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रोड शो का उद्देश्य G2B गवर्नमेंट-टू-बिज़नेस संचार द्वारा निवेशकों को बिहार में एक उपयुक्त मंच प्रदान करना

मुंबई :- बिहार सरकार ने अपने माननीय मंत्री श्याम रजक (उद्योग विभाग, बिहार सरकार) के कुशल नेतृत्व में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के सहयोग से मुंबई, पुणे, सूरत, अहमदाबाद में चार रोड शो 'इन्वेस्ट बिहार' रोड शो का सफलतापूर्वक आयोजन किया है। इस रोड शो की शुरुआत 5 दिसंबर को सूरत से हुई उसके बाद 6 दिसंबर को अहमदाबाद और फिर 7 दिसंबर को पुणे होते हुए 9 दिसंबर 2019 को मुंबई में इसका समापन हुआ। इस रोड शो को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य G2B यानी गवर्नमेंट-टू-बिज़नेस संचार द्वारा निवेशकों को एक उपयुक्त मंच की सुविधा प्रदान करना, इन शहरों के संभावित निवेशकों की पहचान करना और बिहार को निवेश के लिए उनका पसंदीदा स्थान बनाना है। इस रोड शो के दौरान स्थानीय निवेशकों और उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच कई बैठकें भी हुईं।
 श्याम रजक (उद्योग मंत्री, बिहार सरकार) ने कहा कि हम गुजरात और महाराष्ट्र राज्य के निवेशकों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया से अभिभूत हैं। इस प्रकार की शुरुआत के द्वारा, हमारी सरकार का उद्देश्य गुजरात एवं अन्य राज्यों से कपड़े, हीरे और अन्य क्षेत्रों के निवेश को अपने राज्य में आमंत्रित करके अपने कामगारों को उनके शहर में रोजगार के स्थिर अवसर उपलब्ध करवाना है। बिहार के भविष्य को बड़ा और उज्जवल बनाने के लिए भारतीय उद्योग परिसंघ के सदस्यों से मिल रहे लगातार सहयोग के लिए भी हम उनके भी बहुत आभारी हैं।
बिहार सरकार ने सितंबर 2016 में राज्य की विकास दर को 15% तक बढ़ाने के उद्देश्य से, रोजगार के और अधिक अवसर पैदा करने और राज्य में निवेश को आकर्षित करने के लिए, निवेश प्रोत्साहन नीति तैयार की थी। इस नीति में खाद्य प्रसंस्करण, चमड़ा, कपड़ा आईटी, ईएसडीएम, पर्यटन, स्वास्थ्य, अक्षय ऊर्जा, और शिक्षा को उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के रूप में शामिल किया गया है। साल 2017 में स्थानीय युवाओं को उद्यमिता की ओर प्रोत्साहित करने के लिए बिहार स्टार्ट-अप नीति की शुरू की थी। इस नीति को मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति योजना के साथ श्रेणीबद्ध करने पर भी विचार किया गया है।
उद्योग विभाग, बिहार सरकार अधिक से अधिक निवेश अवसरों को पैदा करने के लिए कई अलग-अलग विभागों जैसे कि खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय, बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) राज्य में औद्योगिक क्षेत्रों के नियोजित विकास और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट अथॉरिटी (IDA) राज्य में निजी सार्वजनिक भागीदारी (पीपीपी मॉडल) की सुविधा के लिए, बिहार फाउंडेशन, हाथचरखा और रेशम निर्देशालय, बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड और उद्योग मित्र, उद्यमियों के लिए सिंगल विंडो निकासी प्रणाली’ का प्रचार प्रसार भी कर रहा है। नीती आयोग की रिपोर्ट, ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस: एन एंटरप्रेन्योर ऑफ सर्वे ऑफ इंडियन स्टेट्स 2017’ के अनुसार बिहार- युवा और नए उद्यमों के बढ़ते प्रतिशत के मामले में भारत के शीर्ष-सबसे अधिक तेज़ी से उभरते राज्य में से एक है।
जनवरी -2019 CRISIL (क्रेडिट रेटिंग इनफार्मेशन सर्विस ऑफ़ इंडिया) में प्रकाशित विकास दर 2.0 की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार आंध्र प्रदेश और गुजरात को भी पछाड़ते हुए 11.3% की उच्चतम विकास दर के साथ भारत का सबसे तेजी से विकास करने वाला राज्य है।

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