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 लेखक, निर्माता, निर्देशक मुश्ताक़ पाशा की फिल्म "ये है मेरा वतन" के पोस्टर जैसे-जैसे रिलीज़ होते जा रहे है वैसे-वैसे लोगों की जिज्ञासा फिल्म के प्रति बढ़ती जा रही है। शुरू से अगर हम रिलीज़ हो चुके पोस्टरों पर नज़र डालें तो-
सबसे पहले प्रमोद माउथो पोस्टर में कह रहे हैं "हम तो खुशकिस्मत थे कि पाकिस्तान आ गए उनके बारे में सोचो जो नहीं आ पाए…। 
इसके बाद यशपाल शर्मा ने पोस्टर में कहा "तुम पाकिस्तान तो चले गए ! मगर पाकिस्तानी आज तक नहीं कहलाये मुहाजिर कहलाते हो मुहाजिर"।
तीसरे पोस्टर में विष्णु शर्मा का डायलॉग "इससे पहले की टेरेरिस्ट अपना ट्रेनिंग कैंप छोड़ कर जाये हम अपने मिसाइल उनपर छोड़ देंगे।
चौथे पोस्टर में शक्कू राणा का डायलॉग "इस आग से पाकिस्तान को जलाओगे क्या ?, बचाके रखो इसे इंडिया को जलाने के लिए"।
अनलॉक के बाद अब पांचवा पोस्टर आ गया है और पांचवे पोस्टर में राणा जंग बहादुर का दमदार डायलॉग वतनपरस्ती पर खड़े करता है कई सवाल !
राणा जंग बहादुर का विवादित सवाल "ओये कबूतरा !! ईद के दिन गले मिलने से घबरा रहा है कहीं तूने कमर पे बम तो नहीं बांध रखा है ?

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