मुंबई। बाइकवो ग्रीन टेक लिमिटेड (NSE: BIKEWO) वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान अपने ऑपरेटिंग बेड़े को लगभग 10,000 वाहनों तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके लिए कंपनी को ₹76 करोड़ से अधिक के वारंट के माध्यम से प्रिफरेंशियल इश्यू द्वारा फंड मिलेगा।
यह विस्तार इलेक्ट्रिक वाहन बिक्री और डिस्ट्रीब्यूशन से आगे बढ़कर ईवी एसेट ओनरशिप एवं लीजिंग, फ्लीट डिप्लॉयमेंट, विशेष मोबिलिटी एप्लीकेशंस, ऑपरेटिंग पार्टनरशिप, लाइफसाइकिल सपोर्ट और टेक-आधारित लॉजिस्टिक्स की दिशा में कंपनी के बड़े बदलाव को दर्शाता है। बाइकवो अपने इस अगले चरण को 'बाइकवो असेंड' का नाम दे रही है।
इस बदलाव के तहत शुरुआती पड़ाव रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के बायो एनर्जी डिवीजन के साथ हुआ एक बड़ा करार है, जिसके तहत विशेष इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों की हायरिंग और डिप्लॉयमेंट की जाएगी। जीएसटी सहित इन कॉन्ट्रैक्ट्स की कुल अनुमानित वैल्यू लगभग ₹66.46 करोड़ है, और इसकी वैलिडिटी जुलाई 2033 तक है। ये ट्रैक्टर विशेष लोडर, कैचर और ग्रैबर एप्लीकेशंस से लैस हैं, साथ ही कंपनी इनके लिए ड्राइवर और व्हीकल-ऑपरेशन सेवाएं भी प्रदान करेगी।
यह तैनाती इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बायो-एनर्जी और बायोमास-हैंडलिंग ऑपरेशंस के क्षेत्र में लेकर जाती है, जो कि विशेष औद्योगिक वातावरण में उभरता हुआ एक नया सेक्टर है।
बाइकवो ग्रीन टेक लिमिटेड के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) हितेन पाल सकलानी ने कहा, "हमारे लिए 'बाइकवो असेंड' इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को केंद्र में रखकर एक बहुत बड़ा बिजनेस खड़ा करने के बारे में है। हमने वाहनों के साथ शुरुआत की थी, लेकिन हम उन बुनियादी ढांचों, ऑपरेशंस और टेक्नोलॉजी में कहीं ज्यादा बड़े अवसर देख रहे हैं जो इन वाहनों को वैल्यू प्रदान करने के योग्य बनाते हैं। बायो-एनर्जी सेक्टर में हमारा प्रवेश इस बात का एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे स्पेशल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, पारंपरिक ट्रांसपोर्टेशन से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों में अपनी जगह बना सकती है।"
कंपनी का यह विस्तार लास्ट-माइल, मिड-माइल और लॉन्ग-माइल ट्रांसपोर्टेशन, एंटरप्राइज मोबिलिटी, स्पेशल फ्लीट एप्लीकेशंस और इससे जुड़े मोबिलिटी इन्फ्रास्ट्रक्चर तक फैला हुआ है।
इसके साथ ही, बाइकवो ने ऑटोमोटिव और ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर्स में तीन दशकों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले सुमंत बदिगा को अपने एडवाइजरी बोर्ड में नियुक्त किया है।
सकलानी ने आगे कहा, "हमारे लिए विस्तार का मतलब सिर्फ सड़क पर और गाड़ियां उतारना नहीं है। इसका असली मकसद उन वाहनों के इर्द-गिर्द बेहतरीन ऑपरेटिंग क्षमता विकसित करना है। हम एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं जो विभिन्न मोबिलिटी जरूरतों के लिए सही एसेट्स, पार्टनर्स, टेक्नोलॉजी और ऑपरेटिंग क्षमताओं को एक साथ ला सके। जैसे-जैसे हम पूरे भारत में विस्तार कर रहे हैं, हमारा ध्यान इसी तरह के बिजनेस मॉडल को खड़ा करने पर केंद्रित है।"
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