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मुम्बई। करीब 10-11 साल पहले किशोर उम्र में हर्ष केडिया को पता चला कि वह मधुमेह रोग की चपेट में है। तब हर्ष ने सोचा क्या सारी जिंदगी बिना मीठा खाए ही गुजारनी होगी! इसी विचार ने हर्ष को कुछ ऐसा करने की शक्ति दी जिससे मधुमेह के रोगी भी मीठा खा सकें। आज हर्ष एक ऐसी चाकलेट के साथ उपस्थित हैं जिसमे जरा भी चीनी नहीं है। आमतौर पर मधुमेह रोगियों के लिए चीनी रहित चाकलेट बाजार में उपलब्ध हैं। हर्ष का कहना है कि शुगर फ्री चाकलेट में भी 25 फीसदी चीनी होती ही है। जबकि हर्ष ने जो चाकलेट बनाई है उसमें चीनी का प्रतिशत शून्य है। हर्ष ने इसे जीरो शुगर वाली चाकलेट में प्राकृतिक जड़ी-बूटियों जैसे मीठी तुलसी आदि का प्रयोग किया है जिनका स्वाद तो मीठा होता है मगर उनके सेवन से कोई कैलोरी नहीं बनती और न ही शुगर लेवल बढ़ता है। आज मुंबई सहित देश भर के डॉक्टर्स, आयुर्वेदाचार्य हर्ष की बनाई जीरो शुगर चाकलेट अपने मरीजों को खाने की सलाह दे रहे हैं। प्रसिद्ध पत्रिका फोरबेस इंडिया ने 30 अंडर 30 अंक में हर्ष को भी शामिल किया। इसके अलावा ढेरों प्रतिष्ठित अवार्ड भी 24 वर्षीय हर्ष के नाम हो चुके हैं। कैडबरी जैसी बड़ी कंपनियां हर्ष के साथ काम करना चाहती हैं मगर हर्ष अपनी इस उपलब्धि को सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचा रहे हैं। 

ए डायबिटिक शेफ नाम से मशहूर हर्ष केडिया ने www.adiabeticchef.com नामक वेबसाईट के माध्यम से मधुमेह रोगियों तक शुगर फ्री चाकलेट पहुँचाने की व्यवस्था की है। इस वेबसाईट पर जीरो शुगर चाकलेट संबंधित सारी जानकारी उपलब्ध है।

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