अत्याधुनिक रेससिटेशन प्रणालियों से सुसज्जित, वैश्विक मानकों से बेहतर परिणाम देने वाली उन्नत सुविधा
मुंबई। फोर्टिस हॉस्पिटल, मुलुंड ने अपने पुनर्संकल्पित और उन्नत अगली पीढ़ी के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग — ‘न्यू-एज ईआर’ — के शुभारंभ की घोषणा की। यह विभाग तीव्र, प्रोटोकॉल-आधारित और परिणाम-केंद्रित आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। अत्याधुनिक रेससिटेशन अवसंरचना और वैश्विक मानकों पर आधारित कार्यप्रणालियों के साथ, ‘न्यू-एज ईआर’ मुंबई में आपातकालीन तैयारी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतीक है।
उद्घाटन समारोह की शोभा माननीय हेमराजसिंह राजपूत (आईपीएस), उपायुक्त पुलिस (ज़ोन 7) ने बढ़ाई। उनके साथ डॉ. एस. नारायणी (बिज़नेस हेड – फोर्टिस हॉस्पिटल्स, महाराष्ट्र), डॉ. विशाल बेरी (फैसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस हॉस्पिटल, मुलुंड) तथा डॉ. संदीप गोरे (निदेशक – आपातकालीन चिकित्सा, फोर्टिस हॉस्पिटल, मुलुंड) उपस्थित थे।
नवीन रूप से विकसित इस आपातकालीन विभाग में अब 27 बेड हैं, जिनमें दो आइसोलेशन बेड शामिल हैं। यह संरचित क्लिनिकल पाथवे, उन्नत बेडसाइड डायग्नोस्टिक्स और बहु-विषयक समन्वय को एकीकृत करता है, ताकि समय-संवेदी आपात स्थितियों — जैसे हृदयाघात, पक्षाघात (एक्यूट स्ट्रोक), सेप्टिसेमिक शॉक, पॉलीट्रॉमा, पल्मोनरी एम्बोलिज़्म तथा अन्य गंभीर चिकित्सीय आपात स्थितियों — का प्रभावी प्रबंधन किया जा सके। इन स्थितियों में परिणाम त्वरित प्रतिक्रिया, सटीक निदान और समय पर हस्तक्षेप पर निर्भर करते हैं।
डॉ. संदीप गोरे (निदेशक – आपातकालीन चिकित्सा, फोर्टिस हॉस्पिटल, मुलुंड) के नेतृत्व में, फोर्टिस हॉस्पिटल, मुलुंड की इमरजेंसी टीम ने पिछले 15 वर्षों में 2 लाख से अधिक चिकित्सा आपात मामलों का सफलतापूर्वक उपचार किया है और वैश्विक मानकों से बेहतर परिणाम प्रदान किए हैं।
यह विभाग POCUS-आधारित रेससिटेशन और उन्नत पॉइंट-ऑफ-केयर टेस्टिंग (POCT) में अग्रणी है, जिससे कुछ ही मिनटों में बेडसाइड डायग्नोस्टिक्स संभव हो पाता है। 15 वर्षों के सशक्त क्लिनिकल डेटा और निरंतर गुणवत्ता सुधार की संस्कृति से समर्थित यह मॉडल मापनीय परिणामों और 24×7 विशेषज्ञ इमरजेंसी कवरेज पर केंद्रित है।
‘न्यू-एज ईआर’ की प्रमुख विशेषताएं:
• उन्नत मॉनिटरिंग और रेससिटेशन क्षमताओं के साथ समर्पित उच्च-गंभीरता रेससिटेशन बे
• बेडसाइड पर एकीकृत POCUS एवं इमेजिंग सुविधा
• सुव्यवस्थित ट्रायाज और त्वरित उपचार क्षेत्र
• विस्तारित ऑब्जर्वेशन और क्रिटिकल केयर होल्डिंग एरिया
• ECMO-तैयार रेससिटेशन सुविधा
• फास्ट-ट्रैक इमरजेंसी आउट-पेशेंट सेवा
• डॉक्टरों और नर्सों के लिए सिमुलेशन एवं प्रशिक्षण क्षेत्र
• रियल-टाइम गुणवत्ता और सुरक्षा निगरानी हेतु डिजिटल डैशबोर्ड
डॉ. संदीप गोरे (निदेशक – आपातकालीन चिकित्सा, फोर्टिस हॉस्पिटल, मुलुंड) ने कहा, “आज की इमरजेंसी मेडिसिन की पहचान प्रोटोकॉल, तैयारी और सटीकता से होती है। पुनर्संरचित यह विभाग त्वरित ट्रायाज, एकीकृत उपचार पथ और प्रशिक्षित आपात प्रतिक्रिया टीमों की 24 घंटे उपलब्धता के माध्यम से समय-संवेदी हस्तक्षेप को और सशक्त बनाता है। STEMI, स्ट्रोक, सेप्सिस, ट्रॉमा और कार्डियक अरेस्ट के मामलों में हमारे डेटा यह दर्शाते हैं कि संरचित प्रणालियां जीवित रहने की दर और परिणामों में किस प्रकार निरंतर सुधार ला सकती हैं — जो वैश्विक मानकों से बेहतर हैं।”
अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में जीवनरक्षक सीपीआर प्राप्त करने वाले सैकड़ों मरीजों का प्रतिनिधित्व करते हुए दो मरीज उद्घाटन समारोह में उपस्थित रहे। 52 वर्षीय संतोषी कुमावत ने 35 मिनट तक लगातार सीपीआर के बाद गंभीर पल्मोनरी एम्बोलिज़्म से उबरकर जीवन पाया। पुनर्जीवन के दौरान उन्हें थ्रोम्बोलाइसिस दिया गया और वे बिना किसी न्यूरोलॉजिकल कमी के स्वस्थ हुईं। वहीं 50 वर्षीय विनिता बिपिन को 60 मिनट के सीपीआर के बाद नाड़ी वापस मिली। इसके पश्चात उनकी प्राथमिक एंजियोप्लास्टी की गई और वे पूर्ण रूप से स्वस्थ हुईं, बिना किसी न्यूरोलॉजिकल क्षति के। इतने लंबे पुनर्जीवन के बाद इस प्रकार के परिणाम विश्व स्तर पर अत्यंत दुर्लभ माने जाते हैं।
माननीय हेमराजसिंह राजपूत (आईपीएस), उपायुक्त पुलिस (ज़ोन 7) ने कहा, “आपात स्थिति में पहला प्रत्युत्तर देने वाला अक्सर सड़क पर तैनात ट्रैफिक पुलिस अधिकारी होता है, जो मार्ग साफ कर एंबुलेंस को रास्ता देता है। वे जो कुछ मिनट बचाते हैं, वही जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर बन सकते हैं। आवश्यक है कि उनके प्रयासों को ऐसे सुसज्जित और तत्पर अस्पतालों का सहयोग मिले, जो मरीज के पहुंचते ही कार्रवाई के लिए तैयार हों। जब सड़क और अस्पताल तालमेल में काम करते हैं, तो जीवन बचते हैं।”
फोर्टिस हॉस्पिटल, मुलुंड आसपास के क्षेत्रों में आपातकालीन प्रतिक्रिया नेटवर्क को मजबूत करने के लिए नागरिक निकायों, ट्रैफिक प्राधिकरणों और अन्य स्थानीय संस्थाओं के साथ निरंतर सहयोग कर रहा है। वर्ष 2019 से 2026 के बीच, अस्पताल की टीम ने 14,530 पुलिस एवं ट्रैफिक कर्मियों को चिकित्सा आपात स्थितियों में सीपीआर देने का प्रशिक्षण प्रदान किया है। इस प्रयास को आगे बढ़ाते हुए, ठाणे-मुलुंड-भांडुप क्षेत्र के सभी ट्रैफिक एवं पुलिस कर्मियों को आपात तैयारी, प्राथमिक उपचार, मरीज स्थिरीकरण और सुरक्षित स्थानांतरण का प्रशिक्षण एवं प्रमाणन दिया जाएगा।
डॉ. विशाल बेरी (फैसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस हॉस्पिटल, मुलुंड) ने कहा, “न्यू-एज ईआर के माध्यम से हमने उन्नत अवसंरचना और सशक्त क्लिनिकल विशेषज्ञता को एक साथ लाया है, ताकि जब समुदाय को हमारी सबसे अधिक आवश्यकता हो, तब हम पूरी तरह तैयार रहें। त्वरित बेडसाइड डायग्नोस्टिक्स से लेकर गंभीर आपात स्थितियों के लिए समन्वित प्रतिक्रिया टीमों तक, विभाग के हर पहलू को तेज और प्रभावी कार्य के लिए सोच-समझकर डिज़ाइन किया गया है। हमारा उद्देश्य स्पष्ट है — आपात स्थिति में मरीजों और उनके परिजनों को समय पर, विश्वसनीय और उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवा प्रदान करना।”
गति, विज्ञान और जीवन रक्षा पर आधारित ‘न्यू-एज ईआर’ फोर्टिस हॉस्पिटल, मुलुंड में आधुनिक आपातकालीन चिकित्सा सेवा का एक नया मानक स्थापित करता है। एकीकृत 24×7 आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 022 41114111 अस्पताल के लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर तक त्वरित पहुंच सुनिश्चित करता है।
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