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सविता उपाध्याय/लखनऊ
निगम की 110 पार्षद और एक महपौर पद पर काबिज़ होने के लिए प्रत्याशी जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं आखिर बात जन प्रतिनिधि कहलाने की है। लेकिन इनको सिंबल देने वाली पार्टियों के दफ्तर का हाउस टैक्स ही जमा नहीं है। सत्ता धारी पार्टी का मुख्यालय राजनीतिक बकाएदारों में सबसे आगे हैं। बात यहीं खत्म नहीं होती सूबे के सीएम, डिप्टी सीएम, मंत्रियों से लेकर विधान सभा और सचिवालय भी करोड़ों के बकाएदार हैं। सबसे बड़ा बकाएदार वो वीवीआईपी गेस्ट हाउस हैं जहां देश भर के माननीय ठहरते हैं। राज्य संपत्ति विभाग के अधीन आने वाले 82 भवनों का 36 करोड़ 14 लाख 17 हजार 910 रूपए टैक्स बकाया है।

विधानसभा से लेकर बापू भवन बकाएदारों की सूची में
यूपी विधान सभा, जहां प्रदेश भर का बजट पास किया जाता है उस भवन का 1.29 करोड़ और प्रदेश के आला अधिकारिओं का दफ्तर बापू भवन पर 3.7 करोड़ का हाउस टैक्स बकाया है। यह तो ऐसे सरकारी कार्यालय हैं जहां सरकार के मंत्री और शासन के आला अधिकारी बैठकें करते हैं। नगर निगम को शत प्रतिशत वसूली के आदेश बापू भवन स्थित नगर विकास विभाग से ही दिए जाते हैं।

इनके अलावा हाई कोर्ट गेस्ट हाउस, उप मुख्यमंत्री आवास, न्यू / ओल्ड मंत्री आवास, प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के कार्यालयों सहित सुबह के मुख्यमंत्री का सरकारी आवास 5 कालिदास मार्ग भी सूची में शामिल हैं। 5 केडी का 38,729 रूपए बकाया है। मंत्रियों में सबसे अधिक बकाया उप मुख्यमंत्री केशव मौर्या के आवास का 10.6 लाख है।
नवनिर्वाचित सदन से पहले खजाना भरने में लगा निगम
जीएसटी के बाद नगर निगम के लिए हाउस टैक्स ही एक मात्र आय का स्त्रोत बचा है। टैक्स से मिलने वाली राशि के जरिए ही निगम कर्मचारियों को वेतन मिलता है। शासन की ओर से टैक्स वसूली के लिए लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। मौजूदा वित्तीय वर्ष समाप्ति होने में चार महीने का समय है। जबकि दिसंबर में नवनिर्वाचित सदन के गठन के बाद वार्ड विकास प्राथमिकता निधि को लेकर दबाव बढ़ जाएगा। यही नहीं विकास कार्य शुरू किए जाने को लेकर भी बजट न होने पर मुश्किलें बढ़ जाएंगी। ऐसे में अपनी स्थिति मजबूर करने के लिए गृहकर बकाएदारों पर शिकंजा कसने की तैयारी निगम ने की है। ऐसे बकाएदारों को पहले टैक्स जमा करने की नोटिस भेजी जाएगी।

संपत्ति कुर्क करने का भी अधिकार
समय पर गृहकर का भुगतान न करने पर संबंधित विभागों का खाता सीज किया जासकता है। नगर निगम अपने अधिनियम के अंतर्गत टैक्स बकाएदारों से संपत्ति कर वसूली के लिए चल अचल संपित्त को कुर्क करने की कार्रवाई का अधिकार भी रखता है।
  नगर आयुक्त उदयराज सिंह ने बताया कि सभी बड़े बकायेदारों को नोटिस भेजा जा रहा है। शत प्रतिशत वसूली के निर्देश सभी जोन अधिकारियों और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को दिए गए हैं।
*मंत्री आवासों पर बकाया हाउस टैक्स*
उप मंत्री आवास, कालिदास मार्ग 10,62,703
ओल्ड स्पीकर हाउस, कालिदास मार्ग 3,00,124.57
न्यू मंत्री आवास, कालिदास मार्ग 3,90,507
ओल्ड मंत्री आवास, कालिदास मार्ग 3,46,214.62

राजनीतिक पार्टी कार्यालयों पर लाखों का बकाया
भाजपा कार्यालय 61,45,912
समाजवादी पार्टी कार्यालय 29,31,987
लोकतांत्रिक कांग्रेस 27,29,004
राष्ट्रीय लोकदल 21,22,880
युवजन सपा कार्यालय 17,46,360
मकपा माक्र्स 9,91,828</p>

सरकारी भवनों पर बकाए की राशि
वीवीआईपी गेस्ट हाउस 5,41,88,562 
जवाहर भवन 4,91,90,113
इंदिरा भवन 4,04,05,428
बापू भवन 3,71,95,817
बहुखंडी मंत्री आवास 1,82,20,227
सचिवालय प्रथम 1,38,06,983
सचिवालय द्वितीय 1,37,18,928
विधान भवन 1,29,83,456
न्यू बहुखंडी मंत्री आवास 58,93,842
सचिवालय चतुर्थ तल 44,56,082

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