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मुंबई। एक्चुअरीज एक्ट, 2006 के तहत स्थापित वैधानिक निकाय 'इन्स्टिट्यूट ऑफ एक्चुअरीज ऑफ इंडिया' (IAI) ने 'एक्चुअरीज डे 2026' के अवसर पर एक्चुएरियल पेशे को मजबूत करने और छात्रों, पेशेवरों, उद्योग जगत, नीति निर्माताओं और जनता के साथ अपनी सहभागिता को बढ़ाने के लिए कई नई पहलों की शुरुआत की।

मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट स्थित 'कोर्टयार्ड बाय मैरियट' में आयोजित इस कार्यक्रम में वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) के अपर सचिव डॉ. देबाशीष पृष्टी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर आईएआई की अध्यक्ष प्रीति चंद्रशेखर, उपाध्यक्ष अनुराग रस्तोगी, आईएआई की मानद सचिव आशा मुरली, इंटरनेशनल एक्चुएरियल एसोसिएशन (IAA) के अध्यक्ष माइक लोम्बार्डी और कार्तिकेय कंडोई (FIAI, FIA, FCA) भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इन्स्टिट्यूट ऑफ एक्चुअरीज ऑफ इंडिया की अध्यक्ष प्रीति चंद्रशेखर ने कहा, "जैसे-जैसे भारत अपने सुरक्षा घेरे को विस्तृत कर रहा है और दीर्घकालिक वित्तीय व राजकोषीय स्थिरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे सटीक निर्णय लेने और जन-विश्वास बनाए रखने में एक्चुएरियल विशेषज्ञता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती जा रही है। एक्चुअरीज अर्थशास्त्र, वित्त, जनसांख्यिकी और जोखिम प्रबंधन के चौराहे पर काम करते हैं। हम उन रूपरेखाओं को आकार देते हैं जो आजीविका की रक्षा करती हैं, संस्थानों को मजबूत करती हैं और 'विकसित भारत 2047' की दिशा में भारत की यात्रा को आगे बढ़ाती हैं—क्योंकि आज की प्रगति कल की कमजोरी नहीं बननी चाहिए। यह एक ऐसा पेशा है जिसमें असीम संभावनाएं और असीमित प्रभाव निहित हैं।"

इन समारोहों के हिस्से के रूप में, आईएआई ने अपनी 'ब्रांड बाइबिल' (Brand Bible) लॉन्च की, जो संस्थान की पहचान, संदेश और संचार के लिए एक एकीकृत ढांचा स्थापित करती है। ब्रांड बाइबिल उन सिद्धांतों और मानकों को एक साथ लाती है जो आईएआई को सभी हितधारकों और संचार मंचों पर अपनी पहचान निरंतर और स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने में मार्गदर्शन करेंगे।

इसके अलावा, आईएआई ने अपना 'जॉब पोर्टल' भी लॉन्च किया। यह समर्पित प्लेटफॉर्म एक्चुएरियल पेशेवरों और नई प्रतिभाओं को करियर के प्रासंगिक अवसरों से जोड़ेगा, साथ ही नियोक्ताओं और एक्चुएरियल समुदाय के बीच जुड़ाव को मजबूत करेगा।

संस्थान ने 26वें ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑफ एक्चुअरीज (GCA) और एक्चुएरियल ग्लोबल फोरम ऑफ एक्चुअरीज (AGFA) की भी घोषणा की। यह सम्मेलन दुनिया भर के एक्चुएरियल पेशेवरों, नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं और वैश्विक विशेषज्ञों को एक साथ लाएगा, जहां वे इस पेशे और व्यापक वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र को नया आकार देने वाले उभरते रुझानों, जोखिमों और अवसरों पर चर्चा करेंगे।

ये सभी पहलें भारत के विकसित होते वित्तीय और आर्थिक परिदृश्य में बीमा, पेंशन, निवेश, जोखिम प्रबंधन और अन्य क्षेत्रों में एक्चुएरियल पेशे को मजबूत करने और इसके योगदान को बढ़ाने के लिए आईएआई के निरंतर प्रयासों को दर्शाती हैं।

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