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एनर्जी इनोवेशन इकोसिस्टम को सशक्त करने के लिए त्रिपक्षीय MoU साइन 

मुंबई। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ONGC) ने MC²⁺ फाउंडेशन के साथ मिलकर 8 सितंबर 2026 को पवई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) बॉम्बे कैंपस में भारत के सबसे बड़े एनर्जी इनोवेशन एक्सेलेरेटर, MC²⁺ इग्नाइट के मुंबई सिटी कनेक्ट कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस प्रोग्राम में एनर्जी सेक्टर, एकेडेमिया, रिसर्च इंस्टीट्यूशन, स्टार्टअप और बड़े इनोवेशन इकोसिस्टम के लीडर्स एक साथ आए ताकि भारत के एनर्जी सेक्टर में इनोवेशन को तेज़ करने के लिए उभरती टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्री की चुनौतियों और अन्य अवसरों का पता लगाया जा सके।

इस इवेंट का नेतृत्व ओएनजीसी के चेयरमैन और सीईओ अरुण कुमार सिंह ने किया और इसमें इंस्टिट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (ICT), मुंबई के वाइस चांसलर प्रो. अनिरुद्ध बी. पंडित मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। इसके अलावा आईआईटी बॉम्बे के डायरेक्टर प्रो. शिरीष केदारे, ओएनजीसी के डायरेक्टर (एक्सप्लोरेशन) ओम प्रकाश सिन्हा, भास्कर चौधरी नेत्तेम (ओएनजीसी के डेज़िग्नेटेड OSD - प्रोडक्शन), रत्नेश कुमार (ओएनजीसी के इडी–चीफ कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी), MC²⁺ के प्रतिनिधि धनंजय राय, शाजी वर्गीस (चीफ एग्ज़ीक्यूटिव ऑफिसर - सोसाइटी फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप SINE, आईआईटी बॉम्बे), प्रो. निशांत शर्मा (SINE) और प्रो. योगेंद्र शास्त्री (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन ऑयल, गैस एंड एनर्जी CoEOGE, IIT बॉम्बे) की विशेष उपस्थिति रही।

MC²+ फाउंडेशन, आईआईटी बॉम्बे और सोसाइटी फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (SINE) के बीच त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन, 8 सितंबर 2026 को MC²⁺ इग्नाइट मुंबई सिटी कनेक्ट के दौरान साइन किया गया जो इस कार्यक्रम का अहम पड़ाव था। 
इस सहयोग का मकसद इंडस्ट्री, एकेडेमिया और स्टार्टअप्स के बीच इंटरफेस को सशक्त करना है, जिससे इनोवेटर्स को रिसर्च और डेवलपमेंट सुविधाओं, लैब्स, एकेडमिक और इंडस्ट्री मेंटर्स, फंडिंग, मार्केट एक्सेस और असल दुनिया के ऑपरेटिंग माहौल में पायलट प्रोजेक्ट्स शुरू करने के अवसर मिलेंगे।
MC²⁺ इकोसिस्टम में एक पार्टनर PSU के तौर पर, ONGC, AI-ड्रिवन सबसरफेस इंटेलिजेंस और छह दूसरी एनर्जी इनोवेशन थीम्स पर IIT बॉम्बे और SINE के साथ मिलकर काम करेगा, जिससे इंडस्ट्री की प्रॉब्लम स्टेटमेंट्स और उभरते टेक्नोलॉजिकल सॉल्यूशन्स एक साथ आएंगे।  इस एंगेजमेंट से उम्मीद है कि अच्छी टेक्नोलॉजी रिसर्च और डेवलपमेंट से वैलिडेशन, पायलट, डिप्लॉयमेंट और कमर्शियल स्केल तक आगे बढ़ सकेंगी।
मुंबई सिटी कनेक्ट, MC²⁺ इग्नाइट के लिए देश भर में आउटरीच का हिस्सा है, जिसे फंडिंग, टेक्निकल एक्सपर्टीज़, रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर, पायलट अवसरों और इंडस्ट्री एंगेजमेंट तक पहुँच के माध्यम से एनर्जी सेक्टर के लिए इनोवेटिव सॉल्यूशन डेवलप करने वाले स्टार्टअप्स को सपोर्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
एक्सेलरेटर 30 हाई-पोटेंशियल शुरुआती स्टेज के स्टार्टअप्स को सपोर्ट करेगा। चुने गए स्टार्टअप्स कन्वर्टिबल फंडिंग में ₹50 लाख तक और माइलस्टोन-बेस्ड फंडिंग में ₹1.5 करोड़ तक के लिए एलिजिबल होंगे, जिससे हर स्टार्टअप को ₹2 करोड़ तक का पोटेंशियल सपोर्ट मिल सकता है।
यह प्रोग्राम सात एरिया पर फोकस करता है: AI-ड्रिवन सबसरफेस इंटेलिजेंस; नेक्स्ट-जेनरेशन ड्रिलिंग और वेल कम्प्लीशन टेक्नोलॉजी; हाइड्रोजन और मोबिलिटी; कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) पर फोकस के साथ बायोएनर्जी; रिफाइनरी प्रोसेस इंटेंसिफिकेशन और कैटेलिसिस; डिजिटल एसेट मैनेजमेंट; और एनर्जी सेक्टर से जुड़े दूसरे इनोवेशन। प्रोग्राम के दौरान एक पैनल डिस्कशन और स्टार्टअप शोकेस में सागर डिफेंस, स्ट्रिंग बायो, वेलआरएक्स, एंजेलबॉट AI और VDT पाइपलाइन सॉल्यूशंस के फाउंडर्स और रिप्रेजेंटेटिव्स ने हिस्सा लिया, जिन्होंने स्टार्टअप जर्नी और उभरती टेक्नोलॉजी को स्केलेबल इंडस्ट्री सॉल्यूशंस में बदलने के अवसरों पर सकारात्मक उदाहरण के साथ विस्तृत जानकारी दिया।

MC²⁺ इग्नाइट को 19 अगस्त 2026 को IIT मद्रास में पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय के सेक्रेटरी और MC² फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. नीरज मित्तल ने बड़ी ऑयल और गैस कंपनियों और पार्टनर इंस्टीट्यूशन्स के लीडर्स की उपस्थिति में ऑफिशियली लॉन्च किया था। मुंबई प्रोग्राम 3 सितंबर 2026 को हुए पुणे सिटी कनेक्ट के बाद हुआ और एक्सेलरेटर के लिए बड़े मल्टी-सिटी आउटरीच का हिस्सा है।

MC²⁺ फाउंडेशन भारत के एनर्जी सेक्टर से जुड़ी टेक्नोलॉजी के डेवलपमेंट, वैलिडेशन, डिप्लॉयमेंट और कमर्शियलाइजेशन को आसान बनाने के उद्देश्य से बड़ी एनर्जी कंपनियों, एकेडमिक और रिसर्च इंस्टीट्यूशन्स, स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स को एक साथ लाता है।

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