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मुम्बई : फिल्म 'कांचली - लाइफ़ इन ए स्लू' का ट्रेलर हाल ही में मुम्बई के होटल सहारा में लॉन्च किया गया। इस विशेष अवसर पर संजय मिश्रा, शिखा मल्होत्रा और ललित परीमू जैसे कलाकार और प्रस्तुतकर्ता अनूप जलोटा व निर्देशक देदिप्य जोशी उपस्थित थे।
इस फिल्म का निर्माण पायशियन पिक्चर्स द्वारा किया गया है, जिसे अनूप जलोटा प्रस्तुत करने जा रहे हैं। इस फ़िल्म के निर्माता निर्देशक देदिप्य जोशी हैं और शोभा देवी सह निर्मात्री हैं। यह फिल्म विजयदान देथा की कहानी पर बनाई गई है और इसकी स्क्रिप्ट देदिप्य जोशी और कैलाश देथा ने लिखी है। इस फ़िल्म को अपने कैमरे में बेहद ख़ूबसूरती से जोगेंद्र पंडा ने क़ैद किया है। असीम सिन्हा ने इस फ़िल्म की एडिटिंग की है, अतुल गुप्ता इस फ़िल्म के कार्यकारी निर्माता हैं, भुवनेश महर्षि ने इस फ़िल्म का प्रोडक्शन डिज़ाइन किया है और परमानंद वर्मा इस फ़िल्म के कला निर्देशक हैं। रुद्र और शंकर ने इस फिल्म का ध्वनि संयोजन किया है और इस फ़िल्म का पार्श्व संगीत किसालॉय रॉय ने दिया है। निशांत कमल व्यास व शिवांग उपाध्याय इस फिल्म के संगीतकार हैं जबकि इस फ़िल्म के गीत कुसुम जोशी, कैलाश देथा व अंश व्यास ने लिखे हैं।
संजय मिश्रा, शिखा मल्होत्रा, नरेशपाल सिंह चौहान और ललित परीमू इस फ़िल्म में मुख्य भूमिकाओं में नज़र आएंगे।
इस फिल्म में एक आत्मनिर्भर लड़की की कहानी को बेहद संजीदगी से दर्शाया गया है और दिखाया गया है कि किस तरह से एक औरत अपने दम पर लोगों के बीच जी सकती है। इस फ़िल्म में मुख्य किरदार का नाम कजरी है। कजरी के किरदार को और एक औरत के दर्द व उसके विभिन्न आयामों को शिखा मल्होत्रा ने बढ़िया और प्रभावशाली ढंग से निभाया है। उल्लेखनीय है कि तेज़ी से उभर रही शिखा मल्होत्रा ने बैरी जॉन एक्टिंग स्टूडियो से अभिनय का प्रशिक्षण ग्रहण की है जहाँ से शाहरुख खान और मनोज बाजपेयी ने कला का ज्ञान प्राप्त किया है।
किश्नू (नरेशपाल सिंह) की शादी एक बेहद ख़ूबसूरत लड़की कजरी (शिखा मल्होत्रा) से हो जाती है। मगर गांव के ठाकुर (ललित परीमू) की कजरी पर बुरी नज़र होती है और ऐसे में वह अपने ख़ास आदमी भोजा (संजय मिश्रा) से कजरी को उसके सामने पेश करने का आदेश देता है। लेकिन कजरी अपने पति के प्रति बेहद वफादार होती है और एक दिन वह अपनी आत्मरक्षा के लिए ठाकुर पर हमला कर देती है। मगर किशनु अपनी पत्नी कजरी की हिम्मत की दाद देने की बजाय उसे आइंदा से ठाकुर के साथ अच्छी तरह से पेश आने की हिदायत देता है। यह सुनकर कजरी का दिल टूट जाता है क्योंकि उसने सपने में भी कभी नहीं सोचा था कि उसका पति दुनिया से उसकी इस लड़ाई में उसे अकेला छोड़ देगा। ऐसे में उदास कजरी सोचती है कि सुनने और देखने में फर्क होता है, शायद कभी किसी गैर मर्द के साथ देख लेने के बाद उसके पति का खून खौल उठे। यही देखने की तमन्ना उसके मन मे रच बस जाती है। इस बीच भोजा को कजरी से प्यार हो जाता है और यहीं से कजरी को एक आइडिया आता है कि वह भोजा की आड़ में अपने पति की परीक्षा लेगी और देखेगी कि आखिर अपने पति को उसके साथ देखने के बाद कैसा महसूस होता है।
फ़िल्म में देखना दिलचस्प होगा कि आखिर वह अपने पति की परीक्षा किस तरह से लेती है? और क्या उसे ऐसा कोई हल मिल जाता है जिससे उसे इस बात का एहसास होता है कि एक औरत को किसी मर्द की ज़रूरत नहीं होती है या फिर उसे ऐसा कोई ज़रिया मिल जाता है जिससे अपने दम पर जीने का हौसला हासिल हो जाता है ?
इस फिल्म की शूटिंग उदयपुर में हुई है और 7 फ़रवरी, 2020 को देशभर में रिलीज़ होगी।
 फिल्म में प्रमुख भूमिका निभा रहीं शिखा मल्होत्रा ने कहा कि फिल्म 'कांचली' एक ऐसी अनूठी फिल्म है जो महिला की आजादी को एक नया आयाम प्रदान करती है। हम सभी औरत की आजादी की बात करते हैं, मगर आज भी उसे अपनी अस्मिता और हक़ के लिए लड़ना पड़ता है। मैं देदिप्य जोशी की शुक्रगुज़ार हूं कि उन्होंने मुझे इस ख़ूबसूरत किरदार को निभाने का मौका प्रदान किया। इस फिल्म में संजय जी व ललित जी जैसे दिग्गज कलाकार भी नज़र आएंगे जिन्होंने मुझे पूरी फिल्म के निर्माण के दौरान बहुत सहयोग किया।

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