मुंबई। दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA), कांडला ने आज अपने प्रशासनिक कार्यालय भवन, गांधीधाम में 'कांडला ग्रीन हाइड्रोजन कॉनक्लेव 2026' का आयोजन किया। इस सम्मेलन में दुनिया भर के विचारकों, उद्योग विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सम्मेलन की शुरुआत केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग (PSW) मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के एक वर्चुअल वीडियो संदेश के साथ हुई।
यह कॉनक्लेव DPA के अध्यक्ष सुशील कुमार सिंह (IRSME), नॉर्वे के पूर्व मंत्री व अंतर्राष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड (GH2 इंडिया) के अध्यक्ष श्री एरिक सोल्हेम और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित किया गया।
इस सम्मेलन के दौरान ग्रीन हाइड्रोजन, स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण, सतत बंदरगाह विकास और उभरती हुई हरित तकनीकों पर गहन चर्चा और विचार-विमर्श हुआ। इसने भारत की हरित समुद्री आकांक्षाओं को गति देने के लिए वैश्विक सहयोग और विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया।
'कांडला ग्रीन हाइड्रोजन कॉनक्लेव 2026' के हिस्से के रूप में, GH2 प्रतिनिधिमंडल ने कांडला में स्थित भारत के पहले 'मेक-इन-इंडिया' 1-मेगावाट ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का दौरा किया।
प्रतिनिधिमंडल ने बंदरगाह की प्रमुख सुविधाओं का भी जायजा लिया, जिससे उन्हें DPA के मजबूत बुनियादी ढांचे, परिचालन क्षमताओं और हरित ऊर्जा व सतत समुद्री विकास पर इसके बढ़ते फोकस की महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
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