोगों का खाता बही सही करने के साथ ही कइयों के लिए प्रेरणास्रोत हैं. 

22 वर्ष की उम्र में बने लेखक.....

22 साल की उम्र में टैक्स पर किताब लिखने वाले डॉ. महेश अब तक 15 सौ से ज्यादा सेमिनारों में हिस्सा लेकर लाखों लोगों को मोटिवेट कर चुके हैं. डॉ. महेश शहीद सैनिकों और विधवा महिलाओं के बच्चों को सीए की मुफ्त शिक्षा दे रहे हैं. वे सीए के विद्यार्थियों के लिए टैक्सेशन पर पांच और प्रोफेशनल की एक किताब भी लिख चुके हैं. इसके अलावा वे कई मोटिवेशनल किताबें लिखकर लोगों को जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहे हैं. दिसंबर 2020 में इनकी एक मोटिवेशनल किताब आने वाली है. इनडायरेक्ट टैक्सेशन पर उनकी पुस्तक भारत में सर्वश्रेष्ठ पुस्तकों में से एक है.

 6 हजार सीए विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा.......

Covid-19 के कारण देश की अर्थ व्यवस्था के साथ हर क्षेत्र प्रभावित हुआ. इस बात को ध्यान में रखते हुए 'गौड़स-ई-लर्निंग क्लासेस' ने नवम्बर-20 के सी.ए. इंटर और फाइनल का निःशुल्क कोर्स शुरू किया. इस कोर्स के माध्यम से देश-विदेश के लगभग 6 हजार से अधिक सीए. विद्यार्थी लाभान्वित हुए. जहां सभी कोचिंग क्लासेस इन कोर्सों के लिए 25 हजार से 35 हजार तक फीस वसूलते हैं, वहीं 'गौड़स-ई-लर्निंग क्लासेस' ने बच्चों को मुफ्त में शिक्षा प्रदान की.

मास्टरमाइंड, मेमोरी गुरु......

डॉ.गौड़ ने अपनी मेहनत, दृढ़ इच्छा शक्ति से ना केवल खुद को आसमान की बुलंदियों पर पहुंचाया बल्कि हजारों विद्यार्थियों को भी राह दिखाई. गौड़ के पास सीए, पीएचडी, एलएलबी, बीबीए, एमबीए, एडीएफ़एम, सीएफएम, बीकॉम आदि डीग्रियां हैं. ये छात्रों के बीच मास्टरमाइंड तथा मेमोरी गुरु के नाम से प्रसिद्ध हैं. बहु प्रतिभाशाली होने के कारण इन्हें कई उपाधियों से नवाजा गया है. महेश डब्ल्यूआरसी की जीएसटी की सब कमेटी में भी चुने जा चुके हैं.

सेवाभावना से ओतप्रोत जीवन.......

महेश के अंदर बचपन से ही सेवा भावना कूट-कूट कर भरी है. इसकी बानगी सातवीं कक्षा की पढ़ाई के दौरान ही दिखने लगी थी.इन्होंने अपनी फीस के पैसे देकर मित्र के पिता की बीमारी का इलाज कराने में मदद किया. आज भी गौड़ अपनी आय का एक हिस्सा गरीब, असहाय बच्चों की शिक्षा एवं बेसहारा बुजुर्गों पर खर्च करते हैं. यहां तक कि वे अपना जन्मदिन किसी अनाथ आश्रम के बच्चों या वृद्धाश्रम के लोगों के साथ मनाते हैं.

आशा की नई किरण.......

पेशे से शिक्षक महेश सिर्फ मुंबई में ही नहीं वरन अन्य प्रदेशों भी जाकर लोगों की मदद करते हैं. उन्होंने अहमदाबाद की 22 रेप पीड़ितों की आर्थिक मदद की एवं आगे भी करने का वादा किया. इसके साथ ही अपने जीवन से निराश हो चुकीं उन महिलाओं के लिए एक आशा की नई किरण बनकर उभरे.

"डॉ.महेश गौड़ एक प्रतिभावान शिक्षक हैं. इन्होंने सीए विद्यार्थियों के लिए अतुलनीय कार्य किया है. इनके अच्छे मार्गदर्शन से हजारों छात्रों ने जीवन में सफलता पायी है. इन्होंने टैक्सेसन क्षेत्र में एक तरह से क्रन्तिकारी बदलाव लाया है. इनकी लिखी इनडायरेक्ट टैक्स लॉ की किताब में सारगर्भित एवं सरल भाषा का प्रयोग किया गया है. सीए के विद्यार्थियों के लिए यह किताब निश्चित रूप से मददगार साबित होगी. इन सबके अलावा डॉ. गौड़ ने समाज सेवा के क्षेत्र में भी कई असाधारण कार्य किये हैं. समाज एवं व्यवसाय के लिए वो एक दुर्लभ उदाहरण हैं.

-सुभाष वार्ष्णेय, फॉर्मर प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर-सेंट्रल जीएसटी मुंबई

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