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राष्ट्रीय साहित्यिक सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था काव्यसृजन द्वारा अखिल भारतीय काव्य गोष्ठी दिनाँक ४-१०-२०२० दिन रविवार को ९१वीं मासिक ७वीं  विडियो द्वारा व दूसरी गूगल मीट पर लाईव शाम ६ बजे से ९ बजे रात्रि तक दो दो साहित्यिक आयोजन आनलाईन द्वारा सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। जहाँ पहले आयोजन में देश भर के सुप्रसिद्ध कवि कवयित्रियों ने अपनी बेहतरीन समसायिक गीत गजल कविता की विडियो बनाकर विडियो द्वारा काव्य गोष्ठी में अपनी दमदार उपस्थित दर्ज की।

 इस विडियो आनलाईन काव्यगोष्ठी में अपनी रचना के साथ उपस्थित होने वाले कवि कवयित्री अभय चौरसिया, अरुण मिश्र अनुरागी, रेखा तिवारी, डॉ शैलबाला अग्रवाल, वीरेंद्र यादव, अवधेश यदुवंशी, डॉ रश्मि नायर, भास्कर सिंह, डॉ विभा माधवी, मंजू गुप्ता, मिल्टन राय रहबर, किसन तिवारी, अरविंद श्रीवास्तव असीम, सुमन प्रभा, प्रज्ञा राय, अरुण दुबे, श्रीधर मिश्र, मिथिलेश गुप्त हर्ष, जयंती सेन मीणा, डॉ रामनाथ राना, संगीता पांडेय, प्रमोद कुमार  कुश "तन्हा", पूनम शर्मा, विनय दीप शर्मा, सौरभ दत्ता जयंत, कु.स्नेहल यादव, पं.शिव प्रकाश जौनपुरी, डॉ जे पी बघेल, गोपाल गुप्ता दहली, रश्मिलता मिश्रा, मनोज श्रीवास्तव, पंकज तिवारी, लालबहादुर यादव "कमल" आदि रहे।

   इसकी अध्यक्षता संस्था के सचिव लालबहादुर यादव कमल ने की और संचालन दिल्ली ईकाई के अध्यक्ष पंकज तिवारी ने बड़े ही सुन्दर व सफलतापूर्वक निभाई। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में लालबहादुर ने सभी कवि कवयित्रियों की रचनाओं पर संक्षिप्त प्रकाश डालते हुए सबका उत्साहवर्धन किया। अंत में संस्था के उपसचिव अवधेश यदुवंशी ने सभी का संस्था के आयोजन में भाग लेने के लिए हृदयतल की गहराइयों आभार व्यक्त किया व सहयोग बनाये रखने की अपील भी की।

    वहीं दूसरी तरफ शाम छह बजे से गूगल मीट पर लाईव आयोजन में डॉ श्रीहरि वाणी की अध्यक्षता, प्रा.अंजनी कुमार द्विवेदी के संचालन, मुख्य अतिथि सागर त्रिपाठी, प्रमोद कुमार कुश तन्हा, हौंसिला प्रसाद अन्वेषी की दमदार उपस्थिति में एक बहुत ही शानदार कवि गोष्ठी सम्पन्न हुई। जिसमें भाग लेने वाले कवि कवयित्री पं. शिवप्रकाश जौनपुरी, सौरभ दत्ता जयंत, बीरेन्द्र कुमार यादव, जयंती सेन मीणा, डॉ वर्षा सिंह, नीलिमा दूबे, पाण्डेय, संगीता पाण्डेय, सागर त्रिपाठी, प्रमोद कुमार कुश तन्हा, निर्मल नदीम, हौसिला प्रसाद अन्वेषी, डॉ मृदुला तिवारी, विनय शर्मा दीप, कु.स्नेहल यादव, रजनी साहू, अंजनी कुमार द्विवेदी, पंकज तिवारी, रेखा तिवारी, एड. राजीव मिश्र, आर जे आरती साइया रहीं। सभी कवि कवयित्रियों ने एक से बढ़कर एक ज्वलंत समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार रखें।

 मुख्य अतिथि सागर त्रिपाठी ने सबका उत्साहवर्धन किया और संस्था के कार्य की भूरि भूरि प्रशंसा की। प्रमोद कुमार कुश तन्हा ने भी खूब उत्साह बढ़ाया। हौंसिला प्रसाद अन्वेषी ने भी संस्था द्वारा हिन्दी के विकास के लिए किये जा रहे कार्य की सराहना करते हुए संस्था के व कवि कवयित्रियों के उज्जवल भविष्य की कामना की। अपने अध्यक्षीय भाषण में आदरणीय डॉ श्रीहरि वाणी ने एक एक कवि कवयित्रियों की रचनाओं पर प्रकाश डालते हुए आयोजन की सराहना की और कहा, ऐसे आयोजन सतत होते रहने चाहिए। ऐसे ही छोटै छोटे प्रयास एक दिन हिन्दी को अपना उचित स्थान राष्ट्र भाषा का दर्जा दिलाने में मील का पत्थर साबित होंगे। अंत संस्था के संस्थापक व अध्यक्ष पं. शिवप्रकाश जौनपुरी ने सभी सुधीजनों का आभार प्रकट करते हुए अभिनंदन किया।

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