मुंबई। निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस ने ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के ऑफिशियल हेल्थ इंश्योरेंस प्रिंसिपल पार्टनर बनने की घोषणा की। इस साझेदारी के साथ ही कंपनी ने अपना ब्रांड अभियान - ‘सेटबैक से कमबैक तक’ शुरू किया, जो ऐसे व्यक्तियों की दृढ़ता का उत्सव मनाता है, जिन्होंने स्वास्थ्य संबंधी बाधाओं को पार कर दमदार वापसी की है। यह अभियान दृढ़ता, स्वास्थ्य सुधार और समग्र देखभाल के प्रति निवा बूपा के समर्पण का प्रतीक है।
यह नया अभियान भारत के दो सबसे खास खिलाड़ियों को साथ लाता है - ओलंपिक मैडलिस्ट, पूर्व विश्व नंबर एक बैडमिंटन खिलाड़ी, दो बार कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मैडलिस्ट - साइना नेहवाल, और ओलिंपिक मैडलिस्ट, वर्ल्ड चैंपियन और कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मैडलिस्ट मीराबाई चानू। दोनों की निजी यात्राओं के माध्यम से यह अभियान यह संदेश देना चाहता है कि अचानक लगने वाले झटके विजेताओं को चुनौती दे सकते हैं, लेकिन कभी उन्हें परिभाषित नहीं कर सकते। यही वो जज्बा है जिसे निवा बूपा लाखों लोगों में रोज देखता है। पिछले 5 वित्तीय वर्षों में 37 लाख दावों के माध्यम से ग्राहकों को 14 हज़ार करोड़ रुपए की सहायता प्रदान करके, कंपनी ने लाखों भारतीयों का उस वक़्त साथ दिया है, जब वे किसी बड़ी स्वास्थ्य संबंधी घटना से गुजरते हैं, और फिर से सामान्य जीवन की ओर लौटने की उनकी यात्रा में साथ खड़ा रहा है।
निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस के डिजिटल बिजनेस यूनिट के डायरेक्टर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर निमिष अग्रवाल ने कहा कि “ग्लासगो 2026 के ऑफिशियल हेल्थ इंश्योरेंस प्रिंसिपल पार्टनर के रूप में यह साझेदारी निवा बूपा की मूल भावना को दर्शाती है - स्वास्थ्य संबंधी झटके के बाद दमदार वापसी करने का आत्मविश्वास: ज़िंदगी को क्लेम कर ले। ग्लासगो में भाग ले रहे प्रत्येक खिलाड़ी ने किसी न किसी चुनौती या बाधा को पार किया है। चाहे वह चोट हो, हार हो या आत्मसंदेह का दौर। मैडल तो आखिरी पड़ाव है, असली कहानी होती है सेटबैक की, रिकवरी की और दमदार वापसी करने के संकल्प की। हम इसी जज्बे को सलाम करते हैं। हर दिन हम अपने ग्राहकों के जीवन में वही दृढ़ता देखते हैं, जब वे बड़ी सर्जरी, दुर्घटनाओं और गंभीर बीमारियों पर विजय पाकर अपने सबसे ख़ास लोगों और अनमोल पलों के बीच फिर से लौटते हैं। ‘सेटबैक से कमबैक तक’ का हमारा अभियान इन्हीं प्रेरणादायक कहानियों का उत्सव मनाता है और हमारे उस विश्वास को और भी मजबूत करता है कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और सही सहयोग प्रणाली लोगों को आत्मविश्वास के साथ स्वस्थ होने तथा अपनी जिंदगी को फिर से पूरी तरह जीने में सक्षम बनाती है।”
इस अभियान को लेकर ओलंपिक मैडलिस्ट और पूर्व में विश्व की नंबर वन बैडमिंटन खिलाड़ी रह चुकी साइना नेहवाल ने कहा कि, “लोग अक्सर मैडल और जीत को याद रखते हैं। लेकिन सभी खिलाड़ी जानते हैं कि असली जंग कोर्ट और टूर्नामेंट के बाहर लड़ी जाती है। चोट सिर्फ आपके शरीर को नहीं बल्कि आपके विश्वास और धैर्य की भी परीक्षा लेती है। रिकवरी अनुशासन, विश्वास और सहयोगी वातावरण की मांग करती है। इसीलिए यह अभियान मुझसे बेहद गहराई से जुड़ा हुआ है। यह लोगों को याद दिलाता है कि कमबैक कोर्ट पर कदम रखने के बहुत पहले ही शुरू हो जाता है। असली चैंपियन रिकवरी के दौरान ही बनते हैं।”
यह अभियान उन खिलाड़ियों के अनुभव से प्रेरणा लेता है, जिन्होंने अपने प्रदर्शन से साबित किया है कि सेटबैक और रिकवरी दोनों ही आगे बढ़ने की यात्रा का हिस्सा हैं। उनके अनुभवों को सामने लाकर निवा बूपा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और रिकवरी से जुड़े अहम मुद्दों को खेल की दुनिया से बाहर आम लोगों तक लाना चाहता है।
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