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मुंबई : लॉकडाउन में ज्यादातर छात्र अपना समय फैमिली के साथ एवं पढाई करने में व्यतीत कर रहे हैं। साथ ही वह धरती को संरक्षित करने की जरुरत को भी अच्छी तरह समझ रहें है। इस बात का खुलासा छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन लर्निंग कम्युनिटी ब्रेनली द्वारा वर्ल्ड अर्थ डे पर किए गए सर्वेक्षण में हुआ है। यह सर्वेक्षण वातावरण परिवर्तन और बदलाव लाने के उनके आउटलुक की जानकारी देता है। 
 आवश्यकता न होने पर बिजली के उपकरण बंद करना, पानी की बचत करना, खुद के घर एवं बाग़ के पेड़ों की देखभाल करना, रीसायकल के जरिए टिकाऊ वस्तुओं की निर्मिति करना आदि माध्यम से छात्र घर बैठे पर्यावरण का ख्याल रख रहें है। यह इसी बात का निर्देश हैं के धरती को संरक्षित करने की जरुरत को समझते हैं। 
सर्वेक्षण में शामिल 60 प्रतिशत छात्रों ने बताया के पर्यावरण सम्बंधित ज्यादातर जानकारी उन्हें अपने स्कुल से मिलती हैं। 46 प्रतिशत छात्रों का कहना था की ऑनलाइन माध्यम से उन्हें जानकारी उपलब्ध होती है। तो टीव्ही, प्रिंट मीडिया, पैरेंट्स से क्रमशः 38.4%, 16.9%, 35.8%  इस बारे में जानकारी मिलती है।  
इस सर्वेक्षण में देश भर से लगभग 3,000 छात्रों ने हिस्सा लिया।  83.9% छात्रों का कहना है कि वातावरण परिवर्तन वास्तविक है। 51 प्रतिशत छात्र प्रदूषण को पर्यावरण के लिए मुख्य खतरा मानते हैं। लगभग 30 फीसदी छात्रों ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग और बर्बाद समुद्री जीवन भी पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। 71.2% छात्रों ने कहा कि उनकी रुचि पहले से ही वातावरण परिवर्तन के बारे में जानने में है और उनमें से 46% ने कहा कि वे अपने दम पर पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन के बारे में शोध कर रहे हैं।
ऑनलाइन लर्निंग में अपने ऊंचे स्तर के अलावा ब्रेनली प्रासंगिक सर्वेक्षण जारी कर भारतीय छात्रों की आवाज़ बनने के लिए भी लोकप्रिय है, जो महत्वपूर्ण विषयों में मूल्यवान जानकारी देते हैं। भारत में लॉन्च होने के बाद से ब्रेनली ने 22मिलियन+ यूजर-बेस को रजिस्टर कर देश के सबसे प्रभावी ऑनलाइन
लर्निंग चैनलों में से एक के रूप में अपनी योग्यता साबित की है।

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