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 साहित्यिक, सामाजिक व सांस्कृतिक संस्‍था काव्‍यसृजन द्वारा आयोजित प्रवक्‍ता पं. सरस पाण्‍डेय की अध्‍यक्षता अवधेश विश्‍वकर्मा के बेहतरीन संचालन व बतौर मुख्‍य अतिथि सौं.भावना तिवारी (सामाजिक कार्यकर्ता मीरा भाईन्‍दर) की विशेष उपस्थिति में मासिक काव्‍यगोष्‍ठी अगस्‍त क्रांति व 15 अगस्‍त स्‍वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्‍य में विशिष्ट स्‍वतंत्रोत्‍सव सम्पन्न हुआ।
 राष्ट्रीय गीतों व कजरी से सुशोभित समसामयिक रचनाओं से कवियों ने काव्‍यसंध्‍या को यादगार बना दिया।
 अपनी ओज पूर्ण श्रृंगार वीर रस की रचनाओं से सराबोर करने वाले कवि पं. शिवप्रकाश जौनपुरी, अल्‍लढ़ असरदार, श्रीनाथ शर्मा, लालबहादुर यादव कमल, अमित दूबे, अवधेश यदुवंशी, आशीष अनोखा, महेश गुप्‍ता जौनपुरी, मुर्धन्‍य पुर्वांचली, विजय कुमार अग्रवाल, रितेश गौड़, सुरेन्‍द्र दूबे, अनुज जौनपुरी, बीरेन्‍द्र यादव, अमरनाथ दूबे, लालजी पाण्‍डेय, विजयनाथ मिश्र, एड.अनिल शर्मा, विनय शर्मा दीप, नताशा गिरी, इंदू भोलानाथ मिश्रा आदि ने इस सावन की रिमझिम फुहार में खूब रस वर्षा की। अपने सम्‍बोधन में मुख्‍य अतिथि सौ. भावना तिवारी ने संस्‍था के कार्य की व कवियों भूरि भूरि प्रसंशा करते हुए संस्‍था के पदाधिकारियों को साधुवाद दिया। संस्‍था ने मुख्‍य अतिथि व आयोजन के अध्‍यक्ष क्रमशः सौ. भावना तिवारी, विजयनाथ मिश्र व पं. सरस पाण्‍डेय का सम्मान शॉल, तुलसी का गमला व तिरंगा ध्‍वज देकर किया। अग्रवाल समाज की ओर से कवि विजय कुमार अग्रवाल ने सभी कवियों का सम्‍मान एक एक नोटबुक प्रदान कर किया।
 अपने अध्‍यक्षीय वक्‍तव्‍य में पं. सरस पाण्‍डेय ने नवोदित कवियों का मार्गदर्शन करते हुए सभी रचनाकारों की रचना पर प्रकाश डालते हुए अपनी रचना से उपस्थित लोगों को रोमांचित कर दिया। अंत में संस्था के संगठन मंत्री अल्‍लढ़ असरदार ने सभी अतिथियों, कवि कवयित्रियों का आभार व्‍यक्‍त करते हुए अभिनंदन किया व आने वाले सितम्‍बर माह के पहले रविवार के लिये आमंत्रित भी किया।

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