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उद्योगों के जरिये बेशुमार धन कमाने वाले पूंजीपतियों के प्रति लोगों का आर्कषण कुछ ज्यादा ही होता है. व्यापार से कमायी गयी अपार दौलत, पाश्चात्य जीवनशैली लोगों को उनकी ओर अनायास ही खिंचती है. यह खिंचाव लोगों के मन में अपने हालातों और पूंजीपति जैसा बनने के बीच घर्षण पैदा करती है. व्यक्ति पूंजीपति बने अथवा नहीं, लेकिन पूंजीपतियों की जीवनशैली से मन में उठी जिज्ञासा को शांत करने के लिये वो उनके व्यक्तिगत जीवन संबंधी बातों को जानने की हर संभव कोशिशें करते हैं. पढ़िये नामी उद्योपतियों में से कौन है कितना पढ़ा-लिखा:-


पिता के असमय निधन से बाधित हुई शिक्षा
अज़िम प्रेमजी विप्रो के अध्यक्ष हैं जिन्होंने अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से एलैक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिये वे कैलिफोर्निया गये. हालांकि, पिता के असामयिक निधन के कारण 21 साल की उम्र में ही पढ़ाई छोड़कर उन्होंने कैलिफोर्निया छोड़ दी और वापस भारत आ गये.


वोट देने की उम्र से ही लग गये काम पर
दूरसंचार टायकून के नाम से मशहूर सुनील भारती मित्तल भारती एंटरप्राइजेज के अध्यक्ष और इस समूह के सीईओ हैं. सुनील मित्तल ने वर्ष 1976 में पंजाब विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि अर्जित की. इन्होंने कला एवं विज्ञान संकाय में भी स्नातक की डिग्री अर्जित की. अमेरिका के हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के पूर्व छात्र रहे सुनील मित्तल ने 18 साल की उम्र से ही काम करना शुरू कर दिया था.

टाटा नैनो वाले रतन
टाटा नैनो वाले रतन किसी परिचय के मोहताज नहीं है. हालांकि, उनकी शिक्षा के बारे में शायद ही सभी जानते हों! टाटा समूह के पूर्व अध्यक्ष रतन टाटा ने आर्किटेक्चर एंड स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में स्नातक की उपाधि अर्जित की. अमेरिका की कॉरनेल विश्वविद्यालय से यह उपाधि उन्होंने वर्ष 1962 में प्राप्त की. वर्ष 1975 में हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से एडवांस मैनेजमेंट में भी डिग्री हासिल की.


एचसीएल वाले इंजीनियर
एचसीएल के संस्थापक और अध्यक्ष शिव नादर ने दी अमेरिकन कॉलेज, मदुरै से प्री-यूनिवर्सिटी डिग्री अर्जित की है. इसके अलावा उन्होंने पीएसजी कॉलेज ऑफ टेक्नॉलॉजी से एलैक्ट्रिकल और एलैक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग की डिग्री भी हासिल की.

अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सके
मुम्बई विश्वविद्यालय से कैमिकल इंजीनियरिंग में स्नातक मुकेश अंबानी एमबीए की पढ़ाई पूरी करने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय गये. हालांकि, कुछ कारणों से वो अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सके और एक वर्ष बाद वापस लौट आये. इसके बाद वो अपने पिता धीरूभाई अंबानी के कारोबार में हाथ बँटाने लगे.

उद्योगपति से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट
आदित्य बिड़ला समूह के अध्यक्ष कुमार मंगलम ने मुम्बई विश्वविद्यालय से बी.कॉम की उपाधि हासिल की. इसके बाद उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंसी और लंदन से एमबीए का पाठ्यक्रम पूरा किया.

इन्होंने किया है सिनेमा निर्माण का कोर्स
महिंद्रा एंड महिंद्रा के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आनंद महिंद्रा ने कैंब्रिज के हार्वर्ड कॉलेज से स्नातक पाठ्यक्रम पूरा किया है. इसी कॉलेज से उन्होंने सिनेमा निर्माण का पाठ्यक्रम भी पूरा किया. वर्ष 1981 में उन्होंने बोस्टन के एक बिजनेस स्कूल से एमबीए की पढ़ाई पूरी की.

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