यू35 लिस्ट में भारत भर में बिजनेस खड़े करने वाले 180 युवा लीडर्स को शामिल किया
मुंबई। अपनी पार्टनरशिप के दूसरे साल में कदम रखते हुए, एवेंडस वेल्थ और हुरुन इंडिया ने 'एवेंडस वेल्थ - हुरुन इंडिया यूथ सीरीज़ 2026' को प्रस्तुत किया है। यू35 लिस्ट में भारत भर में बिजनेस खड़े करने और उन्हें आगे बढ़ाने वाले 180 युवा लीडर्स को शामिल किया गया है। यह इस लिस्ट का दूसरा एडिशन है और इसमें यह लिस्ट 16% बड़ी हुई है; साल 2025 में इसमें 155 उद्यमी थे, जो देश भर में अपनी पहचान बना रहे युवा बिजनेस लीडर्स के बढ़ते ग्रुप को दिखाता है।
उमंग पपनेजा, एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन और सीईओ, एवेंडस वेल्थ मैनेजमेंट ने कहा,"बिजनेस का रुख तय करने वाले फैसले कभी भी सिर्फ उस बिजनेस तक सीमित नहीं होते। उद्यमी फंड का इस्तेमाल किस तरह करते हैं, तरक्की की राह चुनते हैं और जोखिम को संभालते हैं, इसका सीधा असर उनके निवेश, परिवारों और उनकी विरासत पर पड़ता है। यह यू35 लिस्ट उन लोगों की एक शानदार झलक दिखाती है जो ये फैसले ले रहे हैं, और साथ ही यह भारत के विकास के अगले चरण को आकार देने वाले उनके हौसले को भी बयां करती है। एवेंडस में हम उद्यमियों के साथ उनके बिजनेस के हर पड़ाव पर मिलकर काम करते हैं चाहे वह ग्रोथ कैपिटल जुटाना हो, फाइनेंशियल मार्केट तक पहुंच बनाना हो, तो पीढ़ियों तक संपत्ति को मैनेज और ट्रांसफर करना हो। एवेंडस वेल्थ में हमारा नज़रिया बहुआयामी है, क्योंकि हम जानते हैं कि वेल्थ का मतलब सिर्फ इन्वेस्टमेंट नहीं है, बल्कि इसमें बिजनेस के हित, परिवार की प्राथमिकताएं और आने वाली पीढ़ियों की आकांक्षाएं भी शामिल हैं। चूंकि ये एंटरप्रेन्योर भारतीय उद्यम के भविष्य को बदल रहे हैं, इसलिए यह समझना बहुत जरूरी हो जाता है कि यह अगली पीढ़ी फंड, तरक्की और संपत्ति बनाने को किस नजरिए से देखती है।"
इस साल का यह ग्रुप 16% बढ़कर 180 उद्यमियों का हो गया है, जिनकी कंपनियों की कुल वैल्यू 48 लाख करोड़ रुपये है, जो पिछले साल के मुकाबले 23% ज्यादा है। इस लिस्ट में 71% पहली पीढ़ी के एंटरप्रेन्योर्स हैं, और एआई व मशीन लर्निंग (AI & ML) से जुड़े फाउंडर्स की संख्या 3 से बढ़कर 12 यानी चार गुना हो गई है। यह बदलाव भारत में नए बिजनेस शुरू होने के बड़े पैमाने को दिखाता है।
अनस रहमान जुनैद, फाउंडर और चीफ रिसर्चर, हुरुन इंडिया ने कहा,"एवेंडस वेल्थ हुरुन इंडिया यू35 लिस्ट 2026 यह साफ दिखाती है कि देश की अर्थव्यवस्था में युवा उद्यमियों का कितना बड़ा योगदान है। इस लिस्ट में 180 ऐसे लीडर्स शामिल हैं जिनके बिजनेस 5.88 लाख से ज़्यादा लोगों को रोजगार देते हैं, और इनमें 37 कंपनियां ऐसी हैं जिनकी वैल्यू 1 बिलियन डॉलर से अधिक है। यू30 लिस्ट हमें यह बताती है कि बिजनेस की शुरुआत कहाँ से होती है, जबकि यू35 लिस्ट यह दिखाती है कि वे कितना आगे बढ़ सकते हैं। अब अर्थव्यवस्था के लिए अगला टेस्ट यह देखना होगा कि क्या यह तरक्की लगातार उत्पादकता, मुनाफे और कुशल रोजगार में बदल पाती है या नहीं। यह युवा ग्रुप भारत के भविष्य के लिए एक बहुत मजबूत और बड़ा आधार तैयार कर रहा है।हम भारत के आर्थिक भविष्य को संवारने वाले उद्यमियों को पहचान देने और इस साझेदारी को लगातार आगे बढ़ाने के लिए एवेंडस वेल्थ को धन्यवाद देते हैं।"
इस लिस्ट की बनावट भी कई दिलचस्प बातें सामने लाती है। इस ग्रुप में 71% पहली पीढ़ी के फाउंडर्स हैं, जबकि अगली पीढ़ी के 53 लीडर्स पहले से स्थापित पारिवारिक व्यवसायों को एक नए रूप में आगे बढ़ा रहे हैं। नए व्यवसाय शुरू होने और पारिवारिक व्यवसायों में आ रहे बदलावों, दोनों से ही भारत में उद्यमशीलता का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
स्पेस, डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स के साथ-साथ इस लिस्ट में एआई और मशीन लर्निंग से जुड़े उद्यमियों की संख्या चार गुना बढ़ गई है। यह दिखाता है कि युवाओं में खुद की टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट्स बनाने, विदेशी बाजारों में पहचान बनाने और अपनी बनाई वैल्यू का ज़्यादा से ज़्यादा फायदा उठाने की कितनी बड़ी इच्छा है।
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