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मुंबई : हाल ही में बांद्रा पश्चिम में एसिड सर्वाइवर्स साहस फाउंडेशन एसिड सर्वाइवर्स के द्वारा 'ऑल इन वन सुपर मार्केट' लॉन्च किया गया जिसके उद्घाटन के लिए भाजपा की मुम्बई उपाध्यक्ष चित्रा किशोर वाघ विशेष रूप से उपस्थित हुई। उसी अवसर पर दीपक सावंत (फिल्म निर्माता और अमिताभ बच्चन के मेकअप मैन), सोनाली अयंगर, स्नेहा वासरिया (भारत की पहली महिला तबला वादक), एक्ट्रेस हेमा शर्मा, राजू नाग, दिनेश वाला, अजय सोनावले, रेणुका और कई अन्य लोग भी उपस्थित रहे। साथ ही एसिड सर्वाइवर्स महिलाएं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। 

उल्लेखनीय है कि ASSF संस्था 2016 में दौलत बी खान द्वारा शुरू की गई, जो खुद एसिड अटैक की शिकार थी। दौलत खान और एएसएसएफ फाउंडेशन के डायरेक्टर कृष्ण कुमार ने कई इवेंट्स का आयोजन करके एसिड अटैक की शिकार महिलाओं की भलाई के लिए फंड जमा किए। कृष्ण कुमार और दौलत बी खान जोड़ी ऐसी औरतों की सेवा में लगे हैं और अपने तमाम सोशल नेटवर्क्स के जरिए ऐसी महिलाओं के हित के लिए लगातार काम कर रहे हैं। इसमें संस्था के वॉइस प्रेसिडेंट अखिल शेट्टी का भी योगदान है।
इस फाउंडेशन का उद्देश्य एसिड पीड़ितों को आश्रय प्रदान करना है, साथ ही एसिड हमले के बारे में जागरूकता फैलाने, हमले के बाद पैदा होने वाले हालात पर ध्यान केंद्रित करना, इसके परिणाम और समाज की वर्जना के खिलाफ लड़ने के लिए सर्वाइवर्स को जागरूक करना इसका मकसद है।
यह एनजीओ उन रोगियों को पुनर्वास प्रदान करती है जिनमें चिकित्सा सुविधाएं, शिक्षा, कानूनी, नैतिक और वित्तीय सहायता शामिल हैं।
इस फाउंडेशन ने अब तक कई एसिड की शिकार महिलाओं को बड़ी सर्जरी कराने में मदद की है, उनकी बुनियादी मानवीय जरूरतों को पूरा किया है और उनके लिए विवाह की व्यवस्था करके उन्हें एक सामान्य जीवनशैली प्रदान करने की कोशिश की है। इस नेक काम में एम्पल मिशन के संचालक डॉ अनिल मुरारका भी जुड़े हैं।
एएसएसएफ ने अब तक 30 से अधिक एसिड पीड़ितों को सहायता प्रदान की है जिसमें 9 एसिड हमले की शिकार औरतों की सर्जरी शामिल है।
दौलत खान का कहना है कि ASSF का विज़न यह है कि एसिड हमसे मुक्त दुनिया हो जहां सर्वाइवर्स और कार्यकर्ता इस नेक काम के लिए मिलकर काम करें। यह पीड़ितों के प्रति सामाजिक धारणा को बदलने से ही संभव हो सकता है। समाज को एसिड पीड़ितों को पीड़ित के रूप में नहीं देखना चाहिए बल्कि उन्हें विजेताओं के रूप देखना चाहिए। उन्हें बड़े पैमाने पर सम्मान से भरा होना चाहिए, ताकि वे अपने रास्ते में किसी भी बाधा को न देख सकें। दूसरा पहलू यह है कि हर औसत व्यक्ति एसिड हमले की शिकार महिला की मदद करे जो एसिड हिंसा के बारे में सुनता है। हर शख्स इस लड़ाई में एक सक्रिय भागीदार के रूप में सामने आए न कि सिर्फ अफ़सोस ज़ाहिर करके रह जाए।
हमारा लक्ष्य ASSF का मुख्य लक्ष्य पीड़ितों और बचे हुए लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करना है। यह एनजीओ एसिड विजेताओं को एक घर का सहारा प्रदान करने पर गहरा ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसमें एक कार्यशाला भी होनी चाहिए जहां वे अपने हाथों से बैग, कुशन और एंटीक चीजें बनाकर अपनी आजीविका कमा सकते हैं। बता दें कि दौलत एक ऐसा बड़ा डिपार्टमेंटल स्टोर खोलने की महत्वाकांक्षा रखती हैं जो स्वयं एसिड अटैक के खिलाफ जंग जीत चुकी महिलाओं द्वारा संचालित होगा। इन छोटे लेकिन बड़े कदमों को उठाकर एसिड शिकार से उभरी महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हो सकती हैं और समाज में अपनी योग्यता साबित कर सकती हैं।
इस सुपरमार्केट को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य एसिड हमले की पीड़ितों को व्यवसाय से अपनी रोज़ी कमाने में मदद करना है। यह दुकान सप्ताह में 6 दिन खुली रहेगी। यह व्यवसाय एसिड हमले से बचे लोगों को उनके जीवन में आत्म-निर्भर बनने में मदद करेगा।

- संतोष साह

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