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सेक्राइट ने किया ‘ऑपरेशन शैडोरिक्रूट’ का पर्दाफाश 

मुंबई। वैश्विक साइबर सुरक्षा समाधान प्रदाता, क्विक हील टेक्नोलॉजीज लिमिटेड की एंटरप्राइज सुरक्षा शाखा सेक्राइट ने ऑपरेशन शैडोरिक्रूट के बारे में प्रमुख जानकारियों का खुलासा किया है। यह भर्ती के नाम पर चलाया जा रहा एक मैलवेयर अभियान है, जो कैबिनेट सचिवालय में सीनियर फील्ड ऑफिसर पदों के लिए फर्जी भर्ती नोटिस के माध्यम से भारतीय सरकारी नौकरियों की तलाश करने वाले युवाओं को निशाना बना रहा है। इस अभियान में एक दुर्भावनापूर्ण एलएनके फाइल, एक पावरशेल स्क्रिप्ट और एक .NET एक्जीक्यूटेबल फाइल वाली ZIP आर्काइव का इस्तेमाल किया जाता है। इसके ज़रिए हमलावर शुरुआती पहुंच बनाते हैं, एक कस्टम रिमोट एक्सेस ट्रोजन (आरएटी) तैनात करते हैं और एक गुप्त कमांड-एंड-कंट्रोल चैनल बनाए रखते हैं।

भारत की सबसे बड़ी मैलवेयर विश्लेषण सुविधा, सेक्राइट लैब्स के शोधकर्ताओं ने पाया कि हमलावर संक्रमण के दौरान वैध रिमोट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म कंट्रोलआर का भी दुरुपयोग करते हैं। इसके बाद वे अंतिम पेलोड के लिए एक बैकअप कमांड-एंड-कंट्रोल चैनल के रूप में गूगल शीट्स का उपयोग करते हैं, जिसे सेक्राइट ने शीटएजेंट आरएटी नाम दिया है। यह मैलवेयर संक्रमित सिस्टम को एक स्प्रेडशीट में रजिस्टर करता है, हमलावर द्वारा नियंत्रित सेल्स से कमांड पढ़ता है और परिणाम वापस लिखता है, जिससे एक चैनल बाधित होने पर भी ऑपरेशन जारी रहता है।

इस अभियान की शुरुआत एक ज़िप आर्काइव से होती है जो देखने में "अनुमोदित दस्तावेज" का भ्रम पैदा करती है, लेकिन वास्तव में इसमें एक दुर्भावनापूर्ण शॉर्टकट, एक पावरशेल डाउनलोडर और एक छिपी हुई निष्पादन योग्य फाइल शामिल होती है। एलएनके फाइल को ब्राउजर आइकन के रूप में छुपाया गया है जो हिडन मोड में पावरशेल स्टेज को लॉन्च करती है। यह पावरशेल .NET ड्रॉपर्स को ट्रिगर करने से पहले पीड़ित मशीन को कंट्रोलआर में डाउनलोड और एनरोल करता है। इसके बाद ड्रॉपर शेड्यूल किए गए टास्क या स्टार्ट-अप शॉर्टकट के माध्यम से सिस्टम में अपनी पैठ बना लेता है, जबकि स्क्रीन पर एक फर्जी भर्ती दस्तावेज टारगेट का ध्यान भटकाने का काम करता है।

यह जाल भारतीय नौकरी तलाशने वालों, विशेष रूप से सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने वालों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो इस अभियान को अत्यधिक विश्वसनीय और सामाजिक छलावे पर आधारित है। यह फर्जी दस्तावेज एक आधिकारिक भर्ती नोटिस की नकल करता है और इसमें पात्रता मानदंड, रिक्तियां, आवेदन निर्देश और अंतिम तिथियां जैसी जानकारी शामिल होती है। यह सब पीड़ित को फर्जी अवसर पर केंद्रित रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जबकि मैलवेयर बैकग्राउंड में अपना काम करता है।

अंतिम पेलोड, शीटएजेंट आरएटी, को मजबूत और परिचालन रूप से लचीला बनाने के लिए तैयार किया गया है। यह गूगल शीट्स और गूगल ड्राइव एपीआई तक पहुँचने के लिए हार्डकोडेड गूगल सर्विस अकाउंट क्रेडेंशियल्स का उपयोग करता है। इससे हमलावर को स्प्रेडशीट सेल्स के माध्यम से कमांड देने, पीड़ित की जानकारी स्टोर करने और संक्रमित सिस्टम से निष्पादन परिणाम प्राप्त करने की सुविधा मिलती है। सेक्राइट के विश्लेषण से यह भी पता चला है कि मैलवेयर में वर्चुअलाइज्ड वातावरण से बचने और सैंडबॉक्स का पता चलने पर निशान मिटाने के लिए एंटी-एनालिसिस जाँच और क्लीनअप रूटीन शामिल हैं।

यह अभियान भारत में सरकारी, शैक्षणिक और तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े लोगों को निशाना बनाता है, जो दिखाता है कि सरकारी नौकरी के नाम पर आज भी विभिन्न वर्गों के उपयोगकर्ताओं को सहजता से भ्रमित किया जा सकता है। यह साइबर हमलों के एक बड़े तरीके को दिखाता है, जहाँ हमलावर किसी बड़े वायरस हमले का शोर मचाने के बजाय, लोगों का भरोसा जीतने के लिए असली दिखने वाले नोटिस और गूगल शीट्स जैसे रोज़ इस्तेमाल होने वाले टूल का सहारा लेते हैं, ताकि किसी को शक न हो। यह खतरा सेक्राइट की इंडिया साइबर थ्रेट रिपोर्ट 2026 के दावों से भी मेल खाता है। इस रिपोर्ट में पहले ही चेतावनी दी गई थी कि अब साइबर हमले ज़्यादा छिपे हुए और ऑटोमैटिक होते जा रहे हैं, और हैकर्स सेंध लगाने के लिए क्लाउड सेवाओं व ऑनलाइन काम करने वाले प्लेटफॉर्मों का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं।

इस संदर्भ में, सेक्राइट डीआरपीएस संगठनों को शैडोरिक्रूट जैसे अभियानों का समर्थन करने वाले बाहरी बुनियादी ढांचे को पहचानने और उसे बेअसर करने में मदद कर सकता है। इसमें दुर्भावनापूर्ण डोमेन, पहचान चुराने वाली संपत्तियां और संबंधित वेब-आधारित खतरे शामिल हैं।

इसके अलावा, संवेदनशील आवेदकों, कर्मचारियों और परिचालन संबंधी रिकॉर्ड का प्रबंधन करने वाले संगठनों के लिए सेक्राइट डेटा प्राइवेसी एक अनिवार्य आवश्यकता के रूप में उभरता है, क्योंकि भर्ती के छलावे से शुरू होने वाले अभियान अक्सर क्रेडेंशियल चोरी या डेटा उजागर होने पर समाप्त होते हैं। सेक्राइट के सभी उत्पाद डीपीडीपी अधिनियम (डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट) के प्रावधानों के अनुरूप हैं, जो संगठनों को सुरक्षा और नियामक तत्परता दोनों को मजबूत करने में मदद करते हैं।
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