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नाशिक (जितेन्द्र साहनी)। 4 दिनों का महा निर्जला छठ पर्व में साँझ डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया गया। कहा जाता है कि यह एक मात्र ऐसा पर्व है जिसमें भगवान सूर्य साक्षात दर्शन देते हैं। इस पर्व को खासकर उत्तर पूर्वी भारतीय मुख्य रुप से पूरे परिवार के साथ मनाते हैं एवं अपने जीवन सुख समृद्धी की कामना करते हैं और सुबह ऊगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर अपना उपवास तोड़ने के साथ अपना पूजा सम्पन्न करते हैं। महाराष्ट्र के नाशिक ज़िले मे रह रहे उत्तर भारतीयों ने इस कोरोना काल में पंचवटी के गोदावरी नदी न जाकार अपने घर के छत पर भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया।

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