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अफ्रीका में व्यापार और निवेश में 200 मिलियन अमरीकी डालर के एमओयू पर हस्ताक्षर 

संतोष साहू / मुम्बई

   एशियन-अफ्रीकन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एएसीसीआई) ने गत रविवार को नई दिल्ली में प्रतिष्ठित अंतर-महाद्वीपीय नेतृत्व मंच का आयोजन किया। जिसमें दो महाद्वीपों के विभिन्न देशों के राजनयिकों और उद्योग जगत के लीडर के बीच एक भव्य शिखर सम्मेलन, बीटूबी नेटवर्किंग शामिल थी। इसमें उन सभी लीडर और संगठनों को सम्मान और पुरस्कार प्रदान किया जाता है जिन्होंने सफल व्यवसायों को विकसित करने में अपनी असाधारण क्षमता और मार्गदर्शन का प्रदर्शन किया हो और दृढ़ता दिखाई हो।

इस कार्यक्रम के द्वारा सभी लीडर को प्रोत्साहित करने के लिए और उनसे सहयोग प्राप्त करने हेतु पच्चीस से अधिक उद्योग क्षेत्रों के सौ से अधिक अनुभवी लोगों ने हिस्सा लिया। साथ ही इसमें इंडोनेशिया के मंत्री काउंसलर दादांग हिदायत की उपस्थिति रही। सभी प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने अगले आर्थिक उछाल में अफ्रीका और एशिया की भूमिका पर जोर दिया। यह कार्यक्रम विकसित दुनिया में नयापन लाने के लिए और आपसी सहयोग हेतु किया गया। 

 एशियाई-अफ्रीकी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के संस्थापक और अध्यक्ष डॉ जीडी सिंह ने अपने उद्घाटन भाषण में एशियाई और अफ्रीकी महाद्वीप में व्यवसायों के मध्य अंतर के साथ व्यवसाय के विकास की प्रक्रिया को बताया। उन्होंने कहा कि यह अपनी तरह का पहला खुला मंच है जो सबसे शानदार प्रतिभाओं को जोड़ता है और भविष्य में काम करने को आतुर लोगों को सशक्त बनाता है। एएसीसीआई के लिए भारत के अध्यक्ष महेश सचदेव ने कहा कि एएसीसीआई निश्चित रूप से विनिर्माण और व्यापार में एक दूसरे के पूरक के रूप में एशियाई और अफ्रीकी कंपनियों के बीच संबंधों को गहरा करने में एक प्रमुख भूमिका निभाएगा।

व्यापार और अर्थव्यवस्था पर कोविड के प्रभावों का असर और उपाय विषय पर एक बहुत ही उत्साहजनक पैनल चर्चा ने उन क्षेत्रों का पता लगाया जहां दोनों महाद्वीपों के देश एक-दूसरे की ताकत और कमजोरियों के पूरक बन सकते हैं। उन्होंने कोविड में लॉकडाउन के अपने अनुभव को साझा किया, जिसने न्यूनतम संसाधनों के साथ दूरस्थ स्थानों से काम करना, संकट में पड़े लोगों की मदद करना, नए उद्योगों का उदय और सरकार की भूमिका जैसे नए सामान्य मार्ग खोले। हालाँकि सभी दशों के बीच बहुत बड़ा सांस्कृतिक और परिचालन अंतर है, लेकिन उनका एकमात्र उद्देश्य विश्व अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण हिस्सा प्राप्त करना होना चाहिए।

कार्यक्रम में डॉ. परिन सोमानी (शिक्षक, प्रेरक वक्ता, लेखक, मानवतावादी), एलोनोरा बोनाकोसा और संयुक्त राष्ट्र महिला प्रवक्ता कैप्टन जोया अग्रवाल सम्मिलित रही।

साथ ही भाजपा के पूर्वमंत्री (खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग) सी. आर. चौधरी, मुंबई के कार्यकारी अध्यक्ष जयेश चौधरी, गुजरात के राजपिपला लक्ष्य ट्रस्ट भाजपा के व्यापार प्रकोष्ठ अध्यक्ष प्रिंस मानवेंद्र सिंह गोहिल उपस्थित थे।

कार्यक्रम में स्वर्गीय लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ बीजे सिंह को विशेष श्रद्धांजलि दी गई। इनका निधन 19 अप्रैल 2021 को हो गया था जो इस समूह के संस्थापक और डॉ जीडी सिंह के पिता थे।

AACCI ने अफ्रीका महाद्वीप में व्यापार और निवेश के लिए कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। वस्तुओं में व्यापार और निवेश के लिए 100 मिलियन अमरीकी डालर के सिद्धि विनायक इंपेक्स के वेद प्रकाश के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए और आधारभूत संरचना और बुलियन व्यापार और निवेश के लिए 100 मिलियन अमरीकी डालर के लिए आर्यावर्त इंफ्रास्ट्रक्चर के दीप गडेचा के साथ एक और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

एएसीसीआई ने अपने नए अध्याय कार्यालयों के लिए समझौता ज्ञापनों पर भी हस्ताक्षर किए। 

इसके अलावा बांग्लादेश में एक्सपोप्रो के फाउंडर और सीईओ मोहम्मद मामुनूर रहमान के साथ पंजाब में डिजाइनेटिक ग्लोबल के फाउंडर और सीईओ विशाल कालरा, पंजाबी चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईपीसीसी) के सह संस्थापक और सीईओ डॉ मंदीप सिंह छतवाल के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

 विश्व शांति और कूटनीति संगठन (डब्ल्यूपीडीओ) द्वारा ऐसे उच्च उत्साही व्यक्तियों को विशेष पुरस्कार समारोह में भी देखा गया जिन्होंने अपने स्वयं के लक्ष्यों का पीछा करने के साथ-साथ दूसरों के साथ अपना जीवन साझा किया है। 

इस कार्यक्रम में डॉ विशाल कालरा को युवा शांति राजदूत, कैप्टन जोया अग्रवाल को विश्व शांति दूत, प्रिंस मानवेंद्र सिंह गोहिल को विश्व शांति राजदूत की उपाधि से सम्मानित किया गया।

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