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मानव विकास संस्था ने की संवेदनहीन पुलिस अधिकारी को सस्पेंड करने की मांग

मुकेश गुप्ता / मुंबई

एक नाबालिग लड़के के साथ कुकर्म करने का प्रयास एवं जिंदा जलाने के मामले में दिंडोशी पुलिस थाने के जांच अधिकारी पीएसआई समाधान पवार के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सस्पेंड करने की मांग मानव विकास संस्था (एनजीओ) के कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र शर्मा ने की है।

        प्राप्त जानकारी अनुसार गत दि.२८ दिसंबर को १३ वर्षीय नाबालिग सलमान (बदला हुआ नाम) के साथ ४ लोगो ने अप्राकृतिक रूप से कुकर्म करने की कोशिश की किंतु सलमान के विरोध के चलते वे नाकाम हो गए।इससे खीज कर उन्होंने सलमान पर पेट्रोल छिड़क दिया और जला दिया।जिससे सलमान बुरी तरह करीबन ५० फीसदी जल गया।यह घटना संतोष नगर बस स्टैंड से थोड़ी दूर वेकलम कॉलोनी के सामने घटी।बताया जाता है कि सलमान अपने एक दोस्त के साथ फ़िल्म सिटी से शूटिंग देखकर संतोष नगर स्थित अपने घर आ रहा था।तभी उक्त जगह सड़क के किनारे ४ लोग आग सेक रहे थे और नशा कर रहे थे।उन्होंने सलमान को अपने पास बुलाया और कुकर्म करने का प्रयास किया,किंतु असफल होने पर गुस्से में सलमान को पेट्रोल डाल कर जिंदा जला दिया।पेट्रोल के कारण आग ने उसे अपनी चपेट में लिया।सड़क से गुजर रहे एक भले आदमी ने अपनी कार रुका कर किसी तरह आग बुझाई और उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया।

       पीड़ित के परिजनों ने इस मामले में दिंडोशी पुलिस पर आरोप लगाया कि मामला दर्ज करने हेतु पुलिस टालमटोल कर रही थी।उनके साथ बदतमीजी की गई।पुलिस के अभद्र व्यवहार से वे आहत है।पुलिस द्वारा मामले को कमजोर करने हेतु केवल खाना पूर्ति के लिए दि.६ जनवरी को आईपीसी की धारा २८५,३३८ लगाकर मामला दर्ज किया।जिससे परिजन संतुष्ट नही थे।परिजनों ने मुंबई के प्रसिद्ध निष्पक्ष एनजीओ मानव विकास संस्था से मदद की गुहार लगाई।

     इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र शर्मा व उनकी टीम के साथ समाजसेवक आशीष भंडारी ने यह मामला उच्च स्तर पर उठाया।जिसके बाद पुलिस ने पीड़ित पक्ष के सम्प्लीमेंट्री बयान के आधार पर दि.११ जनवरी गुरुवार की शाम को पोक्सो एक्ट ७,८ एवं आईपीसी की धारा ३०७ के तहत मामला दर्ज किया।इस मामले की जांच पीएसआई समाधान पवार कर रहे है।

      पीड़ित पक्ष ने जांच अधिकारी समाधान पवार पर गंभीर आरोप लगाए है।मामले की गंभीरता व संवेदनशीलता को देखते हुए इसे नजरअंदाज नही किया जा सकता।उक्त संस्था ने जांच अधिकारी के खिलाफ उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है।दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई कर सस्पेंड करने की मांग संस्था द्वारा की गई है।

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