गुप्त नवरात्रि में कन्या जन्म, झा परिवार के लिए बना आस्था और सौभाग्य का प्रतीक
एमएलए और समाजसेवक सोनू कुमार झा ने बताया— “यह सिर्फ जन्म नहीं, ईश्वरीय आगमन है”
मुंबई। झा परिवार में नन्ही कन्या के जन्म को केवल पारिवारिक खुशी नहीं, बल्कि आस्था, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक अनुभूति से जुड़ा एक विशेष क्षण माना जा रहा है। बच्ची के पिता सोनू कुमार झा, जो स्वयं महादेव के अनन्य भक्त और सनातन परंपरा में आस्था रखने वाले हैं, इस पूरे घटनाक्रम को ईश्वर की विशेष कृपा के रूप में देख रहे हैं।
सोनू कुमार झा के अनुसार, उनकी धर्मपत्नी एकता झा के नौ माह पूर्ण होते ही परिवार में एक अलग ही उत्साह का वातावरण बन गया था। इसी दौरान गुप्त नवरात्रि चल रही थी और नवरात्रि के तीसरे दिन कन्या का जन्म हुआ। यह संयोग उनके लिए अत्यंत भावनात्मक और आध्यात्मिक रहा। बेटी के जन्म का समाचार मिलते ही अस्पताल में ही उनकी आँखें नम हो गईं और उन्होंने इसे “धरती पर शक्ति के आगमन” के रूप में अनुभव किया।
उनका मानना है कि बेटी के जन्म का समय सामान्य नहीं था, बल्कि एक विशेष और पवित्र क्षण था, जिसे वे ईश्वरीय आत्मा का अवतरण मानते हैं। इसी कारण वे अपनी पुत्री को माँ लक्ष्मी का स्वरूप मान रहे हैं। जन्म के बाद से ही उनके जीवन में रुकी हुई कई राहें खुलती दिखाई दीं—सम्मान, अवसर और सकारात्मक बदलाव लगातार सामने आ रहे हैं।
कार्यक्रम से जुड़े सभी संस्कार और आयोजन शुभ मुहूर्त में किए गए। सोनू कुमार झा ने बताया कि किसी बाहरी पंडित से परामर्श की आवश्यकता नहीं पड़ी, क्योंकि उनके पिता श्री रामचंद्र झा स्वयं विद्वान और धर्मशास्त्र के जानकार हैं। परिवार ने परंपरा और आस्था के अनुरूप स्वयं ही सभी शुभ समय का निर्धारण किया।
बेटी के जन्म की खुशी में सोनू कुमार झा ने मीरा रोड स्थित जीसीसी क्लब एवं होटल में एक भव्य पार्टी का आयोजन किया, जहां सोनू कुमार झा को बधाई देने के फिल्म निर्माता सोहेल मकलई (कंगना रनौत अभिनीत फिल्म धाकड़), फिल्म निर्देशक अमन अरोरा, अभिनेता क्षितिज सिंह, अभिनेत्री संगीता तिवारी, नगरसेवक विवेक उपाध्याय की उपस्थित रही। साथ ही सांस्कृतिक कलाकार और पेशेवर डांसर्स की उपस्थिति रही। आयोजन की व्यवस्था, प्रस्तुति और अनुशासन की सभी ओर सराहना हुई।
इस अवसर पर सोनू कुमार झा ने अपने पूरे परिवार और ससुराल पक्ष के प्रति आभार जताया। दिल्ली और बिहार से ससुराल पक्ष के सदस्य तुरंत आयोजन में शामिल हुए। पुणे से भांजे की उपस्थिति, वृद्ध पिता की सक्रिय भागीदारी और पूरे कार्यक्रम में उनकी निगरानी परिवार के लिए भावनात्मक क्षण रही। उन्होंने अपने ससुर ब्रिज मोहन झा, मामा अशोक झा, भाभी मोहनी झा और सोनी झा सहित सभी परिजनों के सहयोग को अविस्मरणीय बताया।
सोनू कुमार झा सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। कानून की शिक्षा (एल.एल.बी.) पूर्ण करने के बाद वे लंबे समय से सामाजिक सेवा से जुड़े हुए हैं। मुंबई में रहकर वे जरूरतमंदों की सहायता गुप्त रूप से करते हैं और प्रचार से दूर रहना पसंद करते हैं। राजनीतिक रूप से सक्रिय होने के बावजूद वे स्वयं को सेवा और संस्कार से जुड़ा व्यक्ति मानते हैं।
झा परिवार के लिए यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि आस्था, परिवार, परंपरा और सकारात्मक ऊर्जा का संगम बनकर सामने आया—जिसे क्षेत्र में एक गरिमामय और यादगार आयोजन के रूप में देखा जा रहा है।
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