0
मुंबई। विश्व हेड एंड नेक कैंसर दिवस के अवसर पर हेड एंड नेक कैंसर इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (HNCII) ने "कैंसर में देरी ही असली जानलेवा है" संदेश पर आधारित एक राष्ट्रव्यापी जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की है।

भारत में हेड एंड नेक कैंसर सबसे अधिक पाए जाने वाले कैंसरों में से एक है और यह देश में होने वाले कुल कैंसर मामलों का लगभग 30% है। इनमें से अधिकांश मामलों का प्रमुख कारण तंबाकू का सेवन है। हालांकि, यदि इस कैंसर का शुरुआती चरण में पता चल जाए तो इसका प्रभावी उपचार संभव है, लेकिन करीब 70% मरीज उन्नत अवस्था में इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं। इसके कारण उपचार अधिक जटिल हो जाता है, परिणाम अपेक्षाकृत कम प्रभावी होते हैं और इलाज का खर्च भी काफी बढ़ जाता है।

इस अभियान का उद्देश्य लोगों को कैंसर के संभावित लक्षणों को पहचानने, बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लेने, आवश्यक स्क्रीनिंग एवं जांच कराने तथा कैंसर की पुष्टि होने पर तुरंत उपचार शुरू करने के लिए प्रेरित करना है।

इस पहल की घोषणा HNCII के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. सुल्तान ए. प्रधान द्वारा आयोजित एक मीडिया कार्यशाला के दौरान की गई। इस अवसर पर उन्होंने कैंसर के संभावित लक्षणों के प्रति लोगों की सोच और प्रतिक्रिया में बदलाव लाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इस अभियान का मूल संदेश बेहद स्पष्ट है "इंतजार मत कीजिए।"

मुंह का ऐसा छाला जो लंबे समय तक ठीक न हो, बिना दर्द की कोई गांठ, लगातार निगलने में कठिनाई, आवाज में बदलाव या कोई अन्य असामान्य लक्षण—इनमें से किसी भी संकेत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और न ही उन्हें लंबे समय तक बिना चिकित्सकीय जांच के छोड़ देना चाहिए। इसी तरह, यदि कैंसर की आशंका हो या उसकी पुष्टि हो जाए, तो आवश्यक जांच पूरी करने या उपचार शुरू करने में होने वाली देरी भी मरीज के उपचार के परिणामों पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।

इस पहल के बारे में बोलते हुए HNCII के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. सुल्तान ए. प्रधान ने कहा, "कैंसर के उपचार में हमने उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन इन प्रगतियों का लाभ तभी मिल सकता है जब मरीज समय पर हमारे पास पहुंचे। अक्सर लोग किसी लक्षण को नजरअंदाज कर देते हैं, उसके अपने-आप ठीक होने का इंतजार करते हैं, डॉक्टर से परामर्श लेने में देरी करते हैं या कैंसर की पुष्टि होने के बाद भी उपचार शुरू करने में समय गंवा देते हैं। हमारा हर नागरिक से सिर्फ एक संदेश है—यदि शरीर में कुछ भी असामान्य लगे, तो तुरंत जांच कराइए। कैंसर में देरी ही असली जानलेवा है।"

इस अभियान को देशभर में व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए HNCII ने कैंसर पेशेंट्स एड एसोसिएशन (CPAA), इंडियन कैंसर सोसाइटी (ICS), दंत चिकित्सक समुदाय तथा अन्य समान विचारधारा वाले संगठनों के साथ साझेदारी की है।

इन साझेदारियों के बारे में डॉ. प्रधान ने कहा, "CPAA और ICS जैसे गैर-सरकारी संगठनों की समाज के विभिन्न वर्गों तक मजबूत पहुंच है और वे जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वहीं, दंत चिकित्सकों की भूमिका भी बेहद अहम है क्योंकि मुंह के कैंसर के शुरुआती संकेत अक्सर नियमित दंत जांच के दौरान सबसे पहले दिखाई देते हैं। ऐसे सभी साझेदारों को साथ लाकर हम जागरूकता, शुरुआती पहचान और समय पर उचित विशेषज्ञ के पास रेफरल की एक मजबूत व्यवस्था तैयार कर सकते हैं।"

जन-जागरूकता कार्यक्रमों, सामुदायिक अभियानों, शैक्षणिक सामग्री, डिजिटल संचार और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ संवाद के माध्यम से HNCII का लक्ष्य "कैंसर में देरी ही असली जानलेवा है" संदेश को देश के हर घर और हर समुदाय तक पहुंचाना है। इस अभियान का दीर्घकालिक उद्देश्य वर्तमान स्थिति को बदलना है, जहां लगभग 70% मरीज उन्नत अवस्था में उपचार के लिए आते हैं, ताकि भविष्य में अधिकतर कैंसर की पहचान शुरुआती चरण में हो और समय पर उपचार शुरू किया जा सके।

अधिक जानकारी के लिए देखें: https://hncii.org/
Next
This is the most recent post.
Previous
Older Post

Post a Comment

 
Top