0
तीन तलाक पर देश में घमासान मचा हुआ है। एक ओर सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम समाज में एक बार में तीन बार तलाक देने की प्रथा को निरस्त करते हुए अपनी व्यवस्था में इसे असंवैधानिक, गैरकानूनी और शून्य करार दिया, तो दूसरी ओर मुस्लिम संगठन इसका विरोध कर रहे हैं और कई शहरों में इसके खिलाफ मुस्लिम महिलाओं ने सड़क पर उतर कर विरोध जताया है। लेकिन कई मुस्लिम स्‍कॉलर ने भी इस कुप्रथा के खिलाफ आवाज उठाई कि कोई भी आदमी तीन बार तलाक, तलाक, तलाक कह कर अपनी पत्‍नी से छुटकारा नहीं ले सकता है।
दिवंगत निर्देशक लेख टंडन ने इस चीज को पहले ही भांप लिया था और सरकार से पहले उन्‍होंने इस पर फिल्‍म बनाने का काम किया। फिल्‍म का नाम ‘फिर उसी मोड़ पर’ है, जो एक हिंदी फिल्‍म है।जिसका ट्रेलर और म्यूजिक मुंबई में लांच किया गया । लेख टंडन शुरू से ही सामाजिक विषयों को लेकर फिल्‍म बनाने के लिए जाने जाते रहे हैं। यही वजह है कि तीन तलाक विषय की गंभीरता को देखते हुए उन्‍होंने फिल्‍म ‘फिर उसी मोड़ पर’ का निर्माण बहुत पहले ही कर दिया।
 फिल्‍म के निर्माता त्रिनेत्र, कनिका और अंशुला बाजपेयी का मानना है कि ‘ तलाक ’ एक निंदनीय कुरीति है, जिसके अंतर्गत कोई भी पति अपनी लाचार और बेबस पत्नी को तीन तलाक कहकर प्रताड़ित करते हुए अपने जीवन से निष्कासित कर सकता है। दिवंगत लेख टंडन साहब की यह फिल्‍म उस कुरीति पर चोट करेगी।  लेख साहब फिल्‍म रिलीज से पहले पिछले साल 15 अक्‍टूबर को दुनिया छोड़कर चले गए। यह हम सबके लिए दुखद था।
 कनिका मल्टीस्कोप प्राइवेट लिमिटेड के (एम पी एल) के अंतर्गत प्रस्‍तुत फिल्‍म ‘ फिर उसी मोड़ पर ’ में जीविधा , कंवलजीत सिंह, परमीत सेठी, एस. एम. जहीर, गोविंद नामदेव, स्मिता जयकर, कनिका बाजपेयी , राजीव वर्मा, भरत कपूर, अरुण बाली, हैदर अली, विनीता मलिक, संजय बत्रा, दिव्या दिवेदी और शिखा इतकान मुख्‍य भूमिका में नजर आयेंगे । फिल्म का सहनिर्देशन सुरेश प्रेमवती बिश्नोई ने किया है और प्रचारक अमीन सयानी और अली पीटर जॉन  हैं । फिल्म का संगीत विख्यात टेक्नोक्रैट और संगीतप्रेमी त्रिनेत्र बाजपेयी ने तैयार किया  है जबकि गाने कनिका बाजपेयी और जावेद अली ने गाये हैं।

- संतोष साहू

Post a comment

 
Top