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मुम्बई। दक्षिण भारतीय सुपरस्टार यश बैंकेबल सितारों में से एक है। अभिनेता ने केजीएफ चैप्टर 1 में अपने दमदार और प्रभावी प्रदर्शन के साथ एक पहचान बना ली है। यश ने न केवल फिल्म में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, बल्कि जब केजीएफ की बात आती है, तो उन्होंने दूरदर्शी के रूप में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

 पटकथा सुनने के बाद यश को लगा कि यह एक ऐसी फिल्म है जिसे पैन इंडिया पैमाने पर बनाने की जरूरत है। अभिनय में कड़ी मेहनत करने से लेकर अपने किरदार को बारीकी के साथ चित्रित करने और केजीएफ को एक बड़ा ब्रांड बनाने तक, यश ने फिल्म को बड़ा बनाने का सपना हासिल किया है।
एक सूत्र के अनुसार शुरुआत से ही, यश को पता था कि इस फिल्म को पैन इंडिया दर्शकों तक पहुंचाना है। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को एक प्रमुख अभिनेता की क्षमता से भी ऊपर निभाया है। यश ने ही एक्सेल एंटरटेनमेंट (रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर) को इस फिल्म से जुड़े अपने विज़न के बारे में समझाया और उन्हें टीम में शामिल किया। यहां तक ​​कि यश सभी डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ संपर्क में थे, ताकि सभी भाषाओं में इसे प्रदर्शित किया जा सके। यह सुनिश्चित करना कि फिल्म को पाँच भाषाओं में डब किया जाए और प्री-प्रोडक्शन व पोस्ट प्रोडक्शन स्टेज के दौरान हर डिपार्टमेंट के साथ संपर्क में रहने तक, केजीएफ 1 यश के लिए एक पैशन प्रोजेक्ट रहा है। बड़े पैमाने पर अपील और परिणामों को देखते हुए, वह निश्चित रूप से फ्रैंचाइज़ी के मुख्य संरक्षक है क्योंकि अब सम्पूर्ण देश को फिल्म के दूसरे भाग का बेसब्री से इंतज़ार है। 
इस प्रक्रिया के माध्यम से उनका निजी व्यक्तित्व प्रभावशाली हुआ क्योंकि उन्होंने केजीएफ की भागदौड़ को स्वयं अपने हाथों से संभाला है।
फिल्म ने निश्चित रूप से बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया, जो कि कोई रहस्य नहीं है। लेकिन यश के लिए पर्दे के पीछे जो हुआ, वह उनकी पारखी दृष्टि की प्रतिभा को साबित करता है।
"केजीएफ चैप्टर 1" वर्ष 2018 की फिल्म है, जिसके अपने दर्शक है जो रिलीज़ के दिन से ही इस फ़िल्म के मुरीद हो गए है। कहने की जरूरत नहीं है कि वे अब फ़िल्म के दूसरे भाग का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। चैप्टर 2 में संजय दत्त भी एक विरोधी की भूमिका निभा रहे हैं जिसे देखना वाकई में बेहद दिलचस्प होगा।

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