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बतौर निर्माता निर्देशक अमित अग्रवाल की पहली फिल्म 'फंसते फंसाते' जल्द ही सिनेमाघरों में वीनस वर्ल्डवाइड एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रदर्शित होने वाली है. यह एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है जो दर्शकों को हँसाएगी और हैरत में भी डालेगी. फ़िल्म में आज के समय की कहानी दर्शायी गई है इसमें लिव इन रिलेशनशिप को भी बताया गया है. फ़िल्म की कहानी और स्क्रिप्ट अमित अग्रवाल ने खुद लिखी है. फ़िल्म निर्माण के लिए अमित को मनमोहन शेट्टी का मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिला है.
  एक्सप्रेशन फिल्म्स के बैनर पर बनी फ़िल्म 'हँसते हँसाते' के निर्माता चारु सुमित गर्ग व अमित अग्रवाल हैं. फिल्म का ट्रेलर अच्छा है पर ट्रेलर से ज्यादा ट्विस्ट फिल्म में है जो दर्शकों को प्रभावित करेगी. संगीतकार आरको प्रवो मुखर्जी जिन्होंने फ़िल्म केसरी के लिए तेरी मिट्टी और फ़िल्म रुस्तम के लिए तेरे संग यारा गीत बनाया है, उन्होंने इस फिल्म का संगीत दिया है साथ ही संजीव चतुर्वेदी और राहुल जैन ने भी फिल्म का म्यूजिक दिया है. फिल्म के सिनेमैटोग्राफर सुनील राजपाल हैं जिन्होंने फ़िल्म 'लागा चुनरी में दाग' का छायांकन किया था और वे कई एड फिल्म भी कर चुके हैं. हाल ही में इनकी फ़िल्म अंतरध्वनि को भी पुरस्कार मिल चुका है. इस फिल्म का संपादन असीम सिन्हा ने किया है तथा कला निर्देशक हेमंत कुमार हैं.
   अमित अग्रवाल बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही फ़िल्म बनाने का शौक था. दसवीं कक्षा से ही उनके मन में यह ख्याल आया था कि एक दिन फिल्म बनाएंगे. उन्होंने 2010 में एक फ़िल्म बनाने की शुरुआत की थी परंतु किसी कारणवश वह फिल्म नहीं बन पायी. उन्होंने फिर से प्रयास किया और अपने सारे अनुभव को समेट कर फिल्म 'फंसते फंसाते' का निर्माण किया है. फ़िल्म में अर्पित चौधरी, करिश्मा शर्मा और नचिकेत नार्वेकर ने अभिनय किया है. फिल्म की शूटिंग पुणे में की गई है परंतु उसका बैकग्राउंड गाजियाबाद, नोएडा और यूपी के क्षेत्रों को इंगित करता है, फिल्म की कहानी में उत्तर प्रदेश की झलक देखने को मिलेगी.
   अमित अग्रवाल ने फिल्म इंडस्ट्री में बतौर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कई वर्षों तक कार्य किया है. उसके बाद उन्होंने फिल्म मेकिंग का कार्य किया. उनका मानना है कि फिल्म का निर्माण एक आसान कार्य नहीं है इसके लिए एक अच्छी सोच, मेहनत और लगन की आवश्यकता होती है और हमारे अनुभव भी इसे नई दिशा देते हैं. 
 फिल्म 'फंसते फंसाते' एक साधारण कहानी है परंतु फिल्म के अंदर आधुनिकता के साथ साथ कई ट्विस्ट और टर्न है जो दर्शकों को प्रभावित करेगी. अमित अग्रवाल को अपने फिल्मी करियर से बहुत कुछ सीखने को मिला और आज उसी का परिणाम है कि उनकी फिल्म बन पाई है. अनुभवी तकनीशियनों का सहयोग पाकर उन्होंने इस फिल्म में हर पहलुओं को बारीकी से दर्शाया गया है. अमित अग्रवाल सिंपल और ट्विस्ट से भरी फिल्म पसंद करते हैं और यही सब उनकी फिल्म 'फंसते फंसाते' में देखने को मिलेगा.

- संतोष साहू

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