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मुंबई। आदित्य ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन्स (एजीआई) के भाग, आदित्य स्कूल ऑफ बिज़नेस मैनेजमेंट (एएसबीएम) ने एक दिवसीय एक्सपेरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम ‘माय 1 डे एट बी-स्कूल ऑफ डिजिटल ऐज’ का आयोजन किया। जिसे मैनेजमेंट की पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में बिज़नेस शिक्षा के बदलते परिवेश के बारे में जानकारी देने के लिए डिज़ाइन किया गया था।

आदित्य ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के सेमिनार हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में तकरीबन 100 लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें एमबीए के महत्वाकांक्षी छात्र, उद्योग जगत के पेशेवर, पूर्व छात्र, फैकल्टी सदस्य और एकेडमिक लीडर शामिल थे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य फ्यूचर-रैडी मैनेजमेंट प्रोफेशनल तैयार करने में एआई, इंडस्ट्री एक्सपोज़र और प्रैक्टिकल लर्निंग की भूमिका को दर्शाना था।

प्रोग्राम के मुख्य बिन्दु:

● एक एआई-पावर्ड आईपीएल ऑक्शन सिमुलेशन, ‘कंपीट लाईक अ फ्रैंचाइज़ी’ प्रोग्राम का मुख्य आकर्षण केन्द्र था, जिसने एमबीए करने के इच्छुक 36 छात्रों को ऐसा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जहां उन्हें एआई टूल्स, स्टैªटेजिक थिंकिंग और मैनेजरियल निर्णय लेने के कौशल को आज़माने के लिए बेहतरीन अनुभव मिला।
● यह सिमुलेशन का संचालन तीन चरणों में किया गया थाः एआई वॉर रूम, लाइव स्टेज ऑक्शन और डिसरप्शन फ़ेज़। इससे प्रतिभागियों को एआई-आधारित विश्लेषण, प्रतिस्पर्धी निर्णय लेने, संसाधन प्रबंधन और संकट के समय निर्णय लेने (क्राइसिस हैंडलिंग) का अनुभव मिला।
● प्रतिभागियों ने एक सिमुलेटेड कॉर्पोरेट माहौल में डेटा का विश्लेषण करने, योजनाएं बनाने, जोखिमों का आकलन करने और व्यावसायिक निर्णय लेने के लिए चैट जीपीटी, जेमिनाई और क्लॉड जैसे एआई टूल्स का इस्तेमाल किया।
● सिमुलेशन में वास्तविक जीवन के बिज़नेस की कई चुनौतियां शामिल की गईं जैसे खिलाड़ियों को चोट लगना और ब्रांड के प्रति लोगों की राय बदलना। इससे प्रतिभागियों को एआई-जनरेटेड सुझावों और इंसानी समझ व मैनेजरियल सूझ-बूझ के बीच संतुलन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
● सिमुलेशन में चार फ्रैंचाइज़ी टीमों ने हिस्सा लिया। टीम मुंबई मेवरिक्स 89 फीसदी स्क्वैड आरओई के साथ विजेता रही, जिसने संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल और रणनीतिक निर्णय लेने की क्षमता का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. बालकृष्ण परब, मैनेजमेंट एजुकेशन एक्सपर्ट और डीन, मैनेजमेंट, एएसबीएम तथा डायरेक्टर एआईएमटीएआर द्वारा सम्बोधन के साथ हुई। उन्होंने बिज़नेस के बदलते माहौल में काम करने के लिए सामाजिक रूप से ज़िम्मेदार, उद्योग जगत के लिए तैयार और टेक्नोलॉजी में सक्षम मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स को तैयार करने के महत्व पर ज़ोर दिया।

एआई और मार्केटिंग टेक्नोलॉजी के विशेषज्ञ सिद्धेश्वर राजाध्यक्ष ने एक विशेष सत्र का संचालन किया,जिसका विषय था ‘एआई की दुनिया में मैनेजमेंट करियर’। उन्होंने विभिन्न उद्योगों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव और भावी मैनेजमेंट करियर पर इसके प्रभाव पर विचार रखे। सत्र के दौरान एआई-आधारित मैनेजमेंट रोल्स, डेटा-उन्मुख निर्णय निर्धारण, मनुष्य और एआई के बीच आपसी सहयोग तथा भावी बिज़नेस लीडर्स के लिए ज़रूरी कौशल पर चर्चा की गई।

एसेंचर में इंडस्ट्री प्रोफेशनल और मैनेजमेंट कंसल्टेंट श्री निहाल कीर्तिकर ने पूर्व छात्रों के साथ बातचीत की, उन्होंने एएसबीएम के बाद अपनी पेशेवर यात्रा के बारे में बताया और उद्योग जगत में अपने अनुभव साझा किए। साथ ही मैनेजमेंट में करियर बनाने की चाह रखने वाले छात्रों को मार्गदर्शन भी दिया।

जाने-माने मैनेजमेंट एजुकेशन लीडर, एएसबीएम के स्ट्रैटेजिक एडवाइज़र, एनएमआईएमएस के पूर्व वाइस चांसलर, आईआईएम इंदौर के पूर्व डायरेक्टर और एसपीजेआईएमआर मुंबई के पूर्व डायरेक्टर डॉ. राजन सक्सेना ने विशेष संबोधन दिया। डॉ. सक्सेना ने बिज़नेस में एआई की भूमिका, डिजिटल लीडरशिप, ग्लोबल मैनेजमेंट के रूझानों, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप पर अपने विचार साझा किए। साथ ही, उन्होंने लगातार सीखने, बदलते माहौल के अनुसार अपने आप को ढालने और भविष्य के अनुकूल कौशल सीखने के महत्व पर भी ज़ोर दिया।

एआई आधारित सिमुलेशन का संचालन कुहेली पुल्यादथ ने किया, जिन्होंने एक्सपेरिएंशियल मैनेजमेन्ट के विभिन्न चरणों में मार्गदर्शन दिया। सिमुलेशन में चार प्रतिस्पर्धी फ्रैंचाइज़ टीमों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से टीम मुंबई मेवरिक्स 89 फीसदी स्क्वैड आरओआई के साथ विजेता टीम के रूप में उभरी। उन्होंने प्रभावी संसाधन अनुकूलन और रणनीतिक निर्णय लेने की क्षमता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का समापन एएसबीएम के एकेडमिक लीडर और डायरेक्टर डॉ. सुव्राशीष सरकार के संबोधन के साथ हुआ। उन्होंने विश्व स्तर पर सक्षम मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स तैयार करने के लिए लगातार सीखने, उद्योग एवं अकादमिक जगत के बीच सहयोग तथा इनोवेशन-आधारित शिक्षा के महत्व पर ज़ोर दिया। सभी प्रतिभागियों को उनकी सक्रिय भागीदारी के लिए सर्टिफिकेट दिए गए। 

इस प्रोग्राम को प्रतिभागियों से ज़बरदस्त रिस्पॉन्स मिला, खासतौर पर विशेषज्ञों के सत्रों, पूर्व छात्रों के साथ बातचीत और व्यावहारिक सिमुलेशन को खूब पसंद किया गया। ‘माय 1 डे एट बी-स्कूल ऑफ डिजिटल ऐज’ ने मैनेजमेंट की पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों को लर्निंग के आधुनिक तरीकों से परिचित कराया तथा बिज़नेस व मैनेजमेंट की शिक्षा में एआई की बदलती भूमिका पर रोशनी डाली।

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