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  बॉलीवुड में इन दिनों रियल इवेंट्स और सामाजिक  समस्याओँ पर आधारित फिल्मे दर्शको को बहुत पसंद आ रही है। निर्देशक दैदीप्य जोशी की फ़िल्म "चल जा बापू" का ट्रेलर मुंबई में लांच किया  गया,  फ़िल्म "चल जा बापू" देश में नक़ली नोट (फेक करेंसी) जैसी बुराई पर आधारित एक कॉमेडी ड्रामा फिल्म है जो बताती है कि किस तरह देश में कुछ  लोग इस तरह के व्यवसाय में लिप्त है । एक युवा जब इस ठगी का शिकार होता है तो कैसे इस पूरे काले व्यवसाय का पर्दाफाश करने की ठान लेता है। सेवनसीज़ प्रॉडक्शन बैनर तले निर्मित रॉयल लाईफ़ प्रोडक्शन एवं पायशियन पिक्चर्स के सहयोग से बनी दिनेश गुप्ता द्वारा प्रस्तुत "चल जा बापू" में मुख्य किरदार में बिगबॉस सीजन २ के विनर आशुतोष कौशिक , हृषिता भट्ट एवं जाकिर हुसैन नजर आएँगे। फ़िल्म में आर्यन वैद, हरीश हरिऔध, हिमानी शिवपुरी, राजू खेर, प्राची पाठक भी महत्वपूर्ण क़िरदार निभाएंगे। 
फ़िल्म के ट्रेलर लांच के अवसर पर आशुतोष कौशिक, हृषिता भट्ट,  हरीश हरिऔध , निर्माता वरुण गौड़, सह-निर्माता कपिल भाटी, निर्देशक देदिप्या  जोशी , अभिनेत्री प्राची पाठक , राजू खेर उपस्थित थे। फ़िल्म में आशु (आशुतोष कौशिक) एक बेहद बिंदास और अल्हड किस्म के युवा का किरदार निभा रहे है जिसे लगता है कि जिंदगी में सबकुछ अपने आप हो जाएगा। घुमक्कड़ और बिंदास आशु  को पल्लवी ( हृषिता भट्ट ) से प्यार हो जाता है  और अपनी जिद का पक्का आशु पल्लवी से शादी कर लेता है।  आशु के कुछ काम काज न करने की वजह से पल्लवी नाराज है इस बीच आशु को बाबा मूलमंत्र ( जाकिर हुसैन ) से  ५०० का  नकली नोट आशीर्वाद के रूप में मिलता है जिसे कई बार चलाने की कोशिश करने पर भी वो नोट बाज़ार से वापस आ जाता है। क्या आशु इस नकली नोट को चला पायेगा , क्या काले व्यापार में लिप्त समाज के सफ़ेदपोश लोगो को उन्ही की भाषा में जवाब दे पायेगा और अपनी  पत्नी , माँ और पिता का विश्वास फिर से जीत पायेगा यही फिल्म की दिलचस्प कहानी है।  
फिल्म का मूल आयडिया आशुतोष कौशिक का है जिसे शाकिर अली ने लिखा है। फिल्म का संगीत संतोख सिंह, राहुल भट्ट , निशांत कमल व्यास और शिवांग उपाध्याय ने तैयार किया है। फिल्म की शूटिंग सहारनपुर उत्तर प्रदेश के विभिन्न लोकेशंस पर की गयी है ।
इस अवसर पर अभिनेता आशुतोष कौशिक ने कहा कि " फिल्म चल जा बापू फेक करेंसी की बुराई को हास्य और ड्रामा अंदाज में प्रस्तुत करती है। दरअसल इस फिल्म का आयडिया मेरे साथ हुई एक घटना की वजह से आया। एक बार मुझे एक नकली नॉट मिल गया था जिसे चलाने के लिए मैंने तरह तरह के जुगाड़ किये और अंत में मुझे लगाकि अगर एक आम आदमी इस तरह की मुश्किल में फंस जाए तो क्या होगा।  फिर हमने इस आयडिया को स्टोरी में बदला और आज एक फिल्म के रूप में आप सबके के सामने है।  मुझे उम्मीद है कि फिल्म दर्शको को पसंद आएगी। 
निर्देशक देदीप्य जोशी ने कहा कि " फिल्म हास्य और ड्रामा के साथ आज के युवाओ को एक महत्वपूर्ण सन्देश भी देती है।  फिल्म के मुख्य किरदार आशु को एकदिन समझ में आता है कि जिंदगी में सबकुछ अपने आप हासिल नहीं होता है और जब आपको यह पता है कि आपके साथ धोखा हुआ है और आपका दुश्मन बहुत ताकतवर है तो फिर आपको भी चालाक बनाना पड़ता है।  फिल्म में आशुतोष के वन लाइनर खूब हंसाएंगे।

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