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मुंबई : दुनियाभर के वैज्ञानिकों ने विभिन्न शोध अध्ययनों के आधार पर पाया कोरोनावायरस एयरबोर्न है यानी हवा में भी एक व्यक्ति से दूसरे तक पहुंच सकता है, और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बाद में इसे मान्यता भी दी है। इसके बाद से सार्वजनिक स्थानों, होटलों और सभी प्रकार के इनडोर प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। मैग्नेटो क्लीनटेक में, कमर्शियल एयर प्योरीफिकेशन सिस्टम को इन चुनौतियों को परिप्रेक्ष्य में रखते हुए डिजाइन किया गया है।
मैग्नेटो सेंट्रल एयर क्लीनर (एमसीएसी) अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेटेंट किए गए थ्री-स्टेज ‘ट्रैप एंड किल’ और फिल्टर-कम मैग्नेटिक टेक्नोलॉजी के साथ आता है, जो कि 90% से अधिक दक्षता के साथ पार्टिकुलेट मैटर और हानिकारक कीटाणुओं को नष्ट करता है। नवीनतम संस्करण यूवीजीआई तकनीक के साथ संचालित है, जो 0.1 माइक्रोन तक के कणों को ट्रैप करती है और यह कोविड-19 वायरस के आकार से भी काफी छोटा है। देश के प्रमुख कॉर्पोरेशंस और बिजनेस घरानों जैसे जिंदल ग्रुप, फ्रेंच इंटरनेशनल स्कूल (दिल्ली), इफ्को, ईईएसएल और मेदांता अस्पताल में लॉकडाउन के दौरान पेश किए गए मैग्नेटो सॉल्युशन पहले से ही इस्तेमाल किए जा रहे हैं और घातक वायरस के प्रसार और हानिकारक सूक्ष्मजीव से संबंधित जोखिमों को कम करने में बेहतरीन परिणाम दे रहे हैं।
एमसीएसी कमर्शियल सेंट्रल एयर प्लोरीफिकेशन सिस्टम को प्रीमियम ग्राहकों की आवश्यकताओं के अनुसार कस्टमाइज किया गया है जैसे कि ताज समूह के होटल और गोदरेज एयर रेसिडेंशियल कॉम्प्लेक्स। यहां महामारी के आने से पहले ही इंस्टॉल किया गया था और इसके परिणामों पर किए गए अध्ययन बताते हैं कि इनडोर एयर क्वालिटी में महत्वपूर्ण रूप से सुधार आया है। हेल्दी इनडोर एयर क्वालिटी केवल हानिकारक वायरस से लोगों की रक्षा नहीं करती, बल्कि उनकी प्रोडक्टिविटी बढ़ाती है, स्वास्थ्य से संबंधित जटिल मुद्दों को कम करती है और घर के अंदर महंगी संपत्तियों की रक्षा करती है।

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