0
मुम्बई। महानगर के उपनगर मालाड पूर्व में स्थित अप्पा पाड़ा झुग्गी बस्ती में पिछले दिनों भीषण आग लगने से हजारों लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। सिलेंडर ब्लास्ट के कारण लगी आग से एक व्यक्ति की बुरी तरह झुलसने से मौत हो गई।
हजारों घर आग की चपेट में आने से यहां के लोगों का बुरी तरह नुकसान हुआ है। उद्यमी और सोशल वर्कर नीलोत्पल मृणाल ने हाल ही में इस इलाके का दौरा किया। उनके नन्ही गूंज फाउंडेशन की टीम के लोग भी मौजूद थे। नीलोत्पल मृणाल ने पीड़ित लोगों को खाने के पैकेट, टी शर्ट, धूप बारिश से बचने के लिए तालपत्री का वितरण किया। लाभ लेने वालों में महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे सभी शामिल थे और सभी ने नीलोत्पल मृणाल की इस सेवा भावना को सराहा।
समाज सेवक और उद्यमी नीलोत्पल मृणाल ने मदद की सामग्री वितरित करने के बाद कहा कि मलाड में 13 मार्च की रात में सिलेंडर ब्लास्ट से तीन हजार से ज्यादा घर जल चुके हैं। जिससे 10 हजार से ज्यादा लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। ऑफिशियल डेटा के अनुसार एक शख्स की मौत हुई है। 50 से ज्यादा सिलेंडर ब्लास्ट हुए हैं कितना बड़ा नुकसान हुआ है आप अंदाजा लगा सकते हैं। लोगों के पास खाना नहीं है, पानी की व्यवस्था नहीं है, लोग नहा नहीं पा रहे हैं, यहां दस हजार लोगों की मदद की जरूरत है। 
22 मार्च को हम लोग बिहार स्थापना दिवस मनाने वाले थे, बिहार हमेशा देश की सेवा में रहता है। लेकिन यहां की हालत देखकर हमने उस समारोह को कैंसल कर दिया और उस प्रोग्राम में जो खर्च करने वाले थे, वो सब यहां लोगों की मदद में खर्च कर दिया। यहां शेड लगाने के लिए तालपत्री लाए, टी शर्ट, बिस्किट, केला, पानी लोगों में वितरित किया। एक महीने तक हम यहां पानी का टैंकर भेजेंगे। लेकिन यह सब हम नन्ही गूंज फाउंडेशन के द्वारा कर रहे हैं, यह सरकार का दायित्व है कि ऐसे गरीब और मजबूर लोगों की मदद की जाए। मैं मीडिया से अपील करूंगा कि दुनिया भर के मुद्दों पर खबर चलाने के बजाय इन झुग्गी बस्ती में रहने वालों के दर्द को दिखाए।
उन्होंने आगे कहा कि अप्पा पाड़ा नाम सुनने से लगता है कि यहां साउथ के लोग ज्यादा रहते होंगे, मगर यहां आने के बाद पता चला कि यहां हर धर्म जाति और क्षेत्र के लोग रहते हैं। आग लगने से कुछ बच्चों के एडमिशन कार्ड जल गए जिसके कारण उनकी परीक्षा मिस हो गई। सारे कपड़े, बर्तन, लोगों के डाक्यूमेंट्स जलकर राख हो गए हैं। 
मैं इस इलाके के नगरसेवक, आमदार खासदार से अपील करूंगा कि इन उजड़े हुए लोगों की मदद करें। 
मैं खुद एक दिव्यांग हूँ, पोलियो से ग्रसित हूँ लेकिन अपनी क्षमता के अनुसार मदद कर रहा हूँ। मैं सभी से गुजारिश करूंगा कि एक बार लोग यहां का दौरा करें।  
 नीलोत्पल मृणाल ने बताया कि नन्ही गूंज फाउंडेशन कैंसर पीड़ित, दिव्यांग, शहीद की फैमिली के लोगों की मदद करती है। और ऐसी आपातकाल स्थिति में भी हम जरूरतमंद के साथ खड़े हैं। मैं आला अधिकारियों से अपील करूंगा कि यहां पर बिजली, पानी की व्यवस्था जल्द करवाएं। वर्षो से जिन घरों में लोग रह रहे थे, वह खंडहर में बदल गए हैं। इंसानियत के नाते सभी को मदद के लिए आगे आना चाहिए। ऐसा बताया जाता है कि विश्व के 30 सबसे अमीर आदमी में 2 लोग भारत देश के हैं, इसी देश मे इतनी बड़ी घटना घटी है लेकिन जरूरत के अनुसार इन लोगों को मदद नहीं मिल रही है। यहां आकर लगता है कि आप मुम्बई नहीं 50 साल पहले का कोई गांव देख रहे हैं। यहां छोटे बच्चे, माताएं, बहनें, बुजुर्गों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनकी मदद के लिए सरकार को आगे आना चाहिए।
इलाके की एक महिला ने बताया कि महिलाएं तीन दिनों से नहाई नहीं हैं। सरकार से हमारी अपील है कि जितनी जल्द हो हमारी मदद को आगे आएं। दसवीं के छात्रों के लिए भी दिक्कत पैदा हो गई है। हम समाजसेवी नीलोत्पल मृणाल का शुक्रिया अदा करते हैं जिन्होंने मदद की सामग्री हमें वितरित की।
इलाके के एक और पीड़ित ने बताया कि हमारा सबकुछ लुट गया है। हमारे दस्तावेज जल गए हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से हमारी अपील है कि हमारी मदद की जाए।

Post a Comment

 
Top