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मुम्बई। उर्दू के सर्वश्रेष्ठ कहानीकार सआदत हसन मंटो पर बीते कुछ वर्षों में सिनेमा की दुनिया में लगातार काम हो रहा है। पाकिस्तान में सरमद खूसट 2015 और भारत में नंदिता दास 2018 में उनकी बायोपिक बना चुके हैं मगर इन दिनों मंटो के जीवन के प्रसंगों पर एक ट्रिलॉजी दर्शकों को बहुत पसंद आ रही है। 'मंटो की शादी, फ्रॉड मंटो और पहलू जो मंटो ने छुआः समलिंगी प्यार' नाम की ये फिल्में देश-दुनिया के तीस से ज्यादा फिल्म महोत्सवों में शामिल होकर सराहना पा चुकी है। इसका निर्माण श्रीवास नायडु और रवि बुले ने किया है। श्रीवास नायडु ने में मंटो की भूमिका निभाते हुए निर्देशन की कमाल भी संभाली है। 2017 से 2019 के बीच अलग-अलग आई इन तीनों फिल्मों को हाल में एक साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म एमएक्स प्लेयर ने रिलीज किया है।

ये फिल्में रूस, आयरलैंड, ब्रिटेन, लेबनान, अमेरिका और नाइजीरिया के विभिन्न फिल्म महोत्सवों में दिखाई जा चुकी हैं। जबकि भारत में मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, बंगलुरू, कोल्हापुर, इंदौर और सूरत के फिल्म महोत्सव में इनका प्रदर्शन हुआ है। त्रयी के निर्देशक श्रीवास नायडु ने बताया कि ये फिल्में मंटो के जीवन के तीन महत्वपूर्ण पक्षों को सामने रखती हैं। मंटो अपने जीवन की तीन अहम घटनाओं में शादी को शामिल करते थे। फिल्म मंटो की शादी में इस शादी की उठा-पटक को दिखाया गया है। जबकि फ्रॉड मंटो खुद मंटो द्वारा अपने व्यक्तित्व तथा लेखन पर लिखे गए दो लेखों पर आधारित है, जो उनके रचनात्मक जीवन के द्वंद्व को सामने लाते हैं। तीसरी फिल्म इसलिए खास है कि स्त्री-पुरुष रिश्तों पर विवादास्पद लेखन करने वाले मंटो से उनके प्रशंसक इस्मत चुगताई की लिहाफ जैसी कहानी चाहते थे मगर मंटो ऐसी कोई कहानी नहीं लिख पाए। मगर तीसरी शॉर्ट फिल्म समलिंगी रिश्तों पर मंटो के विचारों का खुलासा करती है। इन तीनों फिल्मों की स्क्रिप्ट रवि बुले ने लिखी है। इन फिल्मों में श्रीवास नायडु के साथ स्क्रीन पर रवि बुले, मनोज मिश्रा, संचयित राव राणा और सोहन राणा ने भी अहम भूमिकाएं निभाई हैं।

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