मुंबई। उत्तर प्रदेश की सियासत और मुंबई के उत्तर भारतीयों के मुद्दों को जोड़ते हुए कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोला है। यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सार्वजनिक संस्थानों के निजीकरण को लेकर भाजपा पर निशाना साधा, तो मुंबई कांग्रेस के उत्तर भारतीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अवनीश तीर्थराज सिंह ने रोजगार, भाषा विवाद और उत्तर भारतीय कामगारों के सम्मान का सवाल उठाया।
अंधेरी (पश्चिम) ओशिवारा में आयोजित उत्तर भारतीय सम्मेलन में उठे इन मुद्दों ने मुंबई से यूपी तक फैले उत्तर भारतीय समाज की समस्याओं को चुनावी चर्चा के केंद्र में लाने की कोशिश की। मुंबई विभागीय कांग्रेस कमिटी के उत्तर भारतीय प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित सम्मेलन में राजेंद्र पाल गौतम ने देश में सार्वजनिक संस्थानों की स्थापना और उनके मौजूदा स्वरूप को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आजादी के बाद शिक्षा, उद्योग, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में संस्थान खड़े किए, जबकि भाजपा सरकार के कार्यकाल में सार्वजनिक संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया तेज हुई है। गौतम ने कहा कि ओएनजीसी, भारत पेट्रोलियम, गेल, एनटीपीसी और एनएचपीसी जैसे सार्वजनिक उपक्रमों ने देश की ऊर्जा जरूरतों, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में योगदान दिया है। उन्होंने सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को मजबूत बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
मुंबई कांग्रेस उत्तर भारतीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अवनीश तीर्थराज सिंह ने मुंबई की अर्थव्यवस्था में उत्तर भारतीय समाज की भूमिका को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और अन्य उत्तर भारतीय राज्यों से आए लाखों लोगों की आजीविका मुंबई से जुड़ी है। सफाई, परिवहन, सब्जी कारोबार, ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और सुरक्षा सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले ये लोग शहर की आर्थिक गतिविधियों में योगदान देते हैं। अपनी कमाई का एक हिस्सा वे अपने मूल राज्यों में रहने वाले परिवारों को भी भेजते हैं। सिंह ने कहा कि मुंबई में मेहनत करने वाले उत्तर भारतीयों के सामने रोजगार की असुरक्षा, युवाओं के भविष्य और भाषा के नाम पर पैदा होने वाले तनाव जैसी चुनौतियां हैं। उन्होंने भाजपा पर उत्तर भारतीय समाज के साथ छलावा करने का आरोप लगाया और कहा कि इस समाज की समस्याओं तथा आकांक्षाओं को राजनीतिक विमर्श में उचित स्थान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य लोगों को जाति, धर्म और भाषा के आधार पर बांटना नहीं, बल्कि उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना होना चाहिए। रोजगार, शिक्षा और जनहित के सवालों को प्राथमिकता देने की जरूरत है।
सम्मेलन में दिल्ली पहुंचे एड. सुनील कुमार, उत्तरा पश्चिम जिला अध्यक्ष भावना जैन, वरिष्ठ कांग्रेस नेता रत्नेश सिंह, कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. अनित सिंह, स्थानीय नगरसेविका दिव्या अवनीश सिंह ने विचार रखे।
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