नेरल। इंटरनेशनल योग डे के अवसर पर रायगढ़ जिले के नेरल तालुका में एक दिवसीय योग साधना संपन्न हुआ। योग साधना सेंटर की फाउंडर नलिनी मंगेश कराले (योग टीचर योगशास्त्र में एमए, मराठी लिटरेचर में एम फिल, एडवांस योग, पावर योग जुम्बा और अन्य एक्टिविटीज़) के मार्गदर्शन में आगरी समाज हॉल में योगा क्लास में नेरल के स्थानीय स्त्री और पुरुषों ने भाग लिया।
आगरी समाज हॉल में सुबह और शाम दोनों समय योग साधना किया जाता है।
19 जून को प्रातःकालीन बेला पर सेवानिवृत्त शिक्षक प्रभाकर चासकर, योग टीचर नलिनी कराले और को-टीचर मीना गोडे ने दीप प्रज्ज्वलित और पूजा कर योग साधना का अभ्यास आरंभ किया। इसके साथ ही, प्राणायाम योग और योग के महत्व के बारे में अपने विचार व्यक्त किये।
योग कोई एक्सरसाइज़ नहीं, बल्कि एक प्रैक्टिस है। सुखम स्थैर्य आसन का महत्व समझाया गया। आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी और बदलते लाइफस्टाइल की वजह से शरीर पर पड़ने वाले असर और होने वाली बीमारियों के बारे में बताते हुए, नलिनी कराले ने योग के महत्व के बारे में बताया।
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