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चिल्ड्रन फिल्म सोसायटी इण्डिया के चेयरमैन पद से हाल ही में इस्तीफ़ा देकर बच्चों के सुपरहीरो शक्तिमान मुकेश खन्ना सरकारी योजनाओं के साथ साथ बॉलीवुड के बड़े फिल्ममेकर और फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों से खासी नाराज़गी प्रकट किए हैं ।

उनके अनुसार हमारे देश के भविष्य युवा होते बच्चों के अविकसित मानसिकता के साथ फिल्म और सीरियल मेकर खिलवाड़ कर रहे हैं । सिनेमा के माध्यम से बच्चे काफी कुछ सीखते हैं , हमें उन्हें प्रोत्साहित करने वाली फिल्म बनानी चाहिए न कि उन्हें बिगड़ैल बनने वाली ।
 हालाँकि बच्चों की सही परवरिश में माता पिता का भरपूर योगदान रहता है मगर आज की व्यस्त जीवन में पेरेंट्स अपने बच्चों को समय नहीं दे पाते जिससे वे गलत चीजों के संपर्क में आ जाते हैं । 
मुकेश खन्ना समय से पहले सी एफ एस ई को त्यागपत्र दिए जाने पर बेबाक होकर कहते हैं कि मिनिस्टर लोग मुझे गंभीरता से नही ले रहे थे । मैं कुछ बदलाव का प्रस्ताव रखना चाहता था , चिल्ड्रन फिल्म को तकनिकी रूप से मजबूत बनाकर  मल्टीप्लेक्स और सिनेमाघरों में कमर्शियल करना चाहता था । मगर कमिटी मेंबर को फेस्टिवल में जाकर अवार्ड जीतने वाली स्लो मेकिंग फिल्म ही पसंद आती रही है । ऐसी फिल्में किस काम की जो बच्चों तक न पहुंचे या वे बोर हो जाएं ।
मैं स्पष्टवादी हूँ राजनीती मुझे आती नहीं इसीलिए चिल्ड्रेन फिल्म सोसायटी इंडिया छोड़ना पड़ा । अब मैं स्वयं की कंपनी शक्तिमान वर्ल्ड ऑफ़ चिल्ड्रन फिल्म्स के तहत उत्तम गुणवत्ता से परिपूर्ण बाल फिल्मों का निर्माण करूँगा ।
मुकेश ने आगे कहा कि  हिट फिल्म लंचबॉक्स के निर्माता रंगाचारी , अभिनेता अनुपम खेर , निर्देशक नीरज पांडे और राजकुमार संतोषी ने मेरा साथ देने की हामी भरी है । मेरी कोशिश रहेगी बच्चों के लिए खेल , बौद्धिक विकास में सहायक , देशभक्ति , संस्कारी फ़िल्में बनकर आवश्यक प्रचार प्रसार के साथ सिनेमाघरों में  प्रदर्शित हो ।

 - संतोष साहू

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