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सफल व्यवसायियों और उद्यमियों ने बहुत सारा पैसा कमाया है, लेकिन वे हमेशा खुद पर खर्च नहीं करते हैं। आज के कई उद्यमियों ने दानी प्रवृति अपनाकर गरीब असहाय लोगों के लिए उनके  जरूरत की पूर्ति करते हैं और पुण्य कमाते हैं  । ऐसे व्यवसायियों में से एक ब्राइट आउटडोर एडर्व्टाइंजिग के सीएमडी योगेश लाखानी हैं, जो भावेश शाह, कोमल फोफारिया, नरेंद्र चिटालिया, मातोश्री जयाबेन हिम्मतलाल शाह चैरिटेबल ट्रस्ट (एमजेएचएस) के निर्मल शाह के साथ कुछ आश्चर्यजनक धर्मार्थ कार्य कर रहे हैं।

"देने का कल्चर" में विश्वास करते हुए, एमजेएचएस हर महीने के पहले रविवार को रियायत के मुफ्त वितरण का आयोजन कर रहे है। मूल वस्तुओं को आम तौर पर किसी भी गरीब लोगों को वितरित किया जाता है और ट्रस्ट ने ३२५ परिवारों को गेहूं, चावल, दालों, खाद्य तेल, घी, चाय जैसी वस्तुओं के साथ मदद करने में कामयाबी हासिल की है। इस वितरण का मुख्य मोटो है -- किसी को भी भूख के दर्द को महसूस नहीं करना चाहिए। ट्रस्ट ने हर शनिवार को शताब्दी अस्पताल और चिकूवाडी कार्यालय, बोरिवली पश्चिम में ७०० से ज्यादा गरीब लोगों को 'अन्न आहार' प्रदान करते है।
इस पहल के बारे में बात करते हुए योगेश लाखानी कहते हैं, "ट्रस्ट २००७ में पंजीकृत था और कुछ समय पहले मैं इसके साथ जुड़ा हुआ था। यह समाज और देश को वापस देने का मेरा तरीका है। लखानी चैरिटी के कार्य के बारे में अधिक जानकारी देते हुए कहते है, "हम अपने जीवन के सभी पहलुओं के माध्यम से लोगों की जिंदगी को छूने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए हम भूखे को खिलाएंगे, बल्कि अनपढ़ को शिक्षित करने में मदद करते हैं और उनको उनके पैर पर खड़े होने के लिए मदद भी करते है।
  एमजेएचएस न केवल १२,००० छात्रों को करीब ५०,००० नोटबुक्स की सहायता की है, बल्कि फ्री व्हील कुर्सी, स्टूल टेबल, फौलर बेड, नेब्युलर, वॉकर के साथ कई अन्य चीजों के लिए किराया देने और बुजुर्ग घर, वरिष्ठ नागरिकों और कैंसर रोगियों के लिए चिकित्सा सहायक के साथ भी मदद कर रहा है।

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