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8,500 आदिवासी बंधुओं एवं श्रद्धालुओं को नाश्ता और भोजन वितरण की उत्कृष्ट सेवा

नासिक। नासिक में आयोजित सिंहस्थ महाकुंभ मेले के ध्वजारोहण समारोह एवं महागोदावरी आरती के पावन अवसर पर भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के शुभहस्तों से ध्वजारोहण संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक समारोह के साथ ही सिंहस्थ महाकुंभ मेले का शुभारंभ हुआ। इस पावन अवसर पर नासिक जिले के विभिन्न दुर्गम क्षेत्रों से लगभग 8,500 आदिवासी बंधु एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित हुए।

इस ऐतिहासिक समारोह में उपस्थित सभी आदिवासी बंधुओं एवं श्रद्धालुओं के लिए नाश्ता एवं भोजन वितरण की महत्वपूर्ण सेवा मानव धर्म के प्रणेता सद्गुरुदेव सतपाल महाराज की प्रेरणा से संचालित मानव उत्थान सेवा समिति, नासिक शाखा द्वारा अत्यंत उत्कृष्ट व्यवस्था, सेवाभाव एवं अनुशासित ढंग से संपन्न की गई।

इस सेवाकार्य के सफल आयोजन हेतु समिति की ओर से विशेष व्यवस्थाएँ एवं व्यापक तैयारियाँ की गई थीं। सद्गुरुदेव सतपाल महाराज की शिष्या महात्मा अम्बालिका बाईजी, महात्मा आचार्यानंद जी, महात्मा ललिता बाईजी, महात्मा कल्पना बाईजी, महात्मा धर्मावती बाईजी, महात्मा प्राची बाईजी तथा उपस्थित सभी संत-महात्माओं के मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद से इस सेवाकार्य को विशेष प्रेरणा और दिशा प्राप्त हुई।

इस सेवाकार्य में मानव सेवा दल, युवा दल, नारी सेवा दल, शाखा एवं आश्रम विभाग के कार्यकर्ताओं तथा प्रेमी भक्तगणों ने अत्यंत उत्साह और समर्पण के साथ सहभागिता की। भोजन एवं नाश्ता तैयार करने, पैकिंग करने, वितरण की व्यवस्था बनाने, श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से सुव्यवस्थित सेवा प्रदान करने तथा संपूर्ण व्यवस्था में अनुशासन एवं समन्वय बनाए रखने जैसी विभिन्न जिम्मेदारियों का कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से निर्वहन किया।

मानव सेवा दल ने व्यवस्थापन एवं अनुशासन बनाए रखने में, युवा दल ने वितरण एवं नियोजन में तथा नारी सेवा दल ने भोजन व्यवस्था से जुड़े विभिन्न कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके साथ ही शाखा एवं आश्रम विभाग के कार्यकर्ताओं ने भी इस सेवाकार्य में सक्रिय भूमिका निभाई। सभी के सामूहिक प्रयासों से लगभग 8,500 आदिवासी बंधुओं एवं श्रद्धालुओं को नाश्ता एवं भोजन की सेवा सुव्यवस्थित रूप से उपलब्ध कराई गई।

सद्गुरुदेव सतपाल महाराज की मानव सेवा, समाज सेवा, परोपकार एवं आपसी भाईचारे की शिक्षाओं से प्रेरणा प्राप्त कर समिति के कार्यकर्ताओं ने इस सेवाकार्य में अपना अमूल्य योगदान दिया। समाज के जरूरतमंद, वंचित एवं सामान्य नागरिकों की निःस्वार्थ भाव से सेवा करना ही मानव धर्म का प्रमुख उद्देश्य है।

'मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है' के उदात्त विचार से प्रेरित होकर मानव उत्थान सेवा समिति ने इस ऐतिहासिक समारोह में भोजन एवं नाश्ता वितरण की सेवा सफलतापूर्वक संपन्न की। सेवा, समर्पण, सहयोग एवं मानवता का संदेश देने वाला यह सराहनीय उपक्रम उपस्थित सभी लोगों के लिए निश्चित रूप से प्रेरणादायी सिद्ध हुआ।
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