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अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच का ऑनलाइन कवि सम्मेलन बहुत ही सफल रहा जिसमें कुल मिलाकर 90 प्रतिभागी सम्मिलित हुए।
अग्निशिखा के संग विषय:- स्वतंत्र एवं "स्वतंत्रता" के ख़ूब रंग देखने व सुनने को मिले।
मंच की अध्यक्षा अलका पाण्डेय ने बताया कि लॉकडाउन और कोरोना जैसी महामारी के दौर में यह जरुरी था कि हम स्वतंत्रता पर बात करे। चीन की दादागिरी के लिऐ इस समय हम ज्यादा तो कुछ कर नहीं सकते, पर जो बहादुर सैनिक सीमा पर लड़ते लड़ते शहीद हुए हैं उन्हें श्रद्धांजलि तो दे ही सकते हैं और राष्ट्र प्रेम की भवाना लोगो के दिलों में जगा सकते हैं।
 साथ ही आनलाइन कवि सम्मेलन अपने साथ जाग्रति लाने व देश को सुंदर संदेश देने का काम तो घर बैठ ही कर सकते है। आज सबसे महत्वपूर्ण है कि हमारी सोच को हम सकारात्मक कैसे रखें व समय का सदुपयोग कैसे करें, एक रचनाकार को लिखने से अच्छा और काव्यपाठ से अच्छा कुछ लग ही नहीं सकता, बस इस लिये विभिन्न विषयों पर रोज़ काव्य सम्मेलन के साथ विषय "स्वतंत्र व स्वतंत्रता" पर आयोजन किया गया। लाकडाऊन अब कुछ कुछ ढीला हो गया है, लोग बाहर जाने लगे पर कवियों के मंच इतनी जल्दी नहीं शुरु होंगे, तो घर रहकर देश विदेश में बैठे साहित्यकारों को एक मंच पर लाना हिंदी साहित्य का प्रचार प्रसार नित्य नया सृजन और नव साहित्यकारों को मार्गदर्शन देना तथा कोरोना योद्धाओं को सम्मान व सरहद पर शहीद हुए वीरों को बहादुरी उनकी निष्ठा व सहयोग का अभिनंदन करना हम सभी साहित्यकारों का दायित्व बनता है। सब की रचनाएं सुनना व समझना एक नहीं अनेकों रचनाओं को एक ही मंच पर पढ़ना सुनना ये हम सभी के लिऐ बहुत बड़ी उपलब्धि है।
अग्निशिखा के संग काव्य के विविध रंग में मुख्य अतिथी थे -
१. डॉ. अवधेश अवस्थी- शिशुरोग विशेषज्ञ- रेल्वे बलसाड़
२. सुनिल दत्त मिश्रा- छत्तीसगढ़ (फिल्म कलाकार)
डॉ अंरविद श्रीवास्तव असीम - दतिया ...
- आभार - संजय मालवी - इॉदौर
मंच संचालन - डॉ अलका पांडेय मुंबई
चंदेल साहिब (विक्की चंदेल) हिमाचल प्रदेश
रिशू पाण्डेय - नासिक
डॉ प्रतिभा पराशर, शोभा रानी तिवारी, चंदेल साहिब, जनार्दन शर्मा, सुरेन्द्र हरड़े ने किया।
माँ शारदे की वंदना शुभा शुक्ला निशा ने किया।
सबने सरस्वती वंदना के बाद चीन बॉर्डर पर शहीद हुए जवानों और कोरोना योद्धाओं का सलामी दी।

काव्य पाठ में वीर जवान
देश के वीर जवानों देते तुम्हें सलामी!
देश पर कुर्बान कर दी हंसते हंसते जवानी !!
बताया तुमने देश के तिंरगे का मान!
दुश्मन को मार गिराया, देते तुम्हें सलामी !!
डॉ अलका पाण्डेय मुम्बई,

क्यों सूख गया वो पनघट
बावड़ी कुँए सब हुए ख़त्म
आधुनिकता के इस दौर ने
ख़त्म किया सादा सरल जीवन
चंदेल साहिब बिलासपुर हि. प्र.

कह रही है आज प्रतिभा धैर्य अब तो हम रखें!
संकटों से तंग हो इसको ना मिटाना चाहिए!!
 डॉ प्रतिभा कुमारी पराशर
           
पर विशिख मन जानता मुश्किल सफर हो जाएगा।
आते जाते रास्ते में याद कितना आएगा।। हमसफर कवि-बलरामसोनी, विशिख,

जो दस को मारा एक ने भुसुंडि अग्र भाग से बचोगे अब नहीं उनत रखी सहेज आग से विदारकर निहारकर जो मारकर भले गए तेरी अनर्थ सोच को समाप्त कर चले गए।
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सम्पूर्णा नन्द द्विवेदी:-
अपनी स्वतंत्रता का उपयोग
दूसरों की आज़ादी छीनने के लिये कभी मत कीजिये।
यही मेरी प्रार्थना है।
मीरा भार्गव सुदर्शना:-
सफल सुफल मलयानिल सुखकर,
फहरे मुक्त तिरंगा नभ पर।
शक्ति समुन्नत समुचित वैभव, निष्कंटक हो चलन देश का।
डॉ. साधना तोमर

राष्ट्र हमारा है स्वतंत्र, संविधान भी स्वतंत्र है।
बढ़िया बना रखी व्यवस्था,
सजा हुआ गणतंत्र है ।।
कवि आनंद जैन अकेला कटनी मध्यप्रदेश

प्रतिभागी थे:-
1) शकुंतला पावनी - चंडीगढ़
2) शोभा रानी तिवारी
3) दिनेश शर्मा
4) ज्योति जलज
5) सीमा दुबे
6) मुन्नी गर्ग
7) इंद्राणी साहू साँची
8) छगनराज राव "दीप" जोधपुर
9) मंजुला वर्मा हिमाचल प्रदेश
10) डॉ अंजुल कंसल"कनुप्रिया"
11) अनिता झा
12) दीपा परिहार दीप्ति जोधपुर
13) रानी नारंग
14) डॉ दविंदर कौर
15) ओमप्रकाश पांडेय नवी मुंबई
16) डॉ गुरिंदर गिल मलेशिया
17) डॉ पुष्पा गुप्ता मुजफ्फरपुर बिहार
18) गरिमा लखनऊ
19) डॉ ज्योत्सना सिंह लखनऊ
20)डॉ रश्मि शुक्ला प्रयागराज
21)सुषमा शुक्ला इंदौर
22) आशा जाकड़
23) रागिनी मित्तल
24) सुनीता अग्रवाल इंदौर मध्यप्रदेश
25)पदमा ओजेंद्र तिवारी दमोह
26) सुनीता चौहान हिमाचल प्रदेश
27)मधु वैष्णव मान्या जोधपुर
28)द्रोपती साहू सरसिज छत्तीसगढ
29)डॉ नेहा इलाहाबादी दिल्ली
30)अर्चना पाठक
31)सीमा निगम रायपुर छत्तीसगढ़
32)मधु तिवारी कोंडागांव छतीसगढ़
33) रानी अग्रवाल मुंबई
34) वंदना रमेश चंद्र शर्मा देवास
35)ऐश्वर्या जोशी पुणे
36) डॉ संगीता पाल गुजरात
37) गोवर्धन लाल बघेल छत्तीसगढ़
38) वन्दना श्रीवास्तव
39) डाॅ उषा पाण्डेय कोलकाता
40)कवि आनंद जैन अकेला कटनी मध्यप्रदेश
41)शुभा शुक्ला निशा
रायपुर छत्तीसगढ़
42)अंकिता सिन्हा
जमशेदपुर झारखंड
43) रजनी अग्रवाल जोधपुर
44) कल्पना भदौरिया स्वप्निल उ प्र
45) सुरेंद्र हरड़े कवि नागपुर
46) पद्माक्षी शुक्ल, पुणे
47) शेखर रामकृष्ण तिवारी, आबू धाबी
48)ज्ञानेश कुमार मिश्रा
49) संजय कुमार मालवी आदर्श
50) जीवन खोबरागड़े नागपुर
51) डॉ राम स्वरुप साहू मुंबई
52) विजय बाली जोधपुर
53) शोभा किरण
54) नीलम पांडेय गोरखपुर
55) वैष्णो खत्री जबलपुर
56)डॉ मीना कुमारी परिहार'पटना
57)हीरा सिंह कौशल हिमाचल प्रदेश
58)गणेश निकम  चाळीसगाव महाराष्ट्र
59) उपेंद्र अजनबी गाजीपुर उत्तर प्रदेश
60)डा. महताब आजाद
उत्तर प्रदेश
61) डा साधना तोमर, बागपत, यू.पी.
62) विजय कान्त द्विवेदी मुंबई
63) रविशंकर कोलते नागपुर
64) गीता पांडेय बेबी जबलपुर
65)इला श्री जायसवाल
नोएडा
66) राजीव श्रीवास्तव
लखनऊ
67)रामेश्वर प्रसाद गुप्ता मुंबई
68)डॉ शैलजा करोडे
69)प्रिया उदयन, केरला
70)अश्मजा प्रियदर्शिनी पटना बिहार
71) हर्षिता वर्मा गाजियाबाद
72) कवि शरद अजमेरा वकील
73) ज्योति भाष्कर ज्योतिर्गमय (बिहार)
74)आशा गर्ग
75) सुरेंद्र कुमार जोशी देवास
76)डॉ भावना एन सावलिया राजकोट गुजरात
77) मीरा भार्गव सुदर्शना कटनी
78)बलराम सोनी ,विशिख। झांसी
79) सम्पूर्णानंद द्विवेदी - लखनऊ
80)कुमारी भारती हिमाचल प्रदेश
81) डॉ लीला दीवान जोधपुर
82) अरविंद श्रीवास्तव"
83) प्रतिभा कुमारी पराशर"
84) जनार्दन शर्मा आशू कवि"
85) डॉ अल्का पांडेय मुंबई"
86) चंदेल साहिब" बिलासपुर हि. प्र.
सब ने एक दूसरे को सुना व सराहा, निर्णायकों ने शपष्ट टिप्पणी दी सबको बहुत कुछ सीखने व समझने को मिला।
इस कार्यक्रम की विशेषता यह थी की महिलाओं की संख्या अधिक रही यहां कोई छोटा बड़ा नहीं सब एक दूसरे से सिखने व सिखाने की इच्छा रखते हैं व एक दूसरे का भरपूर मार्गदर्शन भी करते हैं।
अभी तक ४८ वे कवि सम्मेलन तक ४५०० से ज्यादा कवियों ने कविता पाठ कर एक कीर्तिमान स्थापित किया है।
सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देकर कार्यक्रम में सबका आभार सजय मालवी ने किया।
सभी अतिथियों ने दो-दो शब्द कहे मंच को आशिर्वाद दे कर अभिभूत किया आभार संजय मालवी ने किया।
मंच की अध्यक्ष डॉ. अलका पाण्डेय ने आभासी फूलों से सबका स्वागत किया।
मुख्य अतिथि डॉ. अवधेश अवस्थी एवं सुनिल दत्त मिश्रा और डॉ. अरविंद श्रीवास्तव का सबने भावों के पुष्पों से सम्मान किया।
अग्निशिखा के संग काव्य के विविध रंग के अगले २८/६/२०२० के काव्यपाठ का विषय है “मजदूर"

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