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शैलेश जायसवाल / राजनिती पत्रकार, मुंबई

    मुंबई में शिवसेना शिंदे गुट के इकलौते सांसद रविंद्र वायकर, जो पहले जोगेश्वरी पूर्व विधानसभा से विधायक रहे है। पिछले विधानसभा चुनाव में उनकी पत्नी मनिषा वायकर को 1541 मतों से हरा कर 77044 मतों से साथ उबाठा गुट से बाला नर विजयी हुए थे। इस बार भी वार्ड नंबर 73 से उनकी बेटी दिप्ती वायकर पोतनीस चुनावी मैदान में हैं। हर बार की तरह इस बार भी यहां शिवसेना बनाम शिवसेना के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। ऐसे में  मुंबई की नजर जोगेश्वरी के चुनावी नतीजों को जानने के लिए खास तौर पर टीकी हुई है। 

    निम्न अनुमानित नतीजे अनुभवी राजनैतिक विशेषज्ञों, ज्योतिषाचार्य, न्युमरोलॉजिस्ट तथा टैरो कार्ड रीडर से की बातचीत व विश्लेषण के आधार पर अनुमानित की गई है। 

 जोगेश्वरी विधानसभा क्षेत्र: वार्ड-वार एक्ज़िट पोल व संभावित नतीजे

वार्ड 52

उम्मीदवार:  प्रिती साटम (BJP) | सुप्रिया संदिप गाढवे (UBT) | स्वाती एकनाथ सांगले (Congress)

यह वार्ड पारंपरिक रूप से संगठित मतदाता संरचना और पार्टी कैडर की मजबूती के लिए जाना जाता है। मतदान प्रतिशत औसत से थोड़ा अधिक दर्ज हुआ, जो सत्ता समर्थक रुझान की ओर इशारा करता है। जमीनी संकेतों के अनुसार प्रीति साटम को मध्यम से मजबूत बढ़त मिलती दिख रही है।

विश्लेषण:  संगठनात्मक पकड़ और बूथ-मैनेजमेंट BJP के पक्ष में। टैरो में  The Emperor —स्थिर नेतृत्व।

संभावित विजेता: प्रिती साटम (BJP)

अनुमानित वोट: BJP 52–54%, UBT 30–32%, Congress 12–14%

जीत का अंतर: 3,200–3,800 वोट


वार्ड 53

उम्मीदवार: अशोक खांडवे (Shivsena) | जितेंद्र वलवी (UBT) | नितिन सालवी (VBA)

इस वार्ड में मुकाबला अपेक्षाकृत सीधा रहा। स्थानीय मुद्दों और व्यक्तिगत संपर्क का लाभ अशोक खंडवे को मिलता दिख रहा है। टैरो संकेतों में “Strength” कार्ड इस वार्ड में स्थिर नेतृत्व की ओर इशारा करता है।

विश्लेषण:  त्रिकोणीय मुकाबला; पारंपरिक शिवसेना नेटवर्क बढ़त देता है।

संभावित विजेता: अशोक खांडवे (Shivsena)

अनुमानित वोट: Shivsena 50–52%, UBT 38–40%, VBA 6–8%

जीत का अंतर: ~2,600–3,100 वोट

वार्ड 72

उम्मीदवार: ममता पंकज यादव (BJP) | मनिषा मनोहर पांचाल (UBT) | गायत्री गुप्ता (Congress)

उत्तर भारतीय मतदाताओं की संख्या अधिक होने के कारण यह वार्ड भावनात्मक और पहचान आधारित मतदान के लिए जाना जाता है। ममता यादव को इस सामाजिक आधार का प्रत्यक्ष लाभ मिलता दिख रहा है। हालांकि मुकाबला पूरी तरह एकतरफा नहीं है।

विश्लेषण: पहचान-आधारित वोटिंग; अंतिम घंटों में BJP को लाभ।

संभावित विजेता: ममता पंकज यादव (BJP)

अनुमानित वोट:  BJP 50–52%, UBT 34–36%, Congress 12–14%

जीत का अंतर: ~1,900–2,400 वोट

वार्ड 73

उम्मीदवार: दिप्ती वायकर पोतनीस (Shivsena) | लोणा रावत (UBT) | स्नेहा जाधव (VBA)

यह वार्ड पूरे जोगेश्वरी क्षेत्र का सबसे हाई-वोल्टेज और संवेदनशील मुकाबला माना जा रहा है। मतदान के दौरान अंतिम दो घंटों में तेजी से मतदान हुआ, जो सत्ता-विरोधी और भावनात्मक ध्रुवीकरण का संकेत देता है। न्यूमरोलॉजी में 11 का प्रभाव—अचानक उलटफेर की संभावना।

विश्लेषण: हाई-वोल्टेज, फोटो-फिनिश। न्यूमरोलॉजी 11—अचानक मोड़।

संभावित विजेता: दिप्ती वायकर पोतनीस (Shivsena)

अनुमानित वोट: Shivsena 49–50%, UBT 47–48%, VBA 2–3%

जीत का अंतर: ~100–1,100 वोट (रीकाउंट की स्थिति बन सकती है)


वार्ड 74

उम्मीदवार: उज्वला मोडक (BJP) | समिता नितिन सावंत (Congress) | विद्या आर्य कांगणे (MNS) | श्रावणी मंदार मोरे (Ind.) | प्रणीता प्रविण मर्कज (Ind.)

मराठी बहुल मतदाता और स्थानीय महिला नेटवर्क इस वार्ड की विशेषता है। उज्वला मोडक को महिला मतदाताओं और पारंपरिक समर्थन का लाभ मिलता दिख रहा है। टैरो में “Justice” कार्ड—स्थानीय मुद्दों पर मतदान।

विश्लेषण: बहुकोणीय मुकाबला; विपक्षी वोट विभाजन।

संभावित विजेता: उज्वला मोडक (BJP)

अनुमानित वोट:  BJP 47–49%, Congress 22–24%, MNS 10–12%, Ind. 6–8%

जीत का अंतर: ~3,800–4,600 वोट


वार्ड 77

उम्मीदवार: प्रियंका आंबोळकर (Shivsena) | शिवानी सदानंद परब (UBT) | मोनिका वाडेकर (Congress)

यह वार्ड अपेक्षाकृत शांत रहा, लेकिन संगठनात्मक पकड़ मजबूत मानी जा रही है। मतदान प्रतिशत मध्यम रहा, जो आमतौर पर स्थापित नेटवर्क वाले उम्मीदवार के पक्ष में जाता है।

विश्लेषण: मजबूत कैडर; मध्यम मतदान आमतौर पर सत्ताधारी नेटवर्क के पक्ष में।

संभावित विजेता: प्रियंका आंबोळकर (Shivsena)

अनुमानित वोट:  Shivsena 53–55%, UBT 32–34%, Congress 10–12%

जीत का अंतर: ~4,500–5,200 वोट


वार्ड 78

उम्मीदवार:  नाजिया जब्बार सोफी (Shivsena) | भक्ति भालचंद्र आंबुरे (Ind.) | राबदा शेख (SP) | सिद्दीकी शबाना बानो (Congress)

मुस्लिम बहुल क्षेत्र होने के कारण यहाँ वोटों का ध्रुवीकरण स्पष्ट रहा। नाज़िया सोफ़ी को समुदाय आधारित समर्थन के साथ-साथ युवा मतदाताओं का भी झुकाव मिलता दिख रहा है। परंतु पहले नगरसेवक रह चुके भालचंद्र आंबुरे की पकड ज्या मजबूत होने के कारण उनकी पत्नी भक्ति की ओर वोटरों का झुकाव ज्यादा दिख रहा है। मुस्लिम वोट बटे होने का फायदा उन्हें मिल सकता है। 

विश्लेषण: समुदाय-आधारित ध्रुवीकरण; युवा वोट निर्दलीय ओर।

संभावित विजेता: भक्ति भालचंद्र आंबुरे (Ind.)

अनुमानित वोट:  Ind. 50–55%, Shivsena 49–51%, Congress 23–25%, SP 12–14%, 

जीत का अंतर: ~2,200–2,900 वोट 


वार्ड 79

उम्मीदवार: सायली सदानंद परब (Shivsena) | मानसी मधुकर जुवाटकर (UBT) | प्रियंका मिश्रा (Congress)

इस वार्ड में आखिरी चरण में मतदान में तेजी आई, जो आमतौर पर सत्ता समर्थक लहर का संकेत माना जाता है। स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता और जमीनी उपस्थिति सायली परब के पक्ष में जाती दिख रही है।

विश्लेषण:  अंतिम चरण में मतदान बढ़ा; टैरो Sun —स्पष्ट बढ़त।

संभावित विजेता: सायली सदानंद परब (Shivsena)

अनुमानित वोट:  Shivsena 54–56%, UBT 30–32%, Congress 10–12%

जीत का अंतर:  ~5,800–6,600 वोट


🔎 समग्र निष्कर्ष (Jogeshwari Assembly)

संभावित विजेता वार्डों की संख्या:

Shivsena:  4–5, BJP: 3,  निर्दलीय 1, सबसे कड़े मुकाबले: वार्ड 73, 72

सबसे आरामदायक जीत:  वार्ड 79, 77


🔍 समग्र निष्कर्ष (Jogeshwari Assembly – Overall Trend)

  • 8 में से 5–6 वार्डों में मौजूदा मजबूत उम्मीदवारों को बढ़त

  • वार्ड 73 और 72 सबसे ज्यादा अनिश्चित

  • महिला उम्मीदवारों को अपेक्षाकृत अधिक सकारात्मक मतदाता प्रतिक्रिया


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