मुंबई। बेंगलुरु स्थित इंजीनियरिंग ठेकेदार लीपफ्रॉग इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड शेयर बाजार में प्रवेश करने जा रही है। कंपनी ने अपने IPO के लिए 17 से 19 जून 2026 तक का समय निर्धारित किया है। यह इश्यू बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर लॉन्च होगा और शेयरों का मूल्य बैंड 21 रुपये से 23 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।
कंपनी इस IPO के माध्यम से कुल 88.51 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसमें से 79.60 करोड़ रुपये की राशि 3.46 करोड़ नए इक्विटी शेयरों के फ्रेश इश्यू से प्राप्त होगी, जबकि 8.91 करोड़ रुपये की राशि मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ऑफर फॉर सेल के माध्यम से आएगी। सूचीबद्ध होने के बाद प्रमोटरों की हिस्सेदारी 67 प्रतिशत से अधिक रहेगी।
फ्रेश इश्यू से प्राप्त राशि का बड़ा हिस्सा कंपनी के विस्तार कार्यक्रम में लगाया जाएगा। लगभग 27 करोड़ रुपये बेंगलुरु के येलेनहल्ली क्षेत्र में एक नई असेंबली सुविधा स्थापित करने पर खर्च किए जाएंगे, जबकि 36 करोड़ रुपये कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उपयोग किए जाएंगे। शेष राशि का उपयोग इश्यू से संबंधित खर्चों और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
यह नई फैक्ट्री केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि पैनल असेंबली कार्य के लिए बाहरी विक्रेताओं पर कंपनी की निर्भरता कम करने के लिए भी महत्वपूर्ण होगी। बढ़ते निर्यात ऑर्डरों के बीच यह निर्भरता अब तक कंपनी के लिए एक संरचनात्मक चुनौती रही है।
वर्ष 2005 में स्थापित लीपफ्रॉग ने अपनी शुरुआत एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग सेवा प्रदाता के रूप में की थी। आज कंपनी इलेक्ट्रिकल, इंस्ट्रूमेंटेशन, ऑटोमेशन और कंट्रोल सिस्टम्स में विशेषज्ञता रखने वाली बहुआयामी इंजीनियरिंग समाधान प्रदाता बन चुकी है।
पिछले दो दशकों में कंपनी ने भारत के साथ-साथ कुवैत, अमेरिका, जर्मनी, नाइजीरिया और कनाडा सहित कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सफलतापूर्वक परियोजनाएं पूरी की हैं। कंपनी बहुराष्ट्रीय निगमों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और वैश्विक ईपीसी ठेकेदारों को सेवाएं प्रदान करती है।
वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का राजस्व 134.66 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 21.57 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो लगभग 16 प्रतिशत मार्जिन को दर्शाता है। यह वित्त वर्ष 2022-23 की तुलना में उल्लेखनीय सुधार है, जब EBITDA मार्जिन मुश्किल से 1 प्रतिशत तक पहुंच पाया था। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का शुद्ध लाभ 16.22 करोड़ रुपये रहा।
दिसंबर 2025 तक के नौ महीनों के आंकड़े और भी बेहतर तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। इस अवधि में EBITDA मार्जिन लगभग 20 प्रतिशत तक पहुंच गया, जबकि पैट मार्जिन 14 प्रतिशत से अधिक रहा। हालांकि यह देखना बाकी है कि यह प्रदर्शन पूरे वित्तीय वर्ष में कायम रहता है या नहीं, लेकिन कंपनी की दिशा स्पष्ट रूप से सकारात्मक दिखाई देती है।
कंपनी की नेटवर्थ वित्त वर्ष 2022-23 के 5.32 करोड़ रुपये से बढ़कर दिसंबर 2025 तक 67.44 करोड़ रुपये हो गई है। वहीं ऋण-इक्विटी अनुपात 2.45 गुना से घटकर 0.48 गुना पर आ गया है।
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