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मुंबई : एंजल ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च नॉन एग्री कमोडिटी एंड करेंसी एवीपी प्रथमेश माल्या ने बताया के अमेरिकी डॉलर में कमोजरी ने स्पॉट गोल्ड और बेस मेटल की कीमतों को सपोर्ट किया। अमेरिकी डॉलर में गिरावट के कारण कॉपर लाल रंग में बंद हुआ। हालांकि, दुनियाभर में कोविड-19 के नए मामलों में तेजी ने लाभ को सीमित कर दिया। कोविड-19 मामलों में वृद्धि और वैश्विक मांग में कमी के कारण क्रूड ऑयल में भी गिरावट रही।  

सोना: यूएस डॉलर में कमजोरी के चलते स्पॉट गोल्ड 1.12% बढ़कर उच्चस्तर पर 1880.9 डॉलर प्रति टन पर बंद हुआ। हालांकि, चीन ने वृद्धि के अच्छे नंबर पोस्ट किए, जिससे पीली धातु में लाभ सीमित रहा। मार्च 2020 के बाद से गोल्ड में सबसे ज्यादा साप्ताहिक गिरावट देखी गई। अमेरिकी मुद्रा में रैली का विस्तार होने से डॉलर के मूल्य ने सोने की कीमतों पर असर डाला। पीली धातु की कीमतों में गिरावट सीमित थी क्योंकि कोविड-19 के बढ़ते मामले निवेशकों के बीच आर्थिक सुधार की उम्मीद को लेकर चिंताएं बढ़ा रहे हैं। इस वजह से निवेशक सेफ हेवन गोल्ड की ओर आकर्षित रहते हैं।

क्रूड ऑयल: डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल 0.87% गिरकर 4.6 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। नए स्टिमुलस पैकेज पर अमेरिकी सांसदों और व्हाइट हाउस के अधिकारियों के बीच समझौते पर आशा ने क्रूड का समर्थन किया, हालांकि, महामारी के व्यापक प्रभाव ने क्रूड की मांग से जुड़ी संभावनाओं को सीमित रखा। कोविड-19 वायरस के पुनरुत्थान ने वैश्विक तेल बाजार में गिरावट लाई है। विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं में लॉकडाउन की संभावनाएं बढ़ रही हैं और इसकी चिंताओं ने क्रूड के लिए आउटलुक को कमजोर कर दिया है। ऑर्गनाइजेशन ऑफ पेट्रोलियम एक्सपोर्ट (ओपेक) की ओर से उत्पादन में कटौती के बावजूद, लीबिया और ईरान ने अपने तेल निर्यात में वृद्धि करते हुए क्रूड ऑयल की कीमतों को कम किया। एक कमजोर इकोनॉमिक आउटलुक तेल की कीमतों को और कम कर सकता है।

बेस मेटल्स: एलएमई पर बेस मेटल्स यूएस डॉलर के कमजोर होने के कारण पॉजिटिव बने रहे। चीन के औद्योगिक क्षेत्र में विकास और अमेरिकी नीति निर्माताओं की ओर से स्टिमुलस की उम्मीद ने औद्योगिक धातुओं के लिए कीमतों को कम कर दिया। चीन की आर्थिक वृद्धि ने महामारी और बड़े पैमाने पर स्टिमुलस पैकेज को बेस मेटल्स की कीमतों का समर्थन किया, जो मार्च 2020 में सबसे कमजोर रहे थे। हालांकि, लंबी अवधि में आर्थिक सुधार के कोई संकेत नहीं होने के कारण लाभ को सीमित रखा। अंतरराष्ट्रीय निकल स्टडी ग्रुप की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार ग्लोबल निकेल बाजार को जुलाई 2020 में घटाकर 8,900 टन कर दिया, जबकि यह जून 2020 में 14,700 टन था।

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