बॉलीवुड सितारे संभालेंगे अलग-अलग टीमों की कमान
मुंबई। देश की उभरती क्रिकेट प्रतिभाओं को पहचान दिलाने और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने के उद्देश्य से शुरू की गई सल्यूट तिरंगा क्रिकेट लीग (एसटीसीएल) की आधिकारिक ट्रॉफी और जर्सी का अनावरण मुंबई के जुहू स्थित नोवोटेल में किया गया। इस अवसर पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर और भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा, एसटीसीएल के ब्रांड एंबेसडर और अंतरराष्ट्रीय पहलवान संग्राम सिंह, पूर्व भारतीय क्रिकेटर एवं लीग के मार्गदर्शक अशोक मल्होत्रा, और निर्माता विनोद बच्चन, निर्देशक नीरज पाठक सहित मनोरंजन और खेल जगत से जुड़ी कई हस्तियां उपस्थित रहे।
एसटीसीएल पंजाब की टीम से प्रब गेरेवाल, उत्तर प्रदेश से नीलम गिरि, मुंबई से अभिनेत्री अश्नूर कौर, दिल्ली से अलंकृता सहाय, तमिलनाडु से स्टेफी पटेल, राजस्थान से कशिका कपूर, हरियाणा से सना सुल्तान और गुजरात से दिलजोत नामक कई चर्चित हस्तियां जुड़ी हैं। लीग की कमान अध्यक्ष राजेश झा, उपाध्यक्ष रवि चिकार और निदेशक मुकेश सिंह के हाथों में है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर चेतन शर्मा लीग कमिश्नर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जबकि पूर्व भारतीय क्रिकेटर और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की क्रिकेट सलाहकार समिति के पूर्व अध्यक्ष अशोक मल्होत्रा लीग के मार्गदर्शक हैं।
इस अवसर पर चेतन शर्मा ने कहा, “भारत में क्रिकेट प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। लेकिन आर्थिक परेशानियों और सही अवसर नहीं मिलने के कारण कई प्रतिभाएं आगे नहीं बढ़ पाती। सल्यूट तिरंगा क्रिकेट लीग ऐसे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका देने की दिशा में काम कर रही है।
लीग के अध्यक्ष राजेश झा, उपाध्यक्ष रवि चिकार, निदेशक मुकेश सिंह और मार्गदर्शक अशोक मल्होत्रा ने संयुक्त बयान में कहा, “हमारे लिए यह केवल क्रिकेट प्रतियोगिता नहीं, बल्कि उन खिलाड़ियों को अवसर देने की पहल है, जो प्रतिभावान और परिश्रमी होने के बावजूद अपनी क्षमता दिखाने के लिए पर्याप्त मंच तक नहीं पहुंच पाते। हमारा मानना है कि आर्थिक सीमाएं किसी खिलाड़ी के सपनों के आड़े नहीं आनी चाहिए। हमारा प्रयास है कि योग्य खिलाड़ियों को जरूरी सुविधाएं, सहयोग, मार्गदर्शन और प्रतिस्पर्धा का अवसर मिले, ताकि वे अपने खेल को बेहतर बनाकर आगे बढ़ सकें।
क्रिकेट और सामाजिक कार्यों से जुड़े लोगों की पहल पर शुरू की गई एसटीसीएल का उद्देश्य 16 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मंच देना है, जिन्हें पारंपरिक क्रिकेट प्रतियोगिताओं में पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते। कई बार टूर्नामेंट की फीस, आने-जाने का खर्च और रहने की व्यवस्था जैसे कारण खिलाड़ियों की राह में बाधा बन जाते हैं। लीग इसी चुनौती को दूर करने की दिशा में काम करना चाहती है, ताकि खिलाड़ियों का चयन उनकी प्रतिभा और प्रदर्शन के आधार पर हो सके।
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